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अस्पताल में डॉक्टरों के 20 पद, हैं सिर्फ दो

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक तरह से लकवे में है। राज्य सरकार ने लगभग 200 चिकित्सकों के तबादले की सूची हाल ही जारी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 05, 2018, 03:50 AM IST

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक तरह से लकवे में है। राज्य सरकार ने लगभग 200 चिकित्सकों के तबादले की सूची हाल ही जारी की है। सूची में एक भी डॉक्टर जहाजपुर में नहीं लगा। इसके विपरीत यहां से दो डॉक्टरों को हटा और दिया है। अब महज 2 महिला डॉक्टरों के भरोसे पूरा अस्पताल है। दोनों के पति भी डॉक्टर थे और जहाजपुर ही थे। इनका तबादला होने के बाद दोनों महिला चिकित्सक अपने तबादले कराने की जुगत में जुटी हैं और मरीजों को देखने वाला कोई नहीं। यदि इनका भी तबादला हो गया तो जहाजपुर का सीएचसी बे-डॉक्टर हो जाएगा।

एक सौ बैड के सरकारी चिकित्सालय की ऐसी दुर्दशा पर लोगों में राजनीतिक नेतृत्व के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ढिलाई के चलते ही चिकित्सालय इन हालात में पहुंच गया जबकि यहां बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी नहीं है। लंबा-चौड़ा भवन अनुपयोगी साबित हो रहा है। इस चिकित्सालय में डॉक्टरों के 20 पद स्वीकृत हैं। इसके मुकाबले पिछले दिनों यहां 5 डॉक्टर ही थे। इनमें से एक ब्लॉक चिकित्सा प्रभारी डॉ. अमित गुप्ता का तबादला टोंक व फिजिशियन रविराज सिंह का तबादला बूंदी हो गया। डॉ. अमित की प|ी महिला रोग विशेषज्ञ बिंदु गुप्ता व डॉ. रविराज की प|ी उर्मिला सिंह फिलहाल यहीं कार्यरत हैं। पति के तबादले के बाद ये भी जहाजपुर से तबादला करवाने की जुगत में हैं। एक अन्य डॉ. सीताराम मीणा 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए हैं। ऐसी स्थिति में अब डॉ. बिंदु गुप्ता व उर्मिला सिंह ही स्थाई रूप से हैं।

डेपुटेशन पर लगे डॉक्टर तो बन सकती है कुछ बात

डॉ. अमित गुप्ता व डॉ. रविराज सिंह अभी यहां से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। लोगों ने इनके स्थानांतरण जनहित में निरस्त करने की मांग की है। यदि ऐसा हो जाता है तो सीएचसी में चार डॉक्टर रह जाएंगे। कुछ डॉक्टरों को यहां प्रतिनियुक्ति पर भी लगाकर व्यवस्था सुधारी जा सकती है। हाल ही सीएचसी में डॉक्टर लगवाने की मांग करते हुए कस्बेवासियों ने जुलूस निकालकर ज्ञापन भी प्रशासन को को सौंपा था।

9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किसी की निगरानी नहीं...जहाजपुर के सीएचसी में प्रतिदिन करीब 300 रोगियों का आउटडोर है। हर समय 70-80 रोगी भर्ती रहते हैं। दोनों डॉक्टरों के रिलीव होने पर ये सभी सिर्फ महिला डॉक्टरों के भरोसे रह जाएंगे। वहीं उपखंड क्षेत्र के 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अधिकारी नहीं रहेगा। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित गुप्ता का तबादला हो चुका है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं एवं विभागीय योजनाओं जननी सुरक्षा, राजश्री सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षणों के संचालन में भी परेशानी आएगी।

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