जयपुर / कलेक्टर-एसपी बनने के लिए 31 महिला आईएएस और आईपीएस अफसर योग्य, फील्ड में सिर्फ सात

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 सीएम आज सुशासन पर कलेक्टरों से करेंगे संवाद, महिला कलेक्टर-एसपी लगाने में पीछे है प्रदेश

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2019, 03:00 AM IST

जयपुर (डूंगरसिंह राजपुरोहित). राजस्थान में सुशासन को लेकर सीएम अशोक गहलोत गुरुवार को कलेक्टरों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे। इस दौरान गहलोत सभी कलेक्टरों को यह निर्देश देंगे कि सुशासन कैसे आगे बढ़े, जिससे जनता की परेशानियों को दूर किया जा सके। गहलोत वीसी के जरिए कलेक्टरों से लगातार संवाद कर जिलों की व्यवस्था ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस सबके बीच दूसरा पहलू यह है कि प्रदेश में 31 महिला आईएएस और आईपीएस अफसर कलेक्टर-एसपी बनने के लिए एलिजिबल हैं, लेकिन माैजूदा समय में सिर्फ दो महिला कलेक्टर और पांच महिला एसपी के पद पर तैनात हैं। यह तब है, जबकि प्रदेश में सरकारें महिलाओं काे 33% आरक्षण की बात करती हैं।

सरकार चाहे भाजपा की हाे या कांग्रेस की, महिला आईएएस और आईपीएस काे फील्ड पोस्टिंग देने से कतराती हैं। अभी 33 जिलाें में से केवल उदयपुर में आनंधी व प्रतापगढ़ में अनुपमा जोरवाल कलेक्टर हैं। पूर्ववर्ती भाजपा शासनकाल में 13 महिला कलेक्टर बनीं, लेकिन ये अलग-अलग समय में इस पद पर रहीं।

इसी तरह महिला आईपीएस अफसर अभी पांच जिलों में एसपी के पद फील्ड में पोस्टेड हैं। पिछली सरकार के समय 9 महिला आईपीएस अफसर जिला एसपी या जीआरपी एसपी पाेस्टेड थीं, लेकिन ये भी अलग-अलग समय इस पद पर रही। इस बार पांच महिला आईपीएस जिला एसपी के पद पर कार्यरत हैं। इनमें हनुमानगढ़ में राशि डोगरा, बूंदी में ममता गुप्ता, प्रतापगढ़ में पूजा अवाना, जैसलमेर में किरण कंग सिद्धु व चूरू में तेजस्वी गौतम एसपी हैं। जयपुर में आज तक कोई महिला कलेक्टर नहीं रही।


प्रमाेटी महिला आईएएस नहीं बन पा रही कलेक्टर
फील्ड पोस्टिंग में हमेशा पुरुषों का वर्चस्व रहा है। प्रमाेटी आईएएस अफसराें काे ताे कलेक्टर बना दिया जाता है, लेकिन महिला प्रमाेटी आईएएस काे कलेक्टर नहीं बनाया जाता। डाॅ. प्रतिभासिंह, रश्मि गुप्ता, रेणु जयपाल, शैली कृष्णानी, सुषमा अरोड़ा, वंदना सिंघवी सहित 15 प्रमाेटी महिला आईएएस कलेक्टर नहीं बन पाई।

लेडी सिंघम कहलाई प्रीति चंद्रा
आईपीएस प्रीति चंद्रा कराैली में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर रहीं। उन्हाेंने इसी साल करौली में एसपी रहते हुए ढाई माह में 7 से ज्यादा डकैत पकड़े। दस्युओं के कारण जिस जिले में काेई एसपी नहीं लगना चाहता, वहां प्रीति हर सप्ताह बीहड़ाें में कैंप करती थीं। वे अभी जाेधपुर कमिश्नरेट में डीसीपी वेस्ट हैं।


डोगरा ने जीता था राष्ट्रीय पुरस्कार
विधानसभा चुनाव-2018 में दिव्यांगाें से बेहतरीन काम कराने के लिए तत्कालीन अजमेर निर्वाचन अधिकारी आरती डोगरा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। डोगरा वर्ष 2018 के लिए राज्य की एक मात्र अधिकारी हैं, जो इस पुरस्कार से सम्मानित हुई। अजमेर कलेक्टर रहते हुए उन्हाेंने 20 हजार दिव्यांग मतदाताओं से तिरंगे झंडे के रूप में एक 'ह्यूमन फोर मेंशन' बनाया था।

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