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धन से बढ़ती है मनुष्य की तृष्णा : ममता देवी

श्रीगोपाल गोशाला समिति द्वारा गोमाता की सेवार्थ के लिए श्रीमद् भागवत कथा के दौरान रविवार को कथावाचक ममता देवी ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 08, 2018, 02:25 AM IST

श्रीगोपाल गोशाला समिति द्वारा गोमाता की सेवार्थ के लिए श्रीमद् भागवत कथा के दौरान रविवार को कथावाचक ममता देवी ने कहा की इंसान के पास जितना अधिक धन होता हैं उसकी तृष्णा उतनी ही अधिक बढ़ती जाती हैं। जो जितना बड़ा धनी होता है, वह उतनी ही कमी महसूस करता हैं। कम से कमी का जन्म नहीं होता अपितु तुलना से कमी का जन्म होता हैं। अगर कम से कमी का जन्म होता तो फकीर को भी कमी प्रतीत होती परंतु उसे कभी भी कमी प्रतीत नहीं होती हैं।

अविवेक के कारण जिन प्राणियों में बुद्धि की चाह नहींं होती हैं उन्हें उसके महत्व तुलना के बारे में पता नहीं होता हैं। भगवान के द्वारा भक्तों की पूर्ति की जाती है, और भगवान की कथा श्रवण करने का कोई समय नही होता उसे मनुष्य किसी भी अवस्था में सुनकर स्वर्ग को प्राप्त कर सकता है। मनुष्य को भगवान द्वारा जीवन में कई अच्छे मौके अवसर प्राप्त होते है, परंतु मनुष्य उन अवसरों का लाभ नहीं उठाकर राक्षस गुण का भागी होता है।

वर्तमान में मनुष्य प्रत्येक जगह पर तुलना करता हैं परंतु वह स्वविवेक पर ध्यान नहीं देता हैं। कथा के माध्यम से धर्मी, अधर्मी अन्य सभी दुष्कर्मी कृतार्थ होते है। विधाता के लेख के अनुसार ही जन्म, विवाह, संतान प्राप्ति, यश मृत्यु की प्राप्ति होती है। इन्हें वैसे ही नहींं खरीदा जा सकता। कथा अमृत रस है, जिसे जितनी बार सुना जाता है, उतना ही रस आता है, क्यों कि यह आम के फल जैसी है, उन्हें बार -बार चूसकर आनन्द प्राप्त होता है। भगवान का वास भक्त के पास होता है। उन्हें खोजने की आवश्यकता नहीं होती है। कृष्ण रूकमणि विवाह के बारे मे बताया।

भजनाेंपर झूमते रहे भक्त, आरती के बाद हुआ प्रसाद वितरण

कथाके दौरान भजनों पर महिलाओं ने नृत्य किया एवं आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। सोमवार को स्वामी कुशाल गिरि महाराज के सानिध्य मे दर्जनों गौ सैनिक कामधेनु सेना कि सदस्यता ग्रहण करेगे। यह जानकारी कामधेनु सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रवण राम विश्रोई ने दी। कथा संयोजक महावीर अग्रवाल ने बताया कि कस्बे में गौ हितार्थ भागवत कथा के समापन मे 8 जनवरी सोमवार को कस्बे में स्वामी कुशाल गिरि महाराज के आगमन पर जगह-जगह स्वागत किया जाएगा। प्रवीणा सोलंकी ने बताया कि स्वामी कुशाल गिरि महाराज के द्वारा प्रवचन दिए जाएगे। जिसके लिए गांवों मे जाकर पीले चावल बांटे गए है।

भक्तकी रक्षा के लिए अवतरित होते हैं भगवान : गौत्तम

इटावा.अग्रवालसमाज धर्मशाला में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को आचार्य प्रमोद गौतम ने प्रवचन देते हुए कहा कि अपनी संतानों में अच्छे संस्कार डालो, ताकि वे अच्छे नागरिक बन सके। हर महापुरुष की सफलता के पीछे उनको बचपन में मिले सुसंस्कार है, जिनके बल पर वे अच्छे संस्कारों को अपने जीवन में उतार कर बड़े बन पाए।

भागवतग्रंथ भगवान का स्वरूप

भक्तप्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान नृसिंह खंभे से प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप का वध किया। उन्होंने कहा कि भागवत ग्रंथ भगवान का ग्रंथ स्वरूप है। ऐसा शुकदेव जी ने कहा है। भागवत में भा से भक्ति, से ज्ञान, से वैराग्य तथा से त्याग है। भक्ति, ज्ञान, वैराग्य तथा त्यागपूर्वक जीवन जीना भागवत का संदेश है। उन्होंने कहा कि भक्ति ज्ञान वैराग्य, त्याग अपनाने से मरण सुधरता है। भागवत सन्मार्ग की प्रेरणा प्रदान करता है। कथा में शुकदेव जन्म,बारह अवतार,कौरव पांडव संवाद आदि कथाओं का व्याख्यान किया गया। कथा से पूर्व बाबूलाल गुप्ता,विमला गुप्ता,राधेश्याम मंगल,सत्यनारायण मंगल, राजेंद्र, हेमंत, मुकेश, विष्णु,दीपक,कैलाश, शिवप्रकाश मंगल, सोनू,त्रिलोक मित्तल,पदम जैन,महावीर गर्ग,संजय जैन,प्रहलाद गर्ग आदि ने भागवत का पूजन अर्चन किया।

इटावामें भागवत कथा के दौरउान सजाई शिव पार्वती की झांकी

इटावा.नगर के सनाढ्य ब्राह्मण समाज बड़े मंदिर पर चल रही भागवत कथा में रविवार को अभिषेक सनाढ्य दाऊजी ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि भाव से भजन करने से ईश्वर रिझाते हैं तथा कलयुग मे भजन ही एकमात्र ईश्वरीय प्राप्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा कि जो मनुष्य भगवान के प्रति समर्पित भाव से रहता हैं उस पर भगवान की सदा कृपा बनी रहती हैं। अध्यक्ष घनश्याम शर्मा नवल शर्मा ने बताया कि रविवार को कथा में शिव विवाह की लीला का मंचन किया गया। जिसमें दाऊजी द्वारा भोले चढ़ आयो नाडया पर आदि भजनों की प्रस्तुति दी कथा में मनोरम झांकी सजाई गई। रविवार को कथा में मुख्य यजमान रघुनंदन शर्मा प्रेमसर ,पूर्व जिला परिषद सदस्य अशोक शर्मा,धर्मेंद्र तिवारी,अभिषेक शर्मा, रघुनंदन शर्मा,देवव्रत शर्मा,उमेश कोठारी, प्रेमशंकर शर्मा,परमानन्द शर्मा,मोहन लाल शर्मा,राधेश्याम बोहरा सहित कई सदस्यों ने पूजन अर्चन किया।

हथौलीमें भागवत कथा शुरू

हथोलीमें कलश यात्रा के साथ भागवत कथा प्रारंभ हुई। कथा के प्रथम दिन आचार्य पंडित ऋषिराज शास्त्री ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म हैं। ऋषिराज शास्त्री ने बताया कि जब भगवान शंकर बालकृष्ण प्रभु का दर्शन करने आए तो उन्हें भक्ति का मार्ग मिला इससे हमको प्रेरणा मिलती कि मनुष्य को जीवन में परमात्मा की ओर अग्रसित होना चाहिए। मानव जन्म बड़ी मुश्किल से मिला है इसलिए मनुष्य परोपकार के कार्य कर नियमित भगवान का भजन कर इस जीवन का सफल बनाना चाहिए।

सुल्तानपुर . कस्बे में भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु

सुल्तानपुर . कस्बे में भागवत कथा में सजाई झांकी।

इटावा . बड़े मंदिर पर भागवत कथा में सजाई शिव पार्वती की झांकी।

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Web Title: dhn se badhati hai mnusy ki trisnaa : mmtaa devi
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