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इस रेगिस्तान में एक शख्स की 24 घंटे ड्यूटी, तब जाकर दो हजार लोगों को मिलता है बिजली-पानी

सर्दियों में माइनस, गर्मियों में 50 डिग्री तक पारा, फिर भी...

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 06:03 AM IST

जयपुर. यह तस्वीर रेगिस्तान की है, जहां 33 केवी का जीएसएस लगा है। इसकी देखरेख के लिए चौबीसों घंटे किसी एक कर्मचारी की ड्यूटी रहती है। बीकानेर जिले में श्रीडूंगरगढ़ तहसील के हेमासर गांव में स्थित इस जीएसएस से कई गांव रोशन हो रहे हैं, वहीं 85 कुओं को सिंचाई के लिए बिजली सप्लाई की जा रही है। दो हजार लोग बिजली-पानी के लिए इसी पर आश्रित हैं। सर्दियों में यहां पारा माइनस तक गिर जाता है, वहीं गर्मियों में तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है।

- इसके बावजूद इस बियाबान रेगिस्तान में कोई न कोई कर्मचारी रहता ही है, उसी एक शख्स की बदौलत लोगों को बिजली-पानी मिल पाता है। लेकिन यहां तैनात कर्मचारियों की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है। जीएसएस पर रोशनी के लिए कोई बल्ब तक नहीं है।

- बिजली गुल हो जाए तो कर्मचारी को टॉर्च की रोशनी में ही जीएसएस पर काम करना पड़ता है। पीने का पानी भी नहीं है, कर्मचारी गांव में लोगों के घर से बोतल भरकर लाते हैं।