उदयपुर का सबसे ऊंचा मानसून पैलेस, 132 साल पहले बादलों को देखने के लिए बनवाया था

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • मेवाड़ के राजा सज्जन सिंह ने करवाया था पैलेस का निर्माण
  • सज्जनसिंह के नाम से मानसून पैलेस कहलाया सज्जनगढ़ किला

उदयपुर. शहर के टूरिस्ट मैप में \"मानसून पैलेस\" के नाम से पहचान रखने वाला \"सज्जनगढ़ का किला\" समुद्री तल से 3100 फीट ऊंचाई पर है। शहर में इससे ज्यादा ऊंचाई पर कोई भी इमारत नहीं है। यह उदयपुर की सबसे ऊंची पहाड़ी की चोटी पर बनाया गया। करीब 132 साल पहले मेवाड़ के राजा सज्जन सिंह ने खास तौर पर मानसून के बादलों को देखने और बारिश का अनुमान लगाने के लिए बनवाया था, जो कि उदयपुर की एक अद्भुत महलनुमा इमारत है।

1) राजा सज्जन सिंह के नाम से ही मानसून पैलेस का नाम सज्जनगढ़ फोर्ट कहलाया

अरावली रेंज के बंसदारा चोटी पर समुद्र स्तर से 944 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मेवाड़ राजवंश के महाराणा सज्जन सिंह 1884 में महल का निर्माण बरसात के बादल देखने के लिये करवाया था। यह सुंदर महल सफेद संगमरमर से निर्मित है। यहां सनसेट का खूबसूरत नजारा देखने के लिए रोजना सैकड़ों टूरिस्ट पहुंचते हैं।

इस जगह से शहर के बीचोंबीच बसी पिछोला झील और आसपास का इलाका देखा जा सकता हैं। महल में बने कई फीट ऊंचे स्तंभों को फूलों के रूपांकनों और पत्तियों के साथ डिजाइन किया गया है। यह नौ मंजिला इमारत खगोलीय केंद्र के रूप में कार्य करती थी, जिसको मानसून के बादलों पर नजर रखने के लिए बनवाया गया था।

सज्जन सिंह का असामयिक देहांत होने से महल का निर्माण रूक गया। इसके बाद उनके उत्तराधिकारी महाराणा फतेह सिंह ने महल के निर्माण का कार्य पूरा किया। उदयपुर में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर यह पैलेस बना है। ऐसे में बारिश की पहली बूंदें इस पैलेस पर ही गिरती हैं। ऐसे में राज परिवार मानसून का लुत्फ उठाने यहीं आता था।

इस महल का इतिहास मेवाड़ राज्य के इतिहास को दर्शाता है। मानसून पैलेस के निर्माता महाराणा सज्जन सिंह मेवाड़ राजवंश के 72वें शासक थे। इन्होंने उदयपुर में करीब 10 साल शासन किया था। जिसके दौरान उनकी उनकी मृत्यु हो गई थी। सज्जन सिंह को बहुत कम उम्र में राजगद्दी पर बैठाया गया था।

 

फोटो स्टोरी: विष्णु शर्मा

खबरें और भी हैं...