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10 किमी की यात्रा में 2 किमी तक सिर्फ श्रद्धालुओं की कतार, 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल

1111 कुंडात्मक रुद्र मृत्युंजय महायज्ञ

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 06:50 AM IST

जयपुर. ​गोनेर के बाबा आश्रम में रुद्र महायज्ञ के लिए गुरुवार को गोविंददेवजी मंदिर से यात्रा निकली। इसमें 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल थे। यात्रा का एक छोर जब सांगानेरी गेट पर था, तब भी गोविंददेवजी से यात्री रवाना हो रहे थे।


गोनेर रोड के बाबा बालनाथ आश्रम में शुरू होने वाले 1111 कुंडीय महायज्ञ के लिए गुरुवार को भव्य कलश यात्रा निकली। बाबा आश्रम में 13 फरवरी तक महायज्ञ होगा। आराध्य गोविंददेवजी मंदिर से सुबह करीब 51 हजार श्रद्धालु महिलाएं मंगल गीत गाती हुईं कलश धारण किए निकल पड़ीं।


यात्रा की अगुवानी करते हुए बाबा बस्ती नाथ हाथी पर बैठ कर आगे बढ़ते गए। पीली साड़ी और चुनड़ी ओढ़े अनुशासित ढंग से आगे बढ़ीं तो उनका आखिरी छोर दिखाई ही नहीं दिया। सबसे पहले रवाना होने वाली महिलाएं, जहां ट्रांसपोर्ट नगर पहुंच गई थीं, वहीं आखिरी छोर जौहरी बाजार पर था।

श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा से किया कलश यात्रा का स्वागत
हाथी-ऊंट-घोड़े, बैल, पालकी के भारी लवाजमे और बैंडबाजे की मधुर स्वर लहरियों के साथ निकली कलशयात्रा के लिए कई ब्लॉक बनाए गए ताकि कोई अव्यवस्था नहीं हो। लाल कपड़ों में वॉलियंटर व्यवस्था बनाते चल रहे थे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बालकनाथ के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। शाही लवाजमे के साथ कलशयात्रा कलशयात्रा बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर, घाट की गुणी, खानिया बंधा गोनेर रोड होते हुए आश्रम पहुंची। कलशयात्रा का जगह-जगह पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

यज्ञशाला में हुआ कुंडों का पूजन
विभिन्न मार्गों से होती हुई कलश यात्रा दोपहर को गोनेर रोड स्थित बाबा बालनाथ आश्रम पहुंची। यहां आश्रम के बाबा बस्ती नाथ ने गुरु गोरक्षनाथ और अवधूत बाबा बालनाथ का पूजन किया। गुरुवार को ही 1111 कुंडात्मक मृत्युंजय रुद्र महायज्ञ के लिए कलशों का पूजन किया गया। इसमें 13 फरवरी तक विश्व कल्याण की कामना और राष्ट्र अभ्युदय की कामना से आहुतियां अर्पित की जाएंगी।


पहले भी करवा चुके हैं विशाल हवन
बाबा बालनाथ आश्रम में बाबा बस्ती नाथ ने 108 कुंडीय से लेकर 2121, 5151, 6161, 9108 कुंडीय महायज्ञों का आयोजन करवा चुके हैं। इस बार हो रहे 1111 कुंडीय महामृत्युंजय महायज्ञ के लिए प्रति यजमान 6500 रुपए तथा एक बोरी गेहूं का सहयोग लिया है।

पदयात्राएं भी हुईं शामिल
कलशयात्रा में कई राज्यों के श्रद्धालु पदयात्रा के साथ ध्वज लेकर पहुंचे। यात्रा में दर्जनों झांकियां लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहीं। इस दौरान देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु हवन कुंडों के दर्शन कर यज्ञ मंडप के परिक्रमा लगाकर पुण्यार्जन करेंगे। विशाल भंडारा होगा। कलशयात्रा में विदेशी श्रद्धालु भी वैदिक संस्कृति से सराबोर नजर आए। महायज्ञ में हिस्सा लेने के लिए आए विदेशी पावणे भी कलशयात्रा में शामिल थे।