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डेढ़ सदी प्राचीन चंवलेश्वर पार्श्वनाथ की तलहटी में तीन शिखर वाले जिनालय का शिलान्यास

अरावली पर्वतमाला पर 1500 वर्ष पुराने श्रीचंवलेश्वर पार्श्वनाथ महातीर्थ की तलहटी में जय चंवलेश्वर पार्श्वनाथ जैन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 15, 2018, 03:35 AM IST

डेढ़ सदी प्राचीन चंवलेश्वर पार्श्वनाथ की तलहटी में तीन शिखर वाले जिनालय का शिलान्यास
अरावली पर्वतमाला पर 1500 वर्ष पुराने श्रीचंवलेश्वर पार्श्वनाथ महातीर्थ की तलहटी में जय चंवलेश्वर पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर तीर्थ के त्रिशिखरीय पार्श्वनाथ, आदिनाथ एवं महावीर स्वामी के जिनालय का शिलान्यास शनिवार को हुआ।

निर्माण में रखी जाने वाली शिलाओं का आचार्य विजय पद्मभूषण र|सुरीश्वर, ऋषभ र|विजय, तीर्थंकर र|विजय, भाव र|विजय, श्रीजयानंद मुनि के शिष्य विनयकुशलमुनि, नंदीषेण मुनि, साध्वी कीर्ति रेखा, हर्षयशा के सान्निध्य में सिरोही निवासी मनोजकुमार, बाबूमल हरण के मन्त्रोच्चार के बीच पूजा अर्चना की गई। जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर ने ट्रस्ट के अध्यक्ष कानसिंह ओस्तवाल की मांग पर खजूरी से चंवलेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने, धर्मशाला में एक कमरा बनवाने के लिए 3 लाख 3 हजार 333 रुपए देने की घोषणा की। सुबह 6 बजे समूह दर्शन सहभक्तामर पाठ के बाद श्री शंखेश्वर पार्श्वभक्ति मंडप सह श्रीशालिभद्र भोजन मंडप का उद्घाटन विनोदकुमार संचेती ने किया। जबकि 8.30 बजे शिलाओं का वरघोड़ा निकाला गया। जिसमें बैंड व ढोल के साथ युवा झूमते रहे। स्नात्रपूजा, पाटला पूजन व शिलाओं का अभिषेक किया गया। धर्मसभा में लाभार्थी परिवार व अनेक संघों के अध्यक्षों का बहुमान किया गया।

बैठक में लिए अनेक निर्णय

श्री चंवलेश्वर पार्श्वनाथ स्वेतांबर तीर्थ के ट्रस्टियों एवं सदस्यों की बैठक अध्यक्ष कानसिंह ओस्तवाल एवं मार्गदर्शक मनोजकुमार बाबूमल हरण की अध्यक्षता में हुई। इसमें बताया कि त्रिशिखरीय जिनालय के निर्माण पर चर्चा की। मंदिर से पहले डेढ़ माह में कमरे, हॉ‌ल तथा अस्थाई मंदिर का निर्माण कराने पर पदाधिकारियों ने अध्यक्ष ओस्तवाल का सम्मान किया। कोषाध्यक्ष सुनील कुमार बंब ने आय-व्यय का ब्यौरा पेश किया। उपाध्यक्ष हिम्मतमल सुराणा, नेमकुमार सिंघवी, सचिव रिखबचंद धमाणी, सहसचिव ज्ञानमल सुराणा, विनोद कुमार संचेती आदि ट्रस्टी उपस्थित थे।

श्री चंवलेश्वर मंदिर का चतुर्विद संघ के सान्निध्य में शिलान्यास के दौरान विधायक, ट्रस्ट के पदाधिकारी व श्रावक-श्राविकाएं।

भास्कर संवाददाता | कोटड़ी

अरावली पर्वतमाला पर 1500 वर्ष पुराने श्रीचंवलेश्वर पार्श्वनाथ महातीर्थ की तलहटी में जय चंवलेश्वर पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर तीर्थ के त्रिशिखरीय पार्श्वनाथ, आदिनाथ एवं महावीर स्वामी के जिनालय का शिलान्यास शनिवार को हुआ।

निर्माण में रखी जाने वाली शिलाओं का आचार्य विजय पद्मभूषण र|सुरीश्वर, ऋषभ र|विजय, तीर्थंकर र|विजय, भाव र|विजय, श्रीजयानंद मुनि के शिष्य विनयकुशलमुनि, नंदीषेण मुनि, साध्वी कीर्ति रेखा, हर्षयशा के सान्निध्य में सिरोही निवासी मनोजकुमार, बाबूमल हरण के मन्त्रोच्चार के बीच पूजा अर्चना की गई। जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर ने ट्रस्ट के अध्यक्ष कानसिंह ओस्तवाल की मांग पर खजूरी से चंवलेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने, धर्मशाला में एक कमरा बनवाने के लिए 3 लाख 3 हजार 333 रुपए देने की घोषणा की। सुबह 6 बजे समूह दर्शन सहभक्तामर पाठ के बाद श्री शंखेश्वर पार्श्वभक्ति मंडप सह श्रीशालिभद्र भोजन मंडप का उद्घाटन विनोदकुमार संचेती ने किया। जबकि 8.30 बजे शिलाओं का वरघोड़ा निकाला गया। जिसमें बैंड व ढोल के साथ युवा झूमते रहे। स्नात्रपूजा, पाटला पूजन व शिलाओं का अभिषेक किया गया। धर्मसभा में लाभार्थी परिवार व अनेक संघों के अध्यक्षों का बहुमान किया गया।

धर्म से जुड़े तो आत्मा से परमात्मा बन सकते हैं: विजय पद्मभूषण | विजय पद्मभूषण सूरिश्वर ने कहा कि धर्म उत्तम और मंगलकारी है। कर्मों की निर्जरा तप आराधना करने से ही नहीं प्रभु की वाणी सुनने से भी हो सकती है। संतों की वाणी सुनें और उसे जीवन में उतारें तो जीवन का कायाकलप होने से कोई नहीं रोक सकता है। मंदिर की शिला रखने के साथ ही मन में धर्म की आधारशिला भी रखने का प्रयास करें। जिस परिवार में स्त्री धर्मवान हो तो उस परिवार में धर्म की गंगा बहती है। जिनालय के शिलान्यास के दौरान धर्मसभा में आचार्य विजय पद्मभूषणजी ने यह बात कही।

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