राजस्थान / जगतपुरा में कम गहराई पर बिना लेवलिंग पर डाली जा रही 34 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट की पाइपलाइन



34 crore drinking water project pipeline is being dumped at low depth without leveling
X
34 crore drinking water project pipeline is being dumped at low depth without leveling

  • लेवलिंग व अलाइनमेंट सही नहीं होने से पेयजल प्रेशर में रहेगी कमी, पाइपलाइन टूटने की आशंका

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 05:39 PM IST

जयपुर। शहर के जगतपुरा इलाके में बीसलपुर प्रोजेक्ट से पानी सप्लाई करने के लिए डाली जा रही पाइपलाइन की मॉनिटरिंग में जलदाय विभाग के इंजीनियर लापरवाही कर रहे है। यहां पर 34 करोड़ खर्च कर डाली जा रही पाइपलाइन दो से ढाई फीट की गहराई पर ही बिछाई जा रही है। पाइपलाइन की अलाइनमेंट व खाई की लेवलिंग सही नहीं होने पेयजल सप्लाई का प्रेशर कम रहने की आशंका है। यहां पर पेयजल सप्लाई के वितरण के लिए 4 इंच मोटाई की एचडीपीई पाइपलाइन डालने का काम देवेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है।

 

पाइपलाइन डालने में बरती जा रही लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों ने जलदाय विभाग के पूर्व एक्सईएन सतीश जैन व वर्तमान एक्सईएन रामरतन डोई को शिकायत भी की, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है। विभाग के अधीक्षण अभियंता शुभांशु दीक्षित ने इस बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। वहीं सहायक अभियंता प्रवीण कुमार का कहना है कि हम मौके पर जाते है। मेरी जानकारी में कही पर भी कम गहराई पर पाइपलाइन नहीं डाली हुई है।

 

क्वालिटी कंट्रोल विंग ने नहीं की एक बार भी जांच

 

जगतपुर में बिछाई जा रही पाइपलाइन के एचडीपीई पाइप व गहराई को लेकर जलदाय विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग ने एक बार भी जांच नहीं की है। विभाग ने ठेकेदार की ओर से दी गई जांच रिपोर्ट को ही सही मान लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ठेकेदार ने काम नहीं किया और अब यहां पर काम जल्दी करने के नाम पर तेजी से काम हो रहा है। जब कम गहराई पर पाइपलाइन डालने का विरोध किया तो ठेकाकर्मियों की दलील थी कि विभाग के अधिकारियों की पार्टनरशिप में काम हो रहा है। ऐसे में शिकायत करने से कुछ नहीं होगा। लोगों ने इसकी भी जांच करवाने की मांग की। लोगों ने स्थानीय लोगों की कमेटी बना कर पाइपलाइन की क्वालिटी व गहराई की जांच करवाने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि इस टेंडर व वर्कऑर्डर से जुड़े दस्तावेज भी विभाग की वेबसाइट पर नहीं है। जबकि आरटीपीपी एक्ट के तहत टेंडर प्रक्रिया, वर्कऑर्डर व पाइप टेस्टिंग रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए।

 

पाइपलाइन डालने के नियमों की खुली अवहेलना : यह होना था 

  • पाइपलाइन की गहराई 3 फीट तक होना जरूरी।
  • एक समान हो पाइपलाइन डालने की खाई का लेवल
  • इंजीनियर की मौजूदगी जरूरी व
  • मौके पर ही भरी जाए माप-पुस्तिका

यह हो रहा है :

  • लाइन की गहराई कम, कई जगह दो फीट तक भी।
  • एचडीपीई पाइप की लाइन ऊबड़-खाबड़ लेवल पर डाल रहे है।
  • एईएन व एक्सईएन में से कोई भी मौजूद नहीं। माप पुस्तिका महीने भार बाद भरी जा रही है

 

न्यूज व फोटो : श्यामराज शर्मा


 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना