• Hindi News
  • National
  • Hanumangarh News Rajasthan News The People39s Women Sent The Memorandum To The Chief Minister Said How Will It Run In Five Kg Of Wheat Per Unit Back 35 Kg

जनवादी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, कहा- प्रति इकाई पांच किलो गेहूं में कैसे चलेगा गुजारा, वापस 35 किलो किया जाए

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को विभिन्न मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकला वर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन पांच मांगों को शीघ्र हल करवाने की गुहार लगाई गई। चंद्रकला वर्मा ने बताया कि जब यह सरकार बनी तो तमाम महिला वर्ग को यह उम्मीद थी कि महिलाओं की समस्याओं का निराकरण सबसे पहले होगा लेकिन अब तक महिलाओं को सिर्फ निराशा ही मिली है। वहीं जिलाध्यक्ष सर्वजीत कौर ने बताया कि महिलाओं के मन में कई ऐसे सवाल अब भी सवाल बने हुए हैं जो हल नहीं हुए। वहीं जिला सचिव कमला मेघवाल ने बताया कि महिलाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें होती हैं लेकिन उनकी मांगें आज तक पूरी नहीं हुई है। सभी जनवादी महिला समिति से जुड़ी महिलाओं ने सौंप गए ज्ञापन में बताया कि पात्र परिवारों को पहले 35 किलो गेहूं राशन प्रति परिवार दिया जाता था, वह अब प्रति इकाई 5 किलोग्राम कर दिया है। इसे पूर्व की तरह प्रति परिवार 35 किग्रा किया जाना चाहिए, महिलाओं को संसद, विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन बिना शर्त लागू करने, मनरेगा को शहरी इलाके में शुरू करने व 200 दिन देने, मिड डे मील का मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में कृष्णा मेघवाल, ईशा दवी, मंजु, दाखो देवी, जसविंद्र कौर, जेठी देवी सहित कई महिलाएं मौजूद थी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़

भादरा| अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ उपशाखा भादरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व आशा सहयोगियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगो के समाधान की मांग की। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिन, साथिन को नियमित राज्य कर्मचारी नियुक्त कर न्यूनतम मानदेय 20 हजार प्रतिमाह करने, विभाग में महिला पर्यवेक्षक के पद में 50 प्रतिशत आरक्षण देने, आंगनबाड़ी केन्द्रों को नर्सरी पाठशालाओं का दर्जा देकर उन्हें नर्सरी अध्यापक का पद देने, स्कूलों की भांति आंगनबाड़ी केन्द्र को ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन अवकाश देने, महिला प्रर, प्रचेताओं, कनिष्ठ लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी महिलाओं से भरने व 10 वर्ष का अनुभव प्राप्त कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का बनाने, सामाजिक सुरक्षा के लिए सीपीएफ योजना से जोड़ने व पेंशन लागू करने, आंगनबाड़ी महिला कर्मियों को पूर्व से लंबित मांग सेवानिवृत आयु 60 से 62 वर्ष करने के लिए आदेश जारी करने, आशा सहयोगिनी को एएनएम समकक्ष मानते हुए चिकित्सा सहायक बनाने, एएनएम व आशा सुपरवाइजर के पदों में सीधी भर्ती में 50 प्रतशित कोटा आशाओं के लिए आरक्षित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय नौरंगीदेवी, ओमपती, पतासो देवी, सुनीता, कांता रानी, सुनीता, सोमना, प्रमिला, सुमन, रोशनी देवी, भागीदेवी, सुमनरानी, लिछमादेवी, सुमेस्ता, ज्योति, उर्मिला आर्य, कृष्णा कुमारी, संतोष समेत अनेक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिन मौजूद थे।

भादरा

खबरें और भी हैं...