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दो युवा सरपंचों की जिद और जज्बा, 30 फीट लंबी पहाड़ी काटकर बना डाली सड़क, 30 की जगह दूरी रह गई 12 किमी

राशन लेने के लिए लोग पहाड़ी पर चढ़कर जाते थे, अब नहीं होती है लोगों को परेशानी.

Danik Bhaskar | Apr 09, 2018, 06:02 AM IST
दो महीने में पहाड़ी काटकर 4 महीने में पक्की सड़क का निर्माण करा दिया। दो महीने में पहाड़ी काटकर 4 महीने में पक्की सड़क का निर्माण करा दिया।

बदनौर(भीलवाड़ा). दो युवा सरपंचों की जिद और जज्बा देखिए। दोनों ने मिलकर योजना बनाई और 15 फीट ऊंची और 30 फीट लंबी पहाड़ी काटकर सड़क बनवा दी। पहाड़ी के बीच सड़क बनने से अब दोनों पंचायतों के करीब 30 गांवों के लोगों के लिए सीधा रास्ता हो गया है। पहले 30 किलोमीटर चलकर तहसील मुख्यालय बदनौर आते थे, लेकिन अब सिर्फ 12 किलोमीटर दूरी तय कर ग्रामीण यहां पहुंच रहे हैं। वर्षों से ज्यादातर लोग जान जोखिम में डालकर पहाड़ी पर चढ़कर बदनौर जाते थे। कई सरपंचों का कार्यकाल निकल गया।

लोगों ने कई बार नेताओं और अफसरों को बताया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। लोगों की परेशानी देखकर भादसी सरपंच मधु रावत और रतनपुरा सरपंच महेंद्र सिंह रावत ने प्रयास शुरू किए। विधायक रामलाल गुर्जर से मिलकर विधायक कोष से 10 लाख स्वीकृत कराए। उपजिला प्रमुख रामचंद्र सेन की मदद से मंगरा विकास योजना 20 लाख की स्वीकृति मिली। दो महीने में पहाड़ी काटकर 4 महीने में पक्की सड़क का निर्माण करा दिया।

हादसे रोकने को पुलिसकर्मियों ने पहाड़ी काट 10 फीट चौड़ा किया था रास्ता

राष्ट्रीय राजमार्ग 158 पर विजयनगर चौराहे के पास पहाड़ी पर सड़क सकरी होने से आए दिन हादसे हो रहे थे। हादसे रोकने के लिए सड़क को चौड़ा करना जरूरी था। इसके लिए पुलिस स्टाफ आगे आया। नवंबर 2017 में बदनौर थाना अधिकारी नंदू सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पूरा थाना स्टाफ हाईवे पर पहुंच गया। स्टाफ ने जेसीबी मंगवाकर पहाड़ी को काटना शुरू कर दिया। थानेदार व पुलिस कर्मियों ने मलबा उठाया। पुलिस कर्मियों ने पहाड़ी को काटकर सड़क को 10 फीट चौड़ा बना दिया।

करीब 9 महीने पहले दो महिला सरपंचों की जिद भी रंग ला चुकी है। करीब 9 महीने पहले दो महिला सरपंचों की जिद भी रंग ला चुकी है।

9 महीने पहले बदनौर व मोगर सरपंच भी कर चुकी ऐसा कमाल

 

करीब 9 महीने पहले दो महिला सरपंचों की जिद भी रंग ला चुकी है। बदनौर सरपंच एकता जायसवाल व मोगर सरपंच चेतना रावत ने मिलकर 30 मीटर ऊंची पहाड़ी कटवाकर 6 महीने में रास्ता बनवा दिया था। ऐसा करने पर बदनौर से मोगर जाने के लिए 11 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 3 किलोमीटर रह गई। 4 महीने पहले इस तीन किमी कच्चे रास्ते पर डामरीकरण के लिए मंगरा विकास योजना में 75 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है।

रतनपुरा सरपंच महेंद्र सिंह रावत रतनपुरा सरपंच महेंद्र सिंह रावत

बीमार को बदनौर अस्पताल ले जाने के लिए 30 किमी चलना पड़ता था, अब दूरी रह गई 12 किमी...

 

रतनपुरा सरपंच महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दोनों पंचायतों के लोगों को हर काम के लिए बदनौर जाना पड़ता है। इसके लिए सीधा रास्ता नहीं होने से लोगों को भादसी होकर करीब 30 किलोमीटर चलना पड़ता था। बीमार अधिक परेशान होते थे। यह समस्या देखकर मैंने भादसी सरपंच मधु रावत से चर्चा की। हमें बताया गया कि पहाड़ी को काटकर रास्ता बना दिया जाए तो 30 किमी की दूरी सिर्फ 12 किमी रह जाएगी। इस पर हम दोनों ने उसी दिन ठान लिया कि यह काम हम पूरा करेंगे। पहाड़ी काटकर रास्ता बनाया तो अब लोगों को पहले से 18 किमी दूरी कम तय करनी पड़ती है। 

भादसी सरपंच मधु रावत भादसी सरपंच मधु रावत

राशन लेने के लिए लोग पहाड़ी पर चढ़कर जाते थे, अब नहीं होती है लोगों को परेशानी

 

भादसी सरपंच मधु रावत ने बताया कि पहाड़ी काटकर रास्ता निकालने का सुझाव रतनपुरा सरपंच महेंद्र सिंह रावत दिया। पहले लोगों को पहाड़ी पर चढ़कर पैदल सफर तय करना पड़ता था। राशन लेने के लिए कई गांवों के लोग इसी पहाड़ी पर चढ़कर जाते थे। पैदल जाने में जंगली जानवरों का हर समय खतरा बना रहता था। 10-12 साल पहले भी पूर्व सरपंच मोती सिंह रावत के समय 2 लाख के  बजट से पहाड़ी काटना शुरू भी किया था, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिली। इस पर हमने पहाड़ी काट कर पक्का रास्ता निकालने की योजना बनाई। हमारी जिद थी कि हम पहाड़ी काटकर पक्का रास्ता बनाकर ही दम लेंगे।