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किसान संसद में जयपुर कूच को लेकर बनाई रणनीति

अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में रविवार को लुहावद पंचायत में किसान संसद का आयोजन हाट मैदान में रखा गया। जिसमें...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 19, 2018, 04:05 AM IST

अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में रविवार को लुहावद पंचायत में किसान संसद का आयोजन हाट मैदान में रखा गया। जिसमें सरकार की कर्ज माफी व अन्य मांगों को लेकर की गई वादाखिलाफी के खिलाफ 22 फरवरी जयपुर कूच की तैयारी को लेकर चौथे जत्थे का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा ने भी भाग लिया।

किसान संसद में सभी किसानों ने दो विधेयक प्रस्ताव पारित किए। पहला विधेयक हर किसान का संपूर्ण कर्जा माफ किया जाए और दोबारा किसान पर कर्जा ना हो उसके लिए दूसरा कानून स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर 50 फीसदी मुनाफा हर उपज का दाम किसान को दिया जाए। संसद में किसानों ने वसुंधरा सरकार द्वारा 13 सितंबर 2017 को किसानों के समझौते को लेकर की गई वादाखिलाफी के खिलाफ आने वाली 22 फरवरी को हजारों की संख्या में जयपुर कूच करने का फैसला लिया गया और मुख्यमंत्री द्वारा पेश बजट की किसान संसद में प्रतियां जलाई गई। किसान संसद को तहसील अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मीणा, सचिव कमल बागड़ी, उपाध्यक्ष नगेंद्र नायक अयानी, किसान नेता मास्टर फजऱ मोहम्मद, महेंद्र सुमन इटावा आदि वक्ताओं ने संबोधित किया और मुख्यमंत्री को किसान विरोधी बताते हुए 22 फरवरी को अधिक संख्या में किसानों को जयपुर पहुंचने का आह्वान किया।

बूढ़ादीत . किसान आंदोलन के दौरान समझौते की वादाखिलाफी के विरोध में 22 फरवरी को विधानसभा के घेराव को क्षेत्र से किसान शिरकत करेंगे। जयपुर कूच की तैयारी को अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वावधान में उजाड़ा क्षेत्र के गांवों की किसान संसद तहसील अध्यक्ष हरीश मीणा की अध्यक्षता में हुई। किसान संसद में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुलीचन्द बोरदा ने राज्य सरकार की वादा खिलाफी के बारे में विस्तार से बताया और कर्जमाफी की घोषणा को किसानो के साथ धोखा करार दिया। बोरदा ने कहा कि 1 सितम्बर से 13 सितम्बर 2017 को 13 दिन तक प्रदेश के 14 जिलों में पड़ाव व चक्काजाम के बाद सरकार ने किसान आंदोलन के दबाव में सभी किसानों के सहकारी और सभी बैंकों के 50 हजार रुपये माफ करने, किसानों को 2000 रुपये मासिक पेंशन देने, फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद करने,पशु बिक्री पर प्रतिबन्ध हटाने के लिए किसान सभा के नेताओं से लिखित समझौता किया था। बजट में मुख्यमंत्री ने समझौते के अनुरूप घोषणा नहीं की एवं किसानों को गुमराह करते हुए सिर्फ सहकारी बैंकों के 30 सितम्बर 2017 तक लघु व सीमांत श्रेणी के डिफॉल्टर किसानों के 50 हजार रुपए माफ करने की घोषणा की है जो सिर्फ आंशिक और सीमित राहत है। किसान संसद में विजय सिंह राघव ने स्वामीनाथन आयोग के अनुसार सभी फसलों की लागत का डेढ़ गुना भाव, सम्पूर्ण उपज की खरीद एवम् संपूर्ण कर्ज मुक्ति को किसान अधिकार कानून बनाने के लिए दिल्ली किसान संसद के मसौदे की जानकारी दी। किसान संसद में लहसुन की खरीद 4500 रु. प्रति क्विंटल व गेहूं की खरीद मध्य प्रदेश की तरह 2150 रु. प्रति क्विंटल, जंगली एवं आवारा जानवरों से फसलों की सुरक्षा व नष्ट फसलों का मुआवजा देने की मांग का प्रस्ताव पारित किया गया। समापन में राज्य सरकार द्वारा पेश बजट को किसानों के साथ धोखेबाज़ी के विरोध में बजट की प्रतियां जलाई।

दीगोद तहसील से हरीश मीणा, राम लटूर, नंद किशोर, करुणा नंद भारतीय, रामस्वरूप मीणा, कुंजबिहारी यादव, सत्य नारायण प्रजापत, किशन गोपाल, लक्ष्मीनारायण पंकज, रामकरण मीणा, पूरण मल मीणा आदि के नेतृत्व में सैंकड़ो किसान 21 फरबरी की रात्री को बस एवं ट्रैन से जयपुर के लिए कूच करेंगे। किसान संसद का संचालन चतुर्भुज पहाड़िया और पूरणमल ने संयुक्त रूप से किया। अखिल भारतीय किसान सभा कोटा संभाग के प्रवक्ता विजय सिंह राघव ने यह जानकारी दी।

इटावा . किसान संसद में किसान विरोधी बजट की प्रतियां जलाते किसान सभा के कार्यकर्ता।

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