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सीनोता के राजकीय माध्यमिक विद्यालय को पीपीपी मोड पर देने का ग्रामीणों ने किया विरोध

इटावा| इटावाउपखंड क्षेत्र के राजकीय माध्यमिक विद्यालय सीनोता को कोटा जिले में सरकार द्वारा पीपीपी मोड पर दिया...

Danik Bhaskar

Jan 09, 2018, 04:35 AM IST
इटावा| इटावाउपखंड क्षेत्र के राजकीय माध्यमिक विद्यालय सीनोता को कोटा जिले में सरकार द्वारा पीपीपी मोड पर दिया गया हैं इससे सीनोता इसके आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश हैं सोमवार बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इटावा पहुंचकर कोटा उपजिला प्रमुख मनोज शर्मा के नेतृत्व में इटावा उपखंड अधिकारी संजीव कुमार शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सीनोता विद्यालय को पीपीपी मोड से निरस्त कर सरकारी शिक्षा विभाग में ही रखने की मांग की हैं। सीनोता के ग्रामीण एसएमसी अध्यक्ष बृजमोहन, रामगोपाल मीणा, रमाशंकर शर्मा सहित कई लोगों ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 240 छात्र - छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा इस वर्ष का परीक्षा परिणाम भी शत प्रतिशत रहा हैं। विद्यालय की भूमि भी भामाशाहों द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं वर्तमान में विद्यालय में अध्यापकों द्वारा शैक्षिक वातावरण बना हुआ हैं लेकिन निजी क्षेत्र में इस विद्यालय को दिए जाने से छात्र अभिभावक परेशान हैं इसको लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को पीपीपी मोड पर सरकार द्वारा दिए गए आदेश को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान एसएमसी अध्यक्ष बृजमोहन,रामचरण नागर,राधेश्याम, मोती शंकर, मांगीलाल, धन्नालाल बैरवा, बाबूलाल भील, बाबूलाल मीणा, रतनलाल, रविशंकर सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहें।

इटावा उपखंड क्षेत्र के सीनोता के ग्रामीण रामगोपाल मीणा रमाशंकर शर्मा ने बताया कि सीनोता क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा क्षेत्र हैं तथा इस क्षेत्र के लोग कृषि मजदूरी पर आधारित हैं। ऐसे में सरकार द्वारा इस विद्यालय का चयन पीपीपी मोड पर करने से निजी संस्था में छात्र छात्राओं को अध्ययन को लेकर संशय बना हुआ हैं जिससे क्षेत्र के विद्यालय को पीपीपी मोड पर दिए जाने से क्षेत्र के लोगों में निराशा हैं।

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