जयपुर

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जानलेवा स्वाइन फ्लू वायरस से 12% मौत सिर्फ राजस्थान में

रिपोर्ट : स्वाइन फ्लू से होने वाली मौत में राजस्थान तीसरे व संक्रमण में चौथे नंबर पर

Danik Bhaskar

Jan 02, 2018, 04:16 AM IST

जयपुर. सरकार की ओर से स्वाइन फ्लू के मिशिगन वायरस के इलाज व पुख्ता इंतजामों के दावे किए जा रहे है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बया कर रही है। प्रदेश में पिछले साल अब तक 3 हजार 619 पॉजिटिव में से 279 लोगों की जान ले ली है। स्वाइन फ्लू से मौत में राजस्थान तीसरे व संक्रमण में चौथे नंबर पर है। मौत की वजह कुछ अस्पतालों में इलाज में देरी व जांच में कोताही बरतना भी सामने आया है। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने पर मरीज को जिन्दगी से हाथ धोना पड़ा। हालांकि चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने मौत के मामले में यह कहकर पल्ला झाड़ रहे है कि मरीज गंभीर हालत होने पर ही पहुंचते है। जबकि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखते ही तत्काल डॉक्टर से संपर्क कर जांच करानी चाहिए।

- देश के गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश, यूपी व अन्य राज्यों में 2 हजार 250 होने वाली मौतों में 279 यानि 12 फीसदी सिर्फ राजस्थान में हुई है। यह खुलासा केन्द्र सरकार की ओर से जारी स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट में हुआ है।

- केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान व यूपी सरकार को नए साल में पहले से स्वाइन फ्लू रोकने के इंतजाम करने के लिए कहा है।

ठंड में मिशिगन वायरस सक्रिय
मिशिगन वायरस ठंड के साथ ही सक्रिय होने से लोगों को न केवल संक्रमण की चपेट में ले रहा है। बल्कि कमजोर इम्यूनिटी वालों को मौत के मुंह में ले रहा है। डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू का पहले केलिफोर्निया स्टेन था, जो बदलकर मिशिगन हो गया है। विशेषकर गर्भवती, बच्चे, कैंसर व हार्ट की बीमारी से पीड़ित गंभीर मरीजों को संक्रमण फैलाता है।


38,600 में से 2,250 की मौत
देश में इस साल अब तक 38 हजार 600 लोगों में संक्रमण फैल चुका है। इसमें से 2 हजार 250 की मौत हो चुकी है। मौत में महाराष्ट्र पहले व गुजरात दूसरे नंबर पर है। जबकि पॉजिटिव में पहले नंबर पर गुजरात, दूसरे पर महाराष्ट्र व तीसरे नंबर पर यूपी है।


तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू को देखते हुए समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्क्रीनिंग के निर्देश दिए है। जांच के लिए जिला अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी स्तर तक 2 हजार 164 वीटीएम जांच किट उपलब्ध है। ठंड को देखते चिकित्सा विभाग को पहले से अलर्ट रहने के लिए कहा है। नए साल में 3 जनवरी को स्वाइन फ्लू के लिए समीक्षा बैठक होगी। इसमें नए साल में वायरस पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों से चर्चा होगी।
-कालीचरण सराफ, चिकित्सा मंत्री

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