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गर्भवती पत्नी को एंबुलेंस से भेजा, 2 दोस्तों को साथ लेकर बाइक से जा रहा था अस्पताल, ट्रॉले ने तीनों को कुचला

इटावा अस्पताल जाते समय सोमवार तड़के केशोपुरा प्लांट के पास खड़े ट्रॉले से टकराने से एक ही मोहल्ले के तीनों युवकों...

Danik Bhaskar

May 08, 2018, 02:40 AM IST
इटावा अस्पताल जाते समय सोमवार तड़के केशोपुरा प्लांट के पास खड़े ट्रॉले से टकराने से एक ही मोहल्ले के तीनों युवकों की मौत हो गई। चालक ने लापरवाही से सड़क पर ही ट्रॉला खड़ाकर रखा था और रिफ्लेक्टर भी नहीं लगा रखे थे। इसके चलते उनकी बाइक खातौली से आते समय ट्रॉले में टकराकर घुस गई, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से चालक ट्रॉला लेकर फरार हो गया, जिसकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है। बाद में तीनों शवों का एक ही चिता में खातौली में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार शंकरलाल सुमन के पुत्र गिर्राज सुमन (24) की प|ी को रविवार देररात 2.30 बजे प्रसव पीड़ा हुई तो एंबुलेंस से प्रसूता को इटावा सामुदायिक अस्पताल भेजा गया। एंबुलेंस में जगह कम होने के कारण गिर्राज अपने मित्र सुग्रीव सुमन (34) पुत्र मुरारीलाल सुमन और रामहेत जोशी (47) पुत्र दुर्गाशंकर जोशी के साथ बाइक से रवाना हुआ था। सोमवार तड़के 4 बजे केशोपुरा प्लांट के पास बीच सड़क पर खड़े ट्रोले से टकराकर वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। एक घंटे बाद गिर्राज की बहन अनिता ने गिर्राज के पिता बनने की सूचना देने के लिए फोन लगाया, लेकिन जवाब नहीं मिला।

इसके तुरंत बाद गिर्राज के पिता शंकरलाल दो साथियोें को लेकर इटावा के लिए रवाना हुए। रास्ते मे तीनों युवक केशोपुरा के पास सड़क पर बेसुध पड़े हुए थे। साधन के लिए कुछ देर इंतजार किया तो काेई साधन नहीं मिला। थोड़ी देर बाद भास्कर की अखबारों की सप्लाई गाड़ी निकली तो उससे तीनों को इटावा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। इटावा सीआई संजय रॉयल ने बताया कि प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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इटावा. इटावा-खातौली रोड पर हुए हादसे के बाद वहां से बाइक सवार भी निकले, लेकिन किसी ने इनकी मदद करना मुनासिब नहीं समझा। इन्हें समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद कोई बच जाता।

सालभर पहले हुई थी शादी, बेटा जन्मा था

एक तरफ गिर्राज सुमन की प|ी ने इटावा अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया, लेकिन यह खुशी की खबर सुनना शायद उसके नसीब में ही नहीं था। प|ी विमला को 3.40 बजे इटावा में भर्ती कराया था, जहां उसने 4.25 बजे बालक को जन्म दिया। इससे पहले ही यह हादसा हो गया। परिजन उसको यह खबर देने व जल्दी आने को लेकर मोबाइल लगाते रहे, लेकिन उससे पूर्व ही वह दुर्घटना का शिकार हो गया। हालांकि प|ी व पुत्र स्वस्थ हैं और उसकी प|ी को अभी इस घटना के बारे में नहीं बताया। पिता शंकरलाल सुमन ने बताया कि पिछले वर्ष ही युवक गिर्राज का बड़ौदा में विवाह हुआ था।

इस हादसे में दो परिवारों के इकलौते चिराग बुझे

हादसे में शिकार गिर्राज अपने पिता शंकरलाल की इकलौती संतान था। वहीं सुग्रीव भी अपने पिता मुरारीलाल का इकलौता पुत्र था। उसके 8 वर्ष का पुत्र व दो पुत्रियां हैं। इसी तरह मृतक रामहेत जोशी के दो पुत्र हैं, जिनकी उम्र 14 वर्ष के करीब है। यह सभी परिवार मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। एक साथ उठी तीन अर्थियों को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई।

हाइवे पर बेसुध पड़े रहे, किसी को नहीं आया रहम

इस हादसे में शिकार तीनों युवक कोटा-श्योपुर स्टेट हाइवे पर एक घंटे के लगभग बेसुध पड़े रहे। इस दौरान गुजरे वाहन चालकों ने भी इनकी मदद तक नहीं की। जब ये युवक काफी देर तक इटावा नही पहुंचे और मोबाइल पर भी बात नहीं हुई तो गिर्राज के पिता को चिंता हुई और वे ढूंढ़ने के लिए रवाना हुए, क्योंकि उन्हें आधे घंटे में इटावा पहुंचना था। तीनों युवकों का काफी खून बह गया था। इस मार्ग पर हमेशा आवागमन रहता है, लेकिन इनकी किसी ने मदद नहीं की। इसको लेकर भी लोगों में चर्चा रही कि अगर समय रहते इन युवकों को उपचार मिल जाता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता ।

खातौली. सुग्रीव सुमन

घर के चिराग बुझे-मासूम से उठा पिता का साया

मृतक युवकों में से सुग्रीव व गिर्राज सुमन अपने घर के इकलौते पुत्र होने के साथ ही शादीशुदा थे। रामहेत सुमन चार भाइयों में सबसे छोटा था। इसके 12 व 16 साल के दो पुत्र हैं। सुग्रीव सुमन के 8 वर्षीय पुत्र व 3 तथा 7 वर्ष की दो पुत्रियां है। गिर्राज सुमन का विवाह सालभर पूर्व ही हुआ था। नवजात बालक उसकी पहली संतान थी। जिसकी जानकारी मिलने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

शायद बच सकती थी जान : प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खातौली-इटावा मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव है। केशोपुरा प्लांट के पास ट्रोला दो दिन से मैन रोड पर खड़ा हुआ था। अगर समय रहते ट्रोला मैन रोड से हट जाता तो शायद यह दुर्घटना नहीं होती। वहीं मृतक युवकों मे से किसी ने यदि हेलमेट पहना होता तो हादसे से बचाव संभव था।

खातौली. गिर्राज सुमन

खातौली. रामहेत जोशी

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