मौसम / प्रतापगढ़ में तीन दिन से जारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, माही के 16 गेट खोले



16 Gates of Mahi dam opened up
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  • प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश तो 7 जिलों में बारिश का अलर्ट
  • प्रतापगढ़ में पिछले 3 दिन से तो बूंदी, बांसवाड़ा तथा भीलवाड़ा में बीती रात से रुक-रुक हो रही है बरसात

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 05:28 PM IST

जयपुर। प्रदेश के भीलवाड़ा, बूंदी, बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ में शुक्रवार को अच्छी बरसात हुई। प्रतापगढ़ में पिछले तीन दिन से बारिश का दौर जारी है। बांसवाड़ा में माही बांध के 16 गेट 6-6 मीटर तक खोले गए हैं। गेट खोलने से प्रतापगढ़ के पीपलखूंट व धरियावद क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया गया है। प्रतापगढ़ में इस सीजन में अब तक कुल 101 इंच बरसात हो चुकी है। इतनी बरसात साल 1981 के बाद पहली बार हुई है। इससे फसलें तबाह हो गईं हैं। वहीं मौसम विभाग ने शुक्रवार व शनिवार को दो दिन 8 जिलों में भारी बारिश तथा सात जिलों में बारिश का अलर्ट है। वहीं राज्य में दिन-रात का तापमान भी बढ़ा है। बीती रात सबसे अधिक तापमान जोधुपर के फलौदी में 30.0 डिग्री रहा।


पिछले 24 घंटे में भीलवाड़ा में 15.0, वनस्थली में 66.3, जयपुर में 0.2, कोटा में 58.4, सवाईमाधोपुर में 50.0, डोक में 3.8, माउंट आबू में 5.0, मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि राज्य में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। बीती रात 11 शहरों में तापमान 25 डिग्री से ऊपर रहा। सबसे अधिक तापमान फलौदी में 30.0 डिग्री रहा तो सबसे कम तापमान 20.0 डिग्री प्रदेश के एकमात्र पर्वतीय स्थल माउंट आबू में 20.0 डिग्री रहा।

 

मौसम विभाग ने बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सिरोही, टोंक व उदयपुर में दो दिन यानी शुक्रवार व शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ में भारी से भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में कहीं बारिश का अलर्ट नहीं है।

 

प्रतापगढ़ : प्रतापगढ़ में इस साल बरसात अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करती जा रही है। यहां पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद आंकड़ा 101 इंच को पार कर चुका है जो साल 1981 के बाद सार्वाधिक है। जिले में हो रही भारी बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। उड़द, सोयाबीन और मक्का की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। कई इलाकों में मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 8 घंटों में 5 इंच से ज्यादा बरसात हो चुकी है। जिले के सभी बांध ओवरफ्लो हैं। संभाग का सबसे ऊंचा 31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध पहले ही लबालब हो चुका है। लोगों का कहना है कि जीवन में उन्होंने ना तो कभी पहले इस तरह की बरसात देखी और ना सुनी। लोग लगातार हो रही इस बरसात के बाद घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

 

बाजारों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। नदी-नाले पूरे वेग के साथ बह रहे हैं। जिले की पीपलखूंट, अरनोद, छोटी सादड़ी और धरियावद में भी बरसात का आंकड़ा 50 इंच को पार कर चुका है। लगातार हो रही बरसात से हादसे भी हो रहे हैं, जिले में अब तक इस बरसात से सात लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

 

वहीं बांसवाड़ा में भी बारिश हो रही है। जिले के माही बांध के शुक्रवार को 16 गेट खोले गए। बांसवाड़ा के घाटोल में ही इस सीजन में अब तक 44 इंच बारिश हो चुकी है। घाटोल में पिछले 24 घंटों में शुक्रवार प्रातः 8:00 बजे तक 80 मिमी व भुगड़ा में 90 मिमी बारिश हुई। जगपुरा में 91 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल घाटोल में कुल 848 मिमी, भुगड़ा में 875 मिमी, जगपुरा में 936 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। वर्ष 2019 में अब तक घाटोल में 1092 मिमी भुगड़ा में 1172 मिमी, जगपुरा में 1137 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पिछले 10 वर्षों में घाटोल में 893.10, भुगड़ा में 916.10, जगपुरा में 849.10 वर्षा हुई है। जिले में सर्वाधिक वर्षा घाटोल विधानसभा क्षेत्र में इस वर्ष हुई है।

 

घाटोल क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में लगातार बारिश होने की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं। प्रत्येक छोटे-बड़े बांधों में पूर्ण भराव क्षमता हो चुकी है। क्षेत्र का सबसे बड़ा हेरो डैम ओवर फ्लो होने की वजह से घाटोल-उदयपुर मार्ग बंद है। ओवरफ्लो की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं जिन्हें बांसवाड़ा से उदयपुर जाना पढ़ रहा है। क्षेत्र में अधिक वर्षा होने से किसानों के खेतों में बो रखी सोयाबीन वह मक्का की फसल बर्बाद हो चुकी है। वहीं क्षेत्र में कई किसानों की कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दिनभर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। किसानों ने महंगे खाद का प्रयोग कर खेतों में जो बुवाई की थी उसे बर्बाद होता देख सरकार से राहत की मांग की है। साथ ही जल्द गिरदावरी कर मुआवजे की मांग की है।

 

इनपुट व फोटो : विवेक उपाध्याय, संजय बसेर
 

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