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7 साल, 21 बड़ी भर्तियां और बेरोजगारों के फॉर्म पर ही खर्च हो गए 428 करोड़ रुपए

बेरोजगारी का एक चेहरा यह भी : नौकरी की आस में बेरोजगारों को प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदनों पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है

मदन कलाल | Last Modified - Dec 28, 2017, 04:03 AM IST

7 साल, 21 बड़ी भर्तियां और बेरोजगारों के फॉर्म पर ही खर्च हो गए 428 करोड़ रुपए

जयपुर. नौकरी की तलाश में जुटे बेरोजगारों ने परिवार के पसीने की कमाई का 428 करोड़ रुपया तो सिर्फ परीक्षा आवेदन शुल्क के नाम पर ही चुका डाला है। शिक्षक बनने की चाह पाले युवाओं ने 147.42 करोड़ रु. का आवेदन शुल्क तो टेट और रीट के लिए ही चुकाया है। इस बार की रीट के लिए 9. 55 लाख आवेदन आए हैं। इनका शुल्क करीब 50 करोड़ रु. है। पुलिस कांस्टेबल 2017 के आवेदन प्रक्रिया में अब तक 51.22 करोड़ शुल्क बेरोजगार दे चुके हैं।


- राज्य में बीते 7 साल की अहम 21 भर्तियों में बेराेजगारों ने नौकरी की चाह में आवेदन शुल्क पर मजबूरी में ही सही जमकर पैसा खर्च किया है। इस दौरान अन्य छोटी-बड़ी भर्तियों को शामिल कर लिया जाए तो यह राशि 600 करोड़ के भी पार चली जाएगी।

- राज्य में भर्ती परीक्षाओं के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी राज्य लोक सेवा आयोग, राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आरटेट, रीट की नोडल एजेंसी रहा है। पुलिस सहित अन्य विभागीय स्तर पर भी कई पदों की भर्तियां की जाती है।

- प्रदेश में पिछले सात साल की अहम भर्तियों का रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि बेरोजगार इन नौकरियों के लिए भारी-भरकम शुल्क तो सिर्फ आवेदन के नाम पर ही खर्च कर रहे हैं। कई के तो रिजल्ट तक अटके पड़े हैं। बेरोजगारों के जेब पर आ रहे भारी-भरकम दबाव को देखते हुए विशेषज्ञों सहित कई संगठनों की यह भी मांग है कि भर्ती परीक्षाओं के लिए न्यूनतम शुल्क तय कर दिया जाना चाहिए।

शिक्षक बनना भी भारी, सिर्फ आरटेट और रीट के लिए भी खर्चे 147.42 करोड़
- प्रक्रियाधीन रीट 2017 की वर्तमान प्रक्रिया में 9.55 लाख अभ्यार्थियों ने आवेदन शुल्क के रूप में 50 करोड़ शुल्क अदा किया है। आरटेट 2011 में दोनों लेवल में 10 लाख 79 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें फीस के रूप में 34.56 करोड़ रु. भुगतान हुआ। आरटेट 2012 में 4.60 लाख अभ्यार्थियों से 21.23 करोड़ रु. आवेदन शुल्क के रूप में चुकाए गए। आरटेट 2013 में 4.50 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस परीक्षा में 20.63 करोड़ रुपए परीक्षा शुल्क के रूप में युवाओं ने भुगतान किया। रीट 2015 में 21 करोड़ शुल्क आया।

रिकॉर्ड आवेदन और शुल्क कांस्टेबल भर्ती में
- पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2017 में 14 लाख आवेदन आ चुके हैं। यदि विभिन्न श्रेणियों के आवेदन शुल्क को मिलाकर औसतन आवेदन शुल्क 350 रुपए माना जाए तो बेरोजगार करीब 51.22 करोड़ का शुल्क दे चुके हैं। अंतिम तिथि 15 जनवरी है।

राज्य लोक सेवा को 5 साल में इस तरह चुकाई आवेदन फीस
राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से विभिन्न परीक्षाओं के लिए विज्ञापित पदों के आवेदन शुल्क के रूप में भी बेरोजगार युवाओं ने भारी फीस का भुगतान किया। वित्तीय वर्ष 2011-12 में 2522 लाख रुपए आयोग को शुल्क के रूप में मिला। इसी प्रकार 2012-13 में 472 लाख, 2013-14 में 7040 लाख रुपए, 2014-15 में 843 लाख रुपए और 2015-16 में 230 लाख रुपए विभिन्न परीक्षाओं के शुल्क के रूप में आय हुई।

शुल्क पूरी तरह मुक्त हो या करें न्यूनतम - विशेषज्ञ

बेरोजगारों के लिए परीक्षा आवेदन शुल्क न्यूनतम रखा जाना चाहिए। सरकार चाहे तो कई परीक्षाओं से इसे मुक्त भी कर सकती है।
-संदीप कलवानिया, एज्युकेशन एक्सपर्ट, एडवाेकेट, राजस्थान हाईकोर्ट
बेरोजगारों की कतार है। भर्तियां नगण्य हैं। जो निकलती हैं वे पूरी नहीं हो पातीं सरकार ने बेरोजगारों को ही रोजगार का जरिया बना लिया है।
-उपेन यादव, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ
युवाओं पर शुल्क का बोझ कम करेंगे - भर्ती बोर्ड
मैंने कुछ दिन पहले ही जिम्मेदारी संभाली है। हम योजना तैयार करेंगे कि कैसे युवाओं पर बार-बार आवेदन से मुक्ति के साथ परीक्षा शुल्क का बोझ कम हो।
-डॉ. राधेश्याम गर्ग, अध्यक्ष, राज्य लोक सेवा आयोग
एक्जाम हमारे लिए प्रॉफिट मेकिंग का जरिया नहीं हैं। परीक्षा आयोजन पर भारी खर्च होता है। ऐसे में कोर्ट केसेज सहित अन्य प्रकरणों पर भी बड़ी राशि का भुगतान करना होता है। कोशिश रहती है कि बेरोजगारों पर ज्यादा भार न पड़े। - नंदसिंह नरुका, चेयरमैन राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड

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