अलवर / दो साल में 7 बाघों की मौत, अब 15 दिन से घायल एसटी-6 के जख्मों पर लगे कीड़े; 15 दिन से खाना छोड़ा



बाघ एसटी-6 की फाइल फोटो। बाघ एसटी-6 की फाइल फोटो।
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बाघ एसटी-6 की फाइल फोटो।बाघ एसटी-6 की फाइल फोटो।

  • प्रशासन की इसी लापरवाही से सरिस्का में बीते 11 माह में 2 बाघों की मौत हो चुकी है

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 05:56 AM IST

अलवर. सरिस्का में बदइंतजामी के बुरे दिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे। चार माह पहले इलाज में लापरवाही से बाघ एसटी-16 की माैत हाे गई थी। अब इलाज नहीं मिलने से एक और बाघ मौत से जूझ रहा है। कुछ दिन पहले आपसी संघर्ष में घायल हुए बाघ एसटी-6 के तीन जख्मों पर पिछले 15 दिन से मैगट्स (कीड़े) पड़ गए हैं। चिंता की बात ये तीनों जख्म जननांग के पास हैं। पता लगने के 10 दिन बाद भी मैगट्स नहीं हटाए गए। जख्मों में संक्रमण बढ़ता जा रहा है और बाघ ने खाना छोड़ दिया है। सरिस्का प्रशासन ने उसे न केवल मरने के लिए छोड़ दिया है, बल्कि उम्रदराज बताकर अपनी कमी छिपाने में जुटे हुए हैं।


14 साल के एसटी-6 से संघर्ष में दो बाघ घायल हुए थे
प्रशासन की इसी लापरवाही से सरिस्का में बीते 11 माह में 2 बाघों की मौत हो चुकी है। बाघ एसटी-6 से संघर्ष में 2018 में बाघ एसटी-4 व जून 2019 में बाघ एसटी-16 घायल हुए। इलाज की कमी व भूख के कारण दोनों की मौत हो गई। इसी साल बाघिन एसटी-9 के तीन शावक भी मर चुके हैं। तब वन अधिकारियों ने शावकों के पैदा होने की बात ही नकार दी थी। बीते दो साल में सरिस्का में 4 युवा बाघ-बाघिन व 3 शावकों की मौत हो चुकी है। तीन शावक लापता हैं। अब सरिस्का में कुल 11 बाघ-बाघिन बचे हैं।


एक बार ट्रंकुलाइज किया, लेकिन मैगट्स नहीं हटाए, केवल एक डोज दवा देकर भूल गए
14 साल के बाघ एसटी-6 के जख्मों के बारे में अजबगढ़ रेंज के फील्ड स्टाफ ने 3 अक्टूबर को जानकारी दी थी। 9 अक्टूबर को जयपुर से आए पशु चिकित्सक ने ट्रंकुलाइज कर एक बार दवा दी, लेकिन मैगट्स नहीं हटाए। तब से बाघ को इलाज नहीं मिला है। बाघ ने 10 दिन में बमुश्किल 2 किलो मांस खाया है। मैगट्स मक्खी या कीटों का लार्वा होते हैं। खुले जख्म में कीट अंडे छोड़ देते हैं। कुछ घंटों में इनके लार्वा निकल आते हैं। ये जख्म को सड़ाकर उसे खाने लगते हैं।


डॉक्टर को बुलाकर दवा दी थी, अब बाघ की हालत बेहतर
परसों हमने डॉक्टर बुलाकर दवा दिला दी थी। बाघ बूढ़ा है, इसलिए जो संभावित इलाज है, वह दिया जा रहा है। जहां तक मैगट्स निकालने की बात है तो जो डॉक्टर बताएगा वही उपचार देंगे। उसने गाय का शिकार कर लिया था। हालात ठीक है। -सेढूराम यादव, डीएफओ, सरिस्का
 

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