बूंदी / पागल कुत्ते के काटने से 2 और सांप के काटने से 1 की मौत



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  • वजह झाड़-फूंक के चक्करों में फंसे रहे, इलाज ही नहीं करवाया

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 05:42 AM IST

तालेड़ा (बूंदी). करीबी अकतासा कस्बे के दो युवकों की पागल श्वान के काटने से मौत हाे गई। 2 माह पूर्व कस्बे में पागल हुए एक श्वान ने एक ही जगह एक ही समय क्षेत्रवासी मदनलाल माली (45) अाैर सोनू जांगिड़ (30) को काट लिया। दोनों घायलों ने अस्पताल नहीं जाकर जमीतपुरा में देसी जड़ी बूटियों का इलाज शुरू करवाया। तबीयत बिगड़ने के बाद तालेड़ा व कोटा के सरकारी अस्पताल में इलाज करवाया।

 

स्थिति नहीं सुधरने पर दोनों युवकों को एसएमएस में भर्ती कराया, लेकिन पूरे शरीर में रेबीज फैलने पर जान से हाथ धोना पड़ा। जयपुर में इलाज के दौरान सोनू जांगिड़ ने दम तोड़ दिया। उसकी चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि मदनलाल माली ने भी दम ताेड़ दिया। शुक्रवार को गमगीन माहौल में ग्रामीणों द्वारा अंतिम संस्कार किया। दोनों युवकों का देसी जड़ी-बूंटी से इलाज करने वाले तथाकथित डॉक्टर ने शर्तिया गारंटी दी थी।

 

देसी इलाज करने वाले पर होगी कार्रवाई : प्रभारी डाॅक्टर
अस्पताल प्रभारी डॉ. पीसी मालव ने जड़ी बूटियों से शर्तिया देसी इलाज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। डॉक्टर के अनुसार दोनों युवक समय पर अगर अस्पताल पहुंचकर इलाज करवाते तो जान नहीं गंवानी पड़ती। एक माह में श्वान के काटने वाले 50 रोगियों का इलाज किया गया। समय पर रेबीज का इंजेक्शन लगाने के बाद कोई खतरा नहीं रहता। उन्हाेंने मृतकों के घर टीम भेजी। परिजनों- परिचितों के एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए। संक्रमण से बचने की सलाह दी।

 

यहां महिला इलाज के लिए डॉक्टर के पास गई
जिस पागल श्वान ने सोनू व मदन को काटा था, उसी ने खुराड़ निवासी एक महिला को भी अपना शिकार बनाया था। महिला को उसके परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाकर रेबीज के इंजेक्शन लगवाए, उपचार कराया। लगातार इलाज से महिला स्वस्थ बताई गई है।
 

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