इटावाह

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श्रद्धा और विश्वास से किया गया विवाह ही सफल

हरि भजन बिना सब जीव दुखारी : ममता देवी इटावा| भागवतकथा एक जीवन दर्शन है जो मानव मन को जीवन के दुखों से निवृत्ति...

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2018, 04:35 AM IST
हरि भजन बिना सब जीव दुखारी : ममता देवी

इटावा| भागवतकथा एक जीवन दर्शन है जो मानव मन को जीवन के दुखों से निवृत्ति कराती है भगवान श्रीकृष्ण का ग्रंथ स्वरूप जीवन के दैहिक नैतिक ताप का निराकरण करने वाला है। यह उद्गार आचार्य प्रमोद गौत्तम ने अग्रवाल धर्मशाला इटावा में चल रही श्रीमद्ï भागवत कथा में सोमवार को व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान सर्वत्र विद्यमान है तथा प्रेम और समर्पण से प्रकट होते है। भगवान और भक्त एकाकार हो जाए तो ऐसी भावना हो की भक्त के सामर्थ्य के आगे भगवान खुद भक्त से मिलने चले आते है। उन्होंने कहा कि भागवत मोह आसक्ति से विरक्ति या निवृत्ति करती है तो मानव को मोक्ष प्राप्ति होती है यह कथा पापी-दुराचारी का भी उद्घार करती है भटकते जीवों को भी मुक्ति देती है कथा से पूर्व बाबूलाल गुप्ता, विमला गुप्ता, राधेश्याम मंगल, सत्यनारायण मंगल,राजेंद्र,हेमंत,मुकेश,विष्णु,दीपक,कैलाश, शिवप्रकाश मंगल, सोनू, त्रिलोक मित्तल, पदम जैन, महावीर गर्ग, संजय जैन,प्रहलाद गर्ग आदि ने भागवत का पूजन अर्चन किया।

सुल्तानपुर. कस्बे मे भागवत कथा मे सजाई झांकी

इटावा. बड़े मंदिर में कथा के दौरान सजी झांकी

इटावा. भागवत कथा में नृत्य करती महिलाएं

सुल्तानपुर. कस्बे में भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।

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