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इटावा क्षेत्र की नहरों में एक पखवाड़े से पानी नहीं, सूखने लगी फसलें

कोटा दांई मुख्य नहर की इटावा ब्रांच केनाल के इटावा क्षेत्र की नहरों में एक पखवाड़े से नहरी पानी नहीं पहुंच पाने के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:06 PM IST

कोटा दांई मुख्य नहर की इटावा ब्रांच केनाल के इटावा क्षेत्र की नहरों में एक पखवाड़े से नहरी पानी नहीं पहुंच पाने के चलते गेंहूू, धनिए व मैथी की फसल में सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान हताश व परेशान नजर आ रहे हैं। पानी का पूर्ण क्षमता से प्रवाह नहीं होने से किसानों के खेतों में फसलें बिना पानी के सूखने लग गई हैं। इटावा ब्रांच केनाल में इस बार पानी के पलेवा के बाद खेतों में किसानों ने खेतों में फसलों की बुवाई की उसके बाद से ही आज तक नहरों में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण क्षेत्र की हजारों बीघा भूमि में लगी फसलों में पानी के अभाव में सूख रही हैं। जिसके चलते किसान अपनी खराब हो रही फसलों को देखकर परेशान हैं वहीं कई किसान अपनी फसल बचाने के लिए महंगा डीजल जलाकर ट्यूबवैलों से पानी देकर अपनी फसल की सिंचाई करने के लिए मशक्कत कर रहा है। टेल क्षेत्र सूखा पड़ा हुआ है। इस बारे में विभाग के एक्सईएन देवराज शर्मा ने बताया कि इटावा ब्रांच केनाल में रोटेशन से पानी दिया जा रहा है। 20 जनवरी से साइफन के ऊपर की नहरों में पानी दिया जा रहा है। एक दो दिन में पानी का फतेहपुर फाल पर गेज बढ़ाया जाएगा। नहरों में लगातार चार महीनों से पानी का प्रवाह होने के कारण बीड़ की वजह से पानी के प्रवाह में गति धीमी हुई। इसको हटाने का कार्य शुरू कर दिया। जल्द ही व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

इटावा ब्रांच केनाल के फतेहपुर फाल पर पानी का 60 सेमी का गेज चलना चाहिए, लेकिन पिछले एक पखवाड़े से केवल 10 से 15 सेमी का ही गेज है। क्षेत्र की नहरों में नाम मात्र का पानी का प्रवाह होने से माइनरों तक भी ईबीसी का पानी नहीं पहुंच रहा। धोरे तक भी सूखे पड़े हुए हैं। इस बारे में जहां सीएडी विभाग के अधिकारी रोटेशन से नहरों को पानी देने की बात कह रहे हैं्र लेकिन क्षेत्र में अभी तक हैड की नहरें तक सूखी पड़ी हुई हैं ऐसी स्थिति में खातौली, गैंता, बरनाहाली वितरिकाओं व इटावा ब्रांच केनाल के अंतिम छोर पर पानी कैसे पहुंचेगा इसको लेकर किसान परेशान हैं।

इटावा. नीमसरा क्षेत्र में नहरी पानी के अभाव में सूखी पड़ी नहर

पानी के अभाव में पीली पड़ने लगी फसलें

किसान केसरीलाल नागर, श्याम मीणा, धन्नालाल मीणा, नरेंद्र नागर सहित कई किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल डेढ़ से दो माह की होने को आ रही है, लेकिन अभी तक नहर का पानी नहीं मिल पा रहा। फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। पानी नहीं मिलने से खेतों में दरारें आने लग गई हैं और गेहूं की फसल में पीलापन आने लग गया। कई किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए महंगा डीजल जलाकर पानी देकर फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि इस क्षेत्र के किसान पहले ही बारिश नहीं होने से सोयाबीन व तिल्ली की पैदावार नहीं होने के कारण निराश हैं अगर यह फसल भी किसानों के हाथ नहीं लगी तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा।

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