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एक कांस्टेबल की हिम्मत और एक गोली, रोक ली देश की सबसे बड़ी बैंक डकैती

बैंक में 13 बदमाश, 926 करोड़ रु., कांस्टेबल ने एक गोली से बचा ली देश की सबसे बड़ी डकैती

Bhaskar News | Last Modified - Feb 07, 2018, 01:17 AM IST

    • VIDEO: बदमाशों ने चैनल गेट तोड़ बैंक गार्ड प्रमोद कुमार को बांध दिया। कॉन्स्टेबल सीताराम ने ललकारा, गोली चलाई, बदमाश भाग गए।

      जयपुर.सोमवार देर रात जयपुर शहर में साहस और दुस्साहस की नई कहानी लिखी गई। सी-स्कीम के रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक को लूटने रात 2:30 बजे इनोवा कार में 13 बदमाश आए। बैंक में उस वक्त 926 करोड़ रुपए कैश मौजूद था। यानी बदमाशों के मंसूबे कामयाब होते तो ये देश के इतिहास में सबसे बड़ी बैंक डकैती होती। मगर बदमाश सफल नहीं हो पाए, उनका रास्ता सिर्फ एक आदमी ने रोक लिया। बैंक में तैनात कॉन्स्टेबल सीताराम ने एक राउंड फायरिंग कर बदमाशों को भागने को मजबूर कर दिया। जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने तो कॉन्स्टेबल सीताराम के गैलेंट्री प्रमोशन की अनुशंसा की ही है। दैनिक भास्कर भी बुधवार को सीताराम को सम्मानित करेगा।

      कहां हुई डकैती कोशिश

      -जयपुर के सी-स्कीम में रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक की चेस्ट ब्रांच में। लूट के इरादे से रात करीब 2:30 बजे 7 सीटर इनोवा में 13 बदमाश पहुंचे।

      बैंक में कितना कैश था?

      - बैंक में 926 करोड़ रु. थे। हालांकि इसकी कैश लिमिट 650 करोड़ रुपए की ही थी।

      कामयाब क्यों नहीं हो पाए?

      - बदमाशों ने चैनल गेट तोड़ बैंक गार्ड प्रमोद कुमार को बांध दिया। कॉन्स्टेबल सीताराम ने ललकारा, गोली चलाई, बदमाश भाग गए।

      कॉन्स्टेबल​ सीताराम ने सुनाई आपबीती

      - ''मेरी सी-स्कीम में रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक की चेस्ट ब्रांच में ड्‌यूटी थी। मैं रात करीब 2 बजे बैंक पहुंचा। दो और पुलिसकर्मी रतिराम और मानसिंह रेस्ट रूम में थे। बैंक का निजी सुरक्षा गार्ड प्रमोद मेनगेट पर तैनात था। रात करीब 2:30 बजे बैंक के बाहर मेनगेट से किसी के कूदकर अंदर आने और कुछ टूटने जैसी आवाज सुनी तो मैं खिड़की से चिल्लाया-कौन है? बाहर झांककर देखा तो 4-5 लोग नजर आए। पहले तो मैं घबरा गया। लेकिन खुद को संभालते हुए थोड़ा बाहर आकर देखा तो मुझे 10 से ज्यादा लोग नजर आए।"

      - "सभी ने चेहरों को रूमाल, कपड़े व मंकी कैप से ढंका हुआ था। उनके हाथों में हथियार भी थे। ये लोग बैंक का मेनगेट फांदकर अंदर आ गए और बैंक बिल्डिंग का चैनल गेट भी खोल लिया था। बैंक का गार्ड प्रमोद कहीं नजर नहीं आ रहा था। मैं स्थिति को भांप गया। मुझे फायर करना ही उपाय सूझा। मैंने बदमाशों को ललकारा और हवाई फायर किया। बदमाश हड़बड़ा गए और भाग गए। तब मैं बिल्डिंग से बाहर निकला और प्रमोद के हाथ-पांव खोलकर उसे अंदर ले आया। पूरा घटनाक्रम मुश्किल से 10 मिनट में हो गया। मैंने तुरंत कंट्रोल रूम को फोन किया। करीब 5 मिनट में पुलिस गश्ती दल मौके पर पहुंच गया।''

      वो 13 थे, 4 के हाथ में पिस्तौल, बाकी डंडे-सरियों से लैस, फिर भागे क्यों?

      - गफलत:माना जा रहा है कि बदमाश इस बैंक को साधारण बैंक समझकर ही घुसे। उन्हें आभास नहीं था कि यह चेस्ट ब्रांच है। आशंका है कि वे रैकी कर वारदात करने आए, लेकिन माना यह भी जा रहा है कि रैकी बैंक के बाहर तक ही की गई।

      ...और बौखलाहट:बदमाशों को उम्मीद नहीं थी कि बैंक में पुलिसकर्मी हैं। जैसे ही गोली चली। वे बौखला गए। अंदाजा भी नहीं था कि अंदर कितने पुलिसकर्मी हैं।

      दैनिक भास्कर करेगा जयपुर पुलिस के हीरो को सम्मानित
      - पुलिस की छवि हमेशा नकारात्मक ही पेश होती रही है। लेकिन सोमवार की रात जयपुर ने पुलिस का बहादुर चेहरा भी देखा। कॉन्स्टेबल सीताराम की हिम्मत ने ही देश की सबसे बड़ी बैंक डकैती के प्रयास को नाकाम कर दिया। गुलाबी शहर के इस हीरो के जज्बे को दैनिक भास्कर सलाम करता है।

      - जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने तो कॉन्स्टेबल सीताराम के गैलेंट्री प्रमोशन की अनुशंसा की ही है, दैनिक भास्कर भी बुधवार को सीताराम को सम्मानित करेगा।

      नकदी भरने के लिए4 खाली कट्टे लाए थे
      - पुलिस के अनुसार, बदमाश नकदी भरने के लिए चार खाली कट्टे लेकर आए थे। चार बदमाशों के पास पिस्तौल थी, बाकी डंडे-सरियों से लैस थे। 11 बदमाश बाहर निकले, दो कार में ही बैठे रहे।

      बैंक गार्ड प्रमोद कुमार ने क्या बताया?

      - प्रमोद ने बताया- रात 2:30 बजे के करीब मैं बैंक के बाहरी हिस्से में राउंड ले रहा था। पीछे चेकिंग करने गया था। इस दौरान बैंक के आगे वाले हिस्से के गेट से किसी के कूदने की आवाज आई। मैं मेनगेट की तरफ आ गया। दो युवकों ने मुंह पर नकाब पहना हुआ था और उनके हाथ में पिस्तौल थी। मैं उन्हें रोक ही रहा था कि तीन और जने मेनगेट से बैंक परिसर में आ गए। सभी मेरी ओर भागे और मुझे पकड़ कर नीचे गिरा दिया। इसके बाद एक ने मेरे मुंह को बंद कर लिया और दो जने मेरे ऊपर बैठ गए।"

      - "आरोपियों ने मेरे हाथ बांध दिए और पैर बांध ही रहे थे कि इस दौरान बैंक के अंदर से सीताराम चिल्लाया। उसने फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनकर सभी बदमाश बैंक के गेट की दीवार फांदकर बाहर भाग गए। यह पूरा घटनाक्रम करीब दो मिनट का था। जो बदमाश बैंक परिसर घुसे थे, उन्होंने आपस में कोई बात भी नहीं की थी। फायरिंग की आवाज सुनकर सिर्फ इतना कहा था- भागो यहां से। इसके बाद सीताराम ने मेरे पास आया। मुझे संभाला और पुलिस को सूचना दी। अशोक नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कॉन्स्टेबल सीताराम की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।"

      सामने वाले मकान की खिड़की पर लगी कॉन्स्टेबलकी गोली
      - कॉन्स्टेबल सीताराम ने बदमाशों को ललकारते हुए जो गोली चलाई वह बैंक के सामने बायीं ओर के मकान की खिड़की में लगी। गोली से खिड़की का कांच टूटा तो मकान मालिक महेंद्र और उनके परिवार की नींद खुल गई।

      - महेंद्र ने बताया की कांच टूटने की आवाज से हम जागे और बाहर आए तो घटनाक्रम मालूम पड़ा। फिर कुछ ही देर में वहां पुलिस का जमावड़ा लग गया।

      पिस्तौलें लहराते हुए बैंक मेंं घुसे, सिर्फ एक गोली चली और फिर हवा में कहां गायब हो गए बदमाश?

      - गार्ड को बंधक बना बैंक में घुसे मगर कॉन्स्टेबल के एक हवाई फायर के बाद ही भाग छूटे।

      - सोमवार देर रात शहर के पॉश सी-स्कीम इलाके में हुई घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं और अब पुलिस इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने में लगी है।

      - पुलिस की पड़ताल के समानांतर भास्कर ने भी पूरे मामले के हर पहलू को परखा और सवालों की तह में जाने की कोशिश की।

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      यह है जयपुर के सी-स्कीम में रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक की चेस्ट ब्रांच।
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      लूट के इरादे से रात करीब 2:30 बजे 7 सीटर इनोवा में 13 बदमाश पहुंचे थे।
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      पुलिस के अनुसार, बदमाश नकदी भरने के लिए चार खाली कट्टे लेकर आए थे।
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      चार बदमाशों के पास पिस्तौल थी, बाकी डंडे-सरियों से लैस थे। 11 बदमाश बाहर निकले, दो कार में ही बैठे रहे।
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