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नहर में दीप विसर्जन कर रहे तीन जने डूबे, दो भाइयों की मौत भतीजे को पुलिसकर्मियों ने बचाया, 14 घंटे बाद निकाले गए शव

एक वर्ष पहले
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जंक्शन में सादुल ब्रांच नहर में गिरे भतीजे को बचाने नहर में उतरे दो सगे भाईयों की मंगलवार अलसुबह डूबने से मौत हो गई जबकि भतीजे को पुलिसकर्मियों ने बचा लिया। इस घटना में प्रशासन शवों की तलाश में पूरी तरह से बेबस नजर आया। हैरानी की बात है कि प्रशासन की ओर से जाल और रस्से तक की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों ने ही खुद के स्तर पर जाल बनाया और 14 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शवों को नहर से बाहर निकाला गया। इससे पहले मृतकों के परिजनों और सिंधी समाज के लोगों ने अबोहर रोड पर जाम लगा रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश कर नहर से शवों की तलाश में तेजी लाकर नागरिकों को शांत किया गया। इस बीच मौके पर टाउन व जंक्शन के बड़ी संख्या में लोग नहर पर एकत्रित हो गए। स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस को पुलिस लाइन के अलावा टाउन से अतिरिक्त जाब्ता बुलाना पड़ा। इससे पहले जंक्शन सीआई धीरेंद्र सिंह शेखावत ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य शुरू कराया। नागरिकों की ओर से जाम लगाने के बाद एसडीएम कपिल यादव और सीओ अंतरसिंह श्योराण मौके पर पहुंचे। इस दौरान एसडीएम ने कर्मचारियों एवं पटवारियों को मौके पर जाल एवं अन्य इंतजाम के निर्देश दिए लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। इस पर कर्मचारियों ने होली के कारण बाजार बंद होना बताया। शाम करीब साढ़े पांच बजे एक शव घटनास्थल के पास ही मिल गया जबकि दूसरे मृतक का शव करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पुल के पास पास मिला। पुलिस ने मृतकों का बुधवार सुबह पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए।

एचएम नौरंगलाल

जंक्शन थाना के एएसआई रामेश्वरलाल, एचएम नौरंगलाल व कांस्टेबल पुरुषोत्तम थाना का कहना है कि थाना से फरार हुए एक मुल्जिम की ग्रेफ चौराहे के पास तलाश में जुटे थे। उसी दौरान कंट्रोल रुम से नहर पर घटना होने की सूचना मिली। इस पर पास में ही पड़ी तार लेकर नहर पर पहुंचे तीनों पुलिसकर्मियों ने देखा कि वहां खड़े दो व्यक्ति बचाओ-बचाओ की पुकार लगा रहे थे। दोनों ने बताया कि उनके दो भाई और भतीजा नहर में गिर गए। यह सुनते ही घबराए नहीं और जीप को करीब एक किलोमीटर दूर तक नहर की पटड़ी पर ले गए। हमारा लक्ष्य महज जीवन बचाना था। इस बीच नहर में बह रही केळी के साथ अटके अमन की तरफ तीनों ने तार फेंका तो उसने पकड़ लिया। इस बीच कांस्टेबल पुरुषोत्तम का एएसआई रामेश्वर और नाैरंगलाल ने हाथ पकड़कर नहर की तरफ झुकाया तो पुरुषोत्तम ने अमन को नहर से बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे नहर की पटड़ी पर लिटाकर पेट से पानी निकाला गया। उसी दौरान एंबुलेंस 108 के पहुंचने पर अस्पताल भिजवाया। इसके बाद जितेंद्र और वीरेंद्र की तलाश में इसी नहर के हैड पर मोबाइल पर बात करते समय एक युवक नहर में गिर गया जिसे एएसआई गिरधारीलाल ने जान पर खेलकर बचाया। गिरधारीलाल के एक पैर में चोट भी आई।

मौत का आंकड़ा|क्षेत्र में हर साल नहर में गिरने से 60 से अधिक मौतें

क्षेत्र में तीन बड़ी नहरें इंदिरागांधी नहर, सादुलब्रांच नहर और सिद्धमुख नहरें हैं। इन नहरों में गिरने और आत्महत्या करने की घटनाएं अमूमन होती रहती है। हर साल नहर में गिरने से 60 से अधिक मौतें हो रही हैं लेकिन प्रशासन के पास नहर में गिरने के बाद बचाव और शव की तलाश के नाम पर कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। नागरिक सुरक्षा आपदा प्रबंधन टीम जरूर है लेकिन रेस्क्यू संसाधनों का अभाव है। नहर में तलाश के लिए जाल तक नहीं हैं। जिले में नहर पर जब भी कोई हादसा होता है तो गोताखोरों से काम चलाया जाता है।


विसर्जन के दौरान चाचा-भतीजा ने पकड़ रखा था एक-दूसरे का हाथ पैर फिसलने से नहर में गिरे तो दूसरा भाई बचाने उतरा, दो की मौत


टाउन की इंदिरा कॉलोनी नंबर तीन के रहने वाले मेरे ताऊ आत्माराम सिंधी के पुत्र विरेंद्र कुमार(40), जितेंद्र उर्फ जीतू(35), देवेंद्र (42), देवेंद्र का बेटा अमन आदि अपनी मां का निधन होने पर परंपरा के अनुसार सादुल ब्रांच नहर पर मंगलवार अलसुबह करीब चार बजे दीपक विसर्जन करने गए थे। इस दौरान विरेंद्र और उसके भतीजे अमन ने दीपक विसर्जन के दौरान एक-दूसरे का हाथ पकड़ रखा था। विरेंद्र का पैर फिसला तो अमन भी उसके साथ नहर में जा गिरा। भाई और भतीजे को नहर में डूबता देख बचाने के लिए जितेंद्र उर्फ जीतू भी नहर में कूद गया। इस दौरान विरेंद्र और उसके भाई जितेंद्र उर्फ जीतू की डूबने से मौत हो गई जबकि अमन को पुलिसकर्मियों ने बचा लिया।(जैसा कि मृतक के चचेरे भाई श्यामसुंदर पुत्र रतनलाल सिंधी निवासी टाउन ने पुलिस को दर्ज कराई मर्ग में बताया)


हमारा लक्ष्य महज जीवन बचाना था इसलिए घबराए नहीं अाैर बचा ली दाे जिंदगियां


नाकामी: जाल और रस्से तक की व्यवस्था नहीं थी, ग्रामीणों ने खुद के स्तर पर निकाले शव

मृतक जीतू

मृतक विरेंद्र

एएसआई गिरधारी

कांस्टेबल पुरुषोत्तम

एएसआई रामेश्वर

मां की मौत के तीसरे दिन दोनों भाइयों की एक साथ अर्थी उठी देख हर किसी की आंखें हो गई नम: टाउन की इंदिरा कॉलोनी की गली नंबर तीन में दो भाईयों की एक साथ घर से अर्थी उठती देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। दोनों मृतकों के दो-दो संतान हैं। मृतक वीरेंद्र प्रोपर्टी डीलर एवं जितेंद्र उर्फ जीतू मुनीमी का काम करता था। टाउन की कल्याण भूमि में दाह संस्कार किया गया।


सिटी हीरो
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