हिंगोनिया गौ पुर्नवास केंद्र में 10 दिनों में 800 गायों की मौत, चारे की चल रही थी कमी

4 वर्ष पहले
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  • 23 छोटे बड़े बाडों में हो रही थी रोजाना 100 गायों की मौत

जयपुर. हिंगोनिया गौ पूनर्वास केंद्र में भूख से तपड़कर गायों की मौत का मामला सामने आया है। चारा नहीं मिलने की वजह से पिछले 10 दिन के भीतर करीब साढ़े 800 गायों की मौत हो गई है। हिंगोनिया में पिछले दस दिनों से चारा नहीं आ रहा है। 

 

जो स्टॉक में था वह पांच दिनों के भीतर खत्म हो गया। यहां करीब 23 छोटे बड़े बाड़े हैं, जिसमें रोजाना 100 गायों की मौत हो रही है। आम दिनों में 20 से 22 गायों की औसत मौत होती रही है। इस पर तो हॉस्पिटल व आईसीयू में भी चारा नहीं आया। 

 

हिंगोनिया गौशाला को अक्षयपात्र ने गोद लिया हुआ है और गायों को चारा निगम के पैसे का डाला जाता है। पिछले पांच माह से निगम ने अक्षयपात्र को करीब 15 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया, जिसकी वजह से गायों को चारा नहीं मिल सका। यहां करीब 2300 की संख्या में गोवंश हैं, जिसमें बछड़े व सांड भी शामिल हैं।

 

करीब 70 टन चारे की रोजाना आवश्यकता होती है। घटना की सूचना मिलने पर गौशाला उपायुक्त आरके मीना व मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. हरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति देखी। तीन साल पहले बारिश की वजह से सैकड़ों गायों की मौत का गवाह बने हिंगोनिया गौ पूनर्वास केंद्र में फिर से यह सिलसिला शुरू हो गया। 

 

इनका कहना है
इतनी गायों के मरने की हमारे पास सूचना नहीं थी। भुगतान की फाइल गौशाला शाखा से तो कभी की निकाल दी गई। अब कहां अटकी यह पता नहीं हैं।सार संभाल की जिम्मेदारी तो अक्षयपात्र की है।

- आरके मीना, उपायुक्त, गौशाला निगम 

 

 

खबर: भरत सिसोदिया


 

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