• Home
  • Rajasthan News
  • Etawah News
  • स्थाई कराने का भरोसा मिलने पर टूटी पालिकाकर्मियों की हड़ताल
--Advertisement--

स्थाई कराने का भरोसा मिलने पर टूटी पालिकाकर्मियों की हड़ताल

नगरपालिका के कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग को लेकर पिछले चार दिन से चल रही हड़ताल गुरूवार को ईओ जितेंद्र सिंह...

Danik Bhaskar | Apr 13, 2018, 02:50 AM IST
नगरपालिका के कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग को लेकर पिछले चार दिन से चल रही हड़ताल गुरूवार को ईओ जितेंद्र सिंह पारस व नगरपालिका चेयरमैन धर्मेंद्र आर्य से वार्ता के बाद आश्वासन मिलने के बाद समाप्त कर दी।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गोगडिय़ा, महामंत्री बृजमोहन नागर, जसवंत सिंह, बाबूलाल पारेता ने बताया कि चेयरमैन धर्मेंद्र आर्य ने कर्मचारियों को बताया कि इटावा नगरपालिका के कर्मचारियों की स्थायी करने की फाइल स्वायत्त शासन विभाग द्वारा स्वायत्त शासन मंत्री की अभिशंषा के लिए भेजी जा चुकी हैं। इसमें जल्द ही कर्मचारियों का 30 अप्रेल से पूर्व सरकार द्वारा स्वायत्त शासन विभाग में समायोजन कर स्थायीकरण कर दिया जाएगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस आश्वासन पर कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।अध्यक्ष गोगड़िया ने बताया कि अगर 30 अप्रेल तक स्थायीकरण व समायोजन नहीं होता हैं तो कर्मचारी इसके बाद फिर आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर सजाउद्धीन अंसारी, भंवरलाल गोचर, सत्यनारायण आर्य, बबलू, बाबूलाल पारेता,रमेश सिंगोर,राजेश सहित कई कर्मचारी इस दौरान वार्ता में मौजूद रहें।

इटावा. पालिका कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर चर्चा करते पालिका चेयरमैन और सहयोगी कर्मचारी।

कर्मचारी समायोजन को लेकर थे आंदोलन पर

कर्मचारी संघ के जसवंत सिंह व बाबूलाल पारेता ने बताया कि 4 दिसंबर 2014 को ग्राम पंचायत इटावा को नगर पालिका में क्रमोन्नत किया गया था। उसके नियमानुसार जैसे नगर पालिका अपने स्वरूप में आई तो पंचायत इटावा की समस्त संपति भी नगर पालिका की हो गई और पंचायत राज के ग्राम पंचायत के कर्मचारियों को भी पंचायत राज में नहीं भेज कर नगर पालिका में रोक लिया गया। नियमानुसार सेवा में समायोजन करने के लिए नगर पालिका इटावा द्वारा बोर्ड बैठक 26 अक्टूबर 15 को प्रस्ताव संख्या 5 द्वारा अधिशेष चुंगी कर्मचारियों को नगर पालिका में समायोजन का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया । लेकिन आज तक इन कर्मचारियों का समायोजन नहीं किया गया।