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गणगौर पूजा शुरू, 16 दिन चलेगा सुहागिनों का उल्लास

इस पर्व में कुंवारी लड़कियां जहां गण यानि शिव तथा गौर यानि पार्वती से मनपसंद वर पाने की कामना करती हैं।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 04:21 AM IST

जयपुर. सुहागिनों का त्यौहार गणगौर पर्व शुरू हो चुका है। सुख-सौभाग्य, श्रेष्ठ वर की कामना के साथ कुंवारी लड़कियों, नव-विवाहिताओं और महिलाओं ने धुलंडी के दिन से होली की राख से सोलह गणगौर बनाकर पूजा शुरू कर दी। गणगौर की पूजा के लिए महिलाएं बगीचों से मंगलगीत गाते हुए दूब और पानी लेकर आई।

ज्योतिषाचार्य पीतांबर प्रसाद शर्मा ने बताया कि गणगौर पर परंपरागत गीतों के साथ ईसर और पार्वती का पूजन किया जाता है। आठवें दिन कुम्हार के घर से मिट्टी लाकर बड़ी गणगौर माता बनाई जाएगी। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीया तक 16 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में कुंवारी लड़कियां जहां गण यानि शिव तथा गौर यानि पार्वती से मनपसंद वर पाने की कामना करती हैं।

वहीं, विवाहित महिलाएं सुहाग की सलामती के लिए पूजन करती है। बड़ी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर में रियासतकाल से सामूहिक रूप से गणगौर की पूजा की जा रही है। विभिन्न कॉलोनियों की महिलाएं यहां सुबह गणगौर पूजन करने आ रही है। महिलाएं सुबह सामूहिक रूप से गणगौर के गीत गाकर पूजन करती है।