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भागवत कथा में सजाई श्रीकृष्ण और रुक्मिणी की मोहक झांकी

इटावा| नगरमें सनाढ्य ब्राह्मण समाज के बड़े मंदिर प्रांगण में चल रही भागवत कथा के दौरान बुधवार को मनमोहक भजनों के...

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2018, 04:30 AM IST
इटावा| नगरमें सनाढ्य ब्राह्मण समाज के बड़े मंदिर प्रांगण में चल रही भागवत कथा के दौरान बुधवार को मनमोहक भजनों के साथ कृष्ण-रुक्मिणी का विवाह मनाया गया। इस अवसर पर मनोरम झांकी भी सजाई गई तथा बैंडबाजों के साथ बारात निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर नृत्य किया। इस अवसर पर कथा का वाचन करते हुए व्यास महाराज अभिषेक सनाढ्य दाऊजी ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति में बड़ी शक्ति होती है। भक्ति के बल पर ध्रुव को भगवान के दर्शन हुए। भक्ति से ही नारद मुनि देवर्षि पद पर पहुंचे। इसलिए दुनियादारी के सब छलकपट को त्यागकर भगवान की भक्ति में लीन होने का प्रयास करना चाहिए।

अध्यक्ष घनश्याम शर्मा प्रवक्ता नवल शर्मा ने बताया कि बुधवार को मुख्य यजमान हरिप्रकाश कोठारी, धर्मेंद्र तिवारी, सत्यनारायण त्रिपाठी, मुकुट बिहारी शर्मा, गिरधर गोपाल तेहरिया, राधामोहन शर्मा, शंभूदयाल शर्मा, राघवेन्द्र कौशिक, प्रेमशंकर शर्मा, श्याम शर्मा, मुकेश शर्मा, ओम अनंत, डाॅ. आशीष शर्मा, नरेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

वहीं हथोली ग्राम में श्रीरामचंद्र भगवान मंदिर के प्रांगण में चल रही भागवत कथा के दौरान राजा बलि वामन भगवान के चरित्र का वर्णन किया गया। पंडित ऋषिराज शास्त्री ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन जीने के लिए सत्संग बहुत जरूरी है।

पीपल्दा.क्षेत्रके फूसोद गांव के कंकाली माता मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय भागवत कथा में कथावाचक कृष्णानन्द शास्त्री ने कहा कि कृष्णरूपी रस पीने से मनुष्य कृष्ण लोक का अनुयायी हो जाता है, क्योंकि अमृत से भी बढ़कर श्रीमद्‌भागवत कथा का रसास्वादन माना गया है। अत: मनुष्य को श्रीमद्‌भागवत को घर में भी रखकर उसकी नित्य पूजा करनी चाहिए, उससे घर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आती है।

इटावा। नगर की अग्रवाल धर्मशाला में चल रही भागवत कथा के दौरान बुधवार को राम विवाह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने खूब नृत्य किया। इस अवसर पर कथा वाचन करते हुए आचार्य प्रमोद गौतम ने कहा कि मनुष्य जीवन सफल बनाने के लिए धर्म का आचरण जरूरी है।

मनुष्य माया मोह में उलझकर दुष्कर्म करने लग जाता है, जिससे समाज में भाईचारे की भावना समाप्त हो रही है। कथा से पूर्व बाबूलाल गुप्ता, विमला गुप्ता, राधेश्याम मंगल, सत्यनारायण मंगल, राजेंद्र, हेमंत, मुकेश, विष्णु, दीपक, कैलाश, शिवप्रकाश मंगल, सोनू, त्रिलोक मित्तल, पदम जैन, राजेंद्र सिंहल आदि ने भागवत का पूजन अर्चन किया।

इटावा. बड़े मंदिर पर भागवत कथा में सजाई कृष्णा रुक्मणी विवाह की झांकी।

इटावा. अग्रवाल धर्मशाला में भागवत कथा में आरती उतारते श्रद्धालु।

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