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चिंताजनक / जयपुर शहर जीका के बाद डेंगू की जद में, 3 हजार पॉजिटिव मिले

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 12:41 AM IST


3 thousand dengue positive found
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3 thousand dengue positive found

  • शहर की वाॅल सिटी यानि चारदीवारी में डेंगू के 130 मामले मिलने पर पहले नंबर पर है
  • दूसरे नंबर पर सोडाला व टोंक रोड, तीसरे पर शास्त्री नगर; विभाग की एंटीलार्वा गतिविधि पर सवाल

सुरेन्द्र स्वामी, जयपुर. जीका वायरस के प्रकोप के बाद अब शहर में डेंगू का खौफ है। चिकित्सा विभाग व नगर निगम की लापरवाही के चलते अकेले जयपुर में ही डेंगू के 3 हजार मामले मिलने पर दोनों विभाग की ओर से बीमारी रोकने के इंतजामों के दावोंं की पोल खोल दी है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि विभाग कितने अलर्ट है।

 

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शहर की वाल सिटी यानि चारदीवारी में डेंगू के 130 मामले मिलने पर पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर सोडाला व टोंक रोड़ है। तीसरे नंबर पर शास्त्री नगर है। विभाग की एंटीलार्वा गतिविधि, फोगिंग व सर्वे पर सवाल उठने लगे है। यह खुलासा भास्कर ने 14 साल के बच्चे की मौत के बाद शहर में मच्छर जनित बीमारी डेंगू के किस-किस इलाकों में फैलने का विश्लेषण करने पर हुआ।

 

सबसे चौंकाने वाली जानकारी ये है कि सबसे अधिक सुरक्षित व पॉश इलाका सिविल लाइंस भी डेंगू से अछूता नहीं है। अब सवाल उठता है कि चिकित्सा विभाग व नगर निगम को हर साल प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी होने के बावजूद पहले से क्यों नहींं चेता?  
 

फॉगिंग में निगम सात वार्ड तक ही सीमित रह गया : शहर का जीका वायरस का प्रकोप सामने आने के बाद निगम का सात वार्ड में ही फोगिंग सीमित रह गया। विद्याधर नगर जोन के वार्ड 9,10,23,24,81,82,83 वार्ड जिका वायर से प्रभावित थे। इन वार्ड में एक माह से फोगिंग लगातार की जा रही है। इसी दौरान डेंगू ने शहर में पैर पसार लिए। निगम ने मच्छरों को कंट्रोल में करने के लिए 36 थर्मल पोर्टेबल मशीनों से फोगिंग करवा रहा है। जिससे इन वार्डों जिका वायरस को फैलने से तो रोक दिया लेकिन डेंगू को रोकने में सफल नहीं हो पाए। 

 

प्रदेश में डेंगू 7 हजार के पार, 11 लोगों की मौत : प्रदेश में इस साल डेंगू के अब तक 7 हजार 100 पॉजिटिव मिल चुके है। इनमें से 11 लोग मौत के मुंह में जा चुके है। प्रभावित जिलों में जयपुर समेत कोटा, अजमेर, अलवर, सीकर, धोलपुर, जोधपुर, झुन्झुनू, टोंक, श्रीगंगानगर, बीकानेर, भरतपुर, बांरा व दौसा है।

 

एडीज मच्छर के काटने से डेंगू के जयपुर में ज्यादा केसेज मिलने का कारण जगह-जगह निर्माण कार्य अधिक होना, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा राज्य भर से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। नगर निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में न केवल फोगिंग बल्कि लार्वा मिलने पर जुर्माना भी कर रहा है। चिकित्सा विभाग की ओर से एंटीलार्वा गतिविधि व सर्वे भी करवाया जा रहा है। - डॉ. रवि प्रकाश माथुर, अतिरिक्त निदेशक (ग्रामीण स्वास्थ्य)

 

नगर निगम शहर में पहली बार 36 मशीनों से सघन फोगिंग की जा रही है। शहर में मार्गों के साथ गलियों में भी फोगिंग की जाएगी। फोगिंग के लिए जालोर, पाली से भी 26 मशीनें मंगवाई गई है। शहर में हर जगह फोगिंग की जा रही है, जिससे मच्छर नहीं रहे। -डॉ.सोनिया अग्रवाल, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम जयपुर

 

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