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अलवर उपचुनाव: 7वीं बार यादवों के बीच मुकाबला

जसवंत और करण सिंह 2008 में भी बहरोड़ विधानसभा से आमने-सामने हो चुके हैं, इसमें जसवंत 20 हजार वोटों से जीते थे

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 06:16 AM IST

जयपुर. अलवर में एक बार फिर से दो यादवों के बीच मुकाबला होगा। भाजपा से डॉ. जसवंत यादव और कांग्रेस से डॉ. करण सिंह यादव चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों यादव पहले 2008 में बहरोड़ विधानसभा से आमने-सामने हो चुके हैं। इसमें जसवंत ने करण यादव को करीब 20 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। पिछले 40 सालों में इस सीट पर 11 चुनाव हुए हैं। इसमें 8 बार यादव प्रत्याशी जीते हैं। इनमें भी छह चुनाव में भाजपा व कांग्रेस दोनों ने यादव प्रत्याशियों को ही टिकट दिया। जसवंत यादव पहले भी अलवर सीट से तीन बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इसमें दो बार हारे व एक बार जीते।


साल 1996 में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष डॉ. जसवंत सिंह को भाजपा ने कांग्रेस से इस्तीफा दिलवाकर रातों-रात भाजपा ज्वाइन करवाई। कांग्रेस ने सीट बचाने के लिए अपने दिग्गज नेता नवल किशोर को जसवंत सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा। नवल किशोर 2 हजार वोटों से जीते। 1998 में कांग्रेस ने घासीराम यादव को उतारा। महेंद्र कुमारी निर्दलीय मैदान में उतरीं।

वहीं भाजपा ने डॉ. जसवंत यादव पर दांव लगाया। घासीराम यादव ने महेंद्र कुमारी को 25 हजार वोटों से हराया। वहीं जसवंत यादव तीसरे नंबर पर रहे। साल 1999 में भाजपा ने डॉ.जसवंत यादव को उतारा तो कांग्रेस ने इस बार महेंद्र कुमारी को टिकट दिया। यादव ने महेंद्र कुमारी को लगभग 57 हजार वोटों के अंतर से हराया। वहीं 2009 में कांग्रेस से भंवर जितेंद्र सिंह व भाजपा से डॉ. जसवंत यादव की पत्नी डॉ. किरण यादव चुनाव लड़े। भंवर जितेंद्र डेढ़ लाख वोटों से जीते।


डॉ. करण सिंह यादव कांग्रेस के टिकट पर एक बार अलवर लोक सभा व तीन बार बहरोड़ विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। 2004 में कांग्रेस ने डॉ. करण सिंह यादव को तो भाजपा ने महंत चांदनाथ को टिकट दिया। करण सिंह ने चांदनाथ को 8 हजार वोटों से हराया। यानी दोनों यादवों में करण सिंह भारी रहे। इसके अलावा 1998, 2003 में बहरोड़ विधानसभा चुनाव लड़े और जीते लेकिन 2008 में जसवंत यादव के सामने बहरोड़ विधानसभा में हार गए।