- Hindi News
- National
- Hanumangarh News Rajasthan News The First Such Musician In The District Who Excelled In More Than 50 Instruments Gave Music In More Than 500 Albums
जिले के पहले ऐसे संगीतज्ञ जो 50 से अधिक वाद्ययंत्रों में पारंगत, 500 से अधिक एल्बम में संगीत दिया
आइए आज आपको मिलवाते हैं। एक ऐसे संगीत प्रशिक्षक से जिन्होंने जिले का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। टाउन निवासी लेखराज बबलू जो पिछले 30 वर्षों से संगीत के क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं। ख़ास बात यह है कि यह जिले के ऐसे एकमात्र संगीतकार हैं। जो वायु, तार, घन एवं खाल वाले 50 से अधिक वाद्ययंत्र बजा सकते हैं। भास्कर से बात करते हुए संगीत विशारद एलआर बबलू बताते हैं कि उनके गुरु पिता नंदराम ने बचपन से उन्हें संगीत की शिक्षा देनी प्रारंभ कर दी थी। वे अपनी सफलता का श्रेय वे अपने पिता और मां परमेश्वरी देवी को देते हैं। उन्होंने दीदी मां नाम से विख्यात अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक साध्वी ऋतंभरा के साथ भी करीब 6-7 साल काम किया है। इसमें वे उनकी कथा में ऑर्गन व सितार बजाते थे। पिछले 25 वर्षों से वे प्रशासनिक कार्यक्रमों में संगीत का निर्देशन करते आ रहे हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में भी उन्हें निर्णायक के तौर पर बुलाया जाता है। आकाशवाणी सूरतगढ़ में भी 8 से 10 वर्षों तक सोलो परफॉरमेंस दे चुके हैं। इसके अलावा हिंदी, पंजाबी एवं राजस्थानी भाषाओं में भी उनके गाने धूम मचा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे जी न्यूज के टैलेंट हंट कार्यक्रम में भी जज की भूमिका निभा चुके हैं। वर्तमान में उत्तम पब्लिक स्कूल में सेवाएं दे रहे हैं।
{पिछले 30 वर्षों में एक हजार से अधिक बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे चुके
पिछले 20 वर्षों से वे अपने संगीत शिक्षा संस्थान में संगीत शिक्षण प्रशिक्षण एवं परीक्षा केंद्र में बच्चों को संगीत सिखाते आ रहे हैं। भास्कर से बात करते हुए वे बताते हैं कि उनका अहम लक्ष्य जिले में ऐसे बच्चों को भी ढूंढना है जिनमें गाना गाने या वाद्य यंत्र बजाने की काबिलियत है। अगर बच्चा काबिल है तो वे उन्हें बिलकुल निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 30 वर्षों में उन्होंने करीब 1 हजार बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया है। इनमें से कुछ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर चुके हैं। उनके कुछ शिष्य बीते वर्षों में एक हास्य कार्यक्रम कपिल शर्मा शो में भी संगीत दे चुके हैं। अपने अब तक के करियर में उन्होंने 500 से अधिक एलबम में संगीत दिया है।
इस होली पर हनुमानगढ़ की ऐतिहासिक विशेषताएं दिखाता गाना भी किया रिलीज
हाल ही में उन्होंने ऑकलैंड एवं न्यूजीलैंड में बना पंजाबी गाना टाइम चक दे में अपना संगीत दिया था। अभी हाल ही में उन्होंने होली के मौके पर ‘हैप्पी होली’ नाम से भी एक गाना अपने यू ट्यूब चैनल पर अपलोड किया है। ख़ास बात यह है कि इस गाने में हनुमानगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में दर्शाया गया है। यह गाना यू-ट्यूब पर एलआर बबलू म्यूजिक सिरीज के नाम के चैनल पर देख सकते हैं।
इन वाद्ययंत्रों में महारथ हासिल
{फूंक वाद्ययंत्र- हारमोनियम, बांसुरी, बीन, शंख, अकोर्डियन, मेलोडिका, माउथ ऑर्गन, बेगपाइप्स, बिगुल, अलगोजा और मोरचंग
{तार वाद्ययंत्र- बैंजो, गिटार, सितार, मेंडोलिन, वाइलिन, वीणा, तानपुरा, इकतारा, तुम्बी, संतूर, रुबाब, स्वरमंडल, हार्प और बास गिटार
{खाल वाद्ययंत्र- तबला, ढोलक, डेरू, पखावज, नाल, ड्रमसेट, कोंगो, बोंगो, डफ, डफली, नगाड़ा, तांसे, थूम्बा, डमरू और भपंग
{घन वाद्ययंत्र- मटका, मंजीरा, खड़ताल, पिआनो, जलतरंग, पाइप ऑर्गन, तम्बुरियन, मारकस, चिमटा और जाइलोफोन
{इलेक्ट्रोनिक - ऑक्टोपैड और ऑर्गन