70 दिन की नहरबंदी पर पंजाब में काम शुरू, राजस्थान की फूली सांसें

Hanumangarh News - नहर के इतिहास में पहली बार 70 दिन की नहरबंदी हाेगी। नहरबंदी के दाैरान मरम्मत का काम हाेगा। लाइनिंग से लेकर सैकड़ों...

Dec 04, 2019, 09:31 AM IST
नहर के इतिहास में पहली बार 70 दिन की नहरबंदी हाेगी। नहरबंदी के दाैरान मरम्मत का काम हाेगा। लाइनिंग से लेकर सैकड़ों किलोमीटर जर्जर नहर की मरम्मत होगी। पंजाब ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी हैं। टेंडर प्रक्रिया पर काम शुरू हाेने के साथ ही राजस्थान प्रशासन काे भी अवगत करा दिया कि मार्च के अंतिम सप्ताह से जून तक पानी नहीं अाएगा। नहर प्रशासन ने पीएचईडी अभियंताअाें, संबंधित जिलाें के कलेक्टर समेत सभी संबंधित विभागाें काे भी अवगत करा दिया। एेसे में नहरबंदी के दाैरान स्थिति से निबटने के लिए नाै जिलाें का प्रशासन तैयारियाें में जुट गया है। बीकानेर प्रशासन भी नहरबंदी के दाैरान पेयजल किल्लत से बचने के लिए अभी से याेजनाअाें में जुट गया। इसलिए अभी से कंटीजेंसी प्राेग्राम बनाया जा रहा है। इस साल का कंटीजेंसी प्राेग्राम का बजट बीते सालाें की तुलना में तीन गुना हाेगा क्याेंकि शहर में टैंकर से भी पानी पहुंचाने के हालात बनेंगे। ग्रामीण क्षेत्राें में ताे टैंकर हर साल ही जाते हैं लेकिन इस साल शहर में भी हालात बनेंगे।

नहरबंदी ताे पंजाब-हरियाणा अाैर राजस्थान के बीच हुए एमअाेयू हाेने के साथ ही तय हाे गई थी। पंजाब इस वक्त टेंडर प्रक्रिया में जुटा है। 70 दिन की नहरबंदी तय है। सभी जिला प्रशासन काे इससे अवगत करा दिया गया है। विनाेद मित्तल, मुख्य अभियंता जल संसाधन हनुमानगढ़

नहरबंदी बहुत लंबी है। कितना पानी पीने काे मिलेगा अभी कुछ पता नहीं। एेसे में हमें अभी से तैयारी करनी हाेगी। हमने पूरी टीम के साथ मिलकर पीने के पानी की समीक्षा की है। जाे जरूरी इंतजाम हैं वाे किए जाएंगे। दीपक बंसल, अधीक्षण अभियंता पीएचईडी

2000 क्यूसेक पानी अाएगा फिर भी हाेगी किल्लत

मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू हाेने वाली 70 दिन की नहरबंदी के दाैरान 2000 क्यूसेक पानी ताे नहर में पीने के लिए छाेड़ा जाएगा लेकिन उस पानी पूर्ति नहीं हाे सकेगी। बीकानेर शहर के लिए कंवरसेन लिफ्ट से पानी मिलता है लेकिन बीकानेर इस लिफ्ट का टेल है। कंवरसेन में 500 क्यूसेक पानी छाेड़ने जाने पर ही यहां 100 क्यूसेक के अासपास पानी पहुंचेगा क्याेंकि लिफ्ट में अाैर भी पीएचईडी की स्कीम हैं। एेसे में कंवरसेन लिफ्ट में 200 के अासपास ही पानी मिलने के अासार हैं जिससे शहर में िकल्लत हाेनी तय है। यही वजह है कि पीएचईडी कुअाें की सारसंभाल में जुट गया। इस वक्त शहर में 42 कुएं हैं। अाठ से 10 नए कुएं भी खाेदने की तैयारी चल रही है। कुएं के पानी काे नहर के पानी के साथ मिलाकर जलापूर्ति की जाएगी। कुअां वहीं खाेदा जाएगा जहां मीठा पानी मिलेगा। नागणेची जी मंदिर, करमीसर समेत कुछ इलाकाें में खारा पानी है इसलिए यहां कुएं नहीं खाेदे जाएंगे।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना