विश्व निशक्तजन दिवस पर हुआ कार्यक्रम, वक्ताओं ने कहा- विशेष योग्यजन समाज का अभिन्न अंग

Hanumangarh News - विधायक चौ. विनोद कुमार ने कहा इस समाज में जन्म लेने के नाते विशेष योग्यजन भी समाज का अभिन्न अंग हैं, जिन्हें उनके...

Dec 04, 2019, 09:35 AM IST
विधायक चौ. विनोद कुमार ने कहा इस समाज में जन्म लेने के नाते विशेष योग्यजन भी समाज का अभिन्न अंग हैं, जिन्हें उनके अधिकारों के साथ समाज में रहने का हक है। समाज में दिव्यांग जनों के प्रति कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर कर सभी विशेष योग्यजनों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जाना चाहिए। विधायक मंगलवार को विश्व निशक्तजन दिवस के उपलक्ष्य में राहुल गुप्ता मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से संचालित निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं अनुसंधान केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। विधायक ने कहा कि विशेष जनों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विशेष योजनाओं का लाभ लेने की बात कही। डॉ. जसवीर सिंह विर्क ने कहा दिव्यांगता को जीवन में अभिशाप नहीं मानना चाहिए। हौसला रखें, आगे मंजिल जरूर मिलेगी।

उन्होंने कहा विशेष योग्यजनों में दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी नहीं होती। केंद्र प्रमुख रमन झूंथरा ने कहा कि निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण से निशक्तजनों में उनके जीवन में नया उत्साह संचालित होता है। उन्होंने बताया कि केंद्र की ओर से निशक्तजनों को निशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान किए जाते हैं। इसी प्रकार मंगलवार को भी पांच निशक्तजनों को कृत्रिम अंग लगाए गए। इस मौके पर मुस्ताक जोइया, गुरमीतसिंह चंदड़ा आदि मौजूद थे।

कृत्रिम अंग प्रत्यारोपित किए तो निशक्तजनों ने कहा- अब मिला बैसाखी से छुटकारा, कर सकेंगे समाज का नाम रोशन

बैसाखी के सहारे चलती थी मेरी जिंदगी: लूणाराम

रावतसर के लूणाराम ने बताया कि छह माह पहले कार और बाइक का एक्सीडेंट हो गया। इस दौरान एक दायां पैर कट गया। इस दौरान वे बैसाखी के सहारे चलने लगे। लूणाराम बाइक पर मणियारी का सामान बेचते थे। चार बच्चों सहित पूरे परिवार का पालन पोषण करते थे। मगर पैर टूटने के बाद वे अपाहिज हो गए और काम भी नहीं कर पा रहे। ऐसे में परिवार के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया। इसके बाद डॉ. भूपराम ने हनुमानगढ़ का बताया। आज यहां आया तो अब वह खुद ही चलने लगे है। ऐसा इसलिए संभव हो सका है कि उसे कृत्रिम अंग लगाया गया।


अबोहर निवासी ज्योति मंगलवार को कृत्रिम पैर लगने के बाद दोनों पैर से चलते दिखी। ट्रेन से गिरने के बाद ज्योति का एक पैर कट गया था। ज्योति ने बताया इस वजह से वह चल नहीं सकती। छह महीनों बाद पहली बार दोनों पैर से चलकर काफी अच्छा महसूस हो रहा है।


श्रीगंगानगर से आए सुभानदीन ने बताया कि उन्हें बुखार होने पर किसी डॉक्टर ने इंजेक्शन लगा दिया, जिससे पोलिया हो गया। इसके बाद वे चल नहीं पा रहे। अब उन्हें कृत्रिम अंग लगाया तो चलने लगे हैं। सुभानदीन ने बताया कि उनके अंदर भी अपने माता-पिता समाज व देश का नाम रोशन करने का सपना है।

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