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झालावाड़ में अगस्त 2018 तक बनेगा एयरपोर्ट, तीन फेज में पूरा होगा निर्माण

169 करोड़ में पहला फेज हो सकेगा पूरा, पिरामिड आकृति की बनेगी एयरपोर्ट बिल्डिंग

bhaskar news | Last Modified - Dec 30, 2017, 08:15 AM IST

  • झालावाड़ में अगस्त 2018 तक बनेगा एयरपोर्ट, तीन फेज में पूरा होगा निर्माण

    जयपुर. दक्षिण राजस्थान के निवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार झालावाड़ के कोलाना में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कराने जा रही है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में एयरपोर्ट घरेलू यात्रियों के आवागमन के लिए तैयार किया जाएगा और इसे अगस्त 2018 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

    झालावाड़ में वर्तमान में कोलाना में हवाई पट्टी है। अभी हवाई पट्टी और भवन 85 एकड़ क्षेत्र में बना है। 5976 फीट लम्बी इस हवाई पट्टी से वर्तमान में छोटे विमानों (चार्टर्ड) का संचालन हो रहा है। पीडब्ल्यूडी ने एक निजी कंपनी संगीता एविएशन से इसकी कंसल्टेंसी रिपोर्ट मांगी थी, जो सबमिट हो चुकी है। रिपोर्ट में कंपनी ने पहले चरण का कार्य 169 करोड़ रुपए लागत में पूरा करने की बात कही है। इसमें कहा गया कि एयरपोर्ट बिल्डिंग पिरामिड आकृति की बनाई जाएगी। बिल्डिंग चार मंजिला और 12 मीटर ऊंचाई की बनेगी। एयरपोर्ट के रनवे की बात करें तो वर्तमान में चौड़ाई 100 फीट है, जिसे बढ़ाकर 150 फीट किया जाएगा। रनवे की लंबाई अगले चरणों में बढ़ाई जाएगी। पहले चरण में यहां एटीआर-72 और एयरबस 320 आकार के विमानों को उतारने की तैयारी है। एयरबस-320 आकृति के विमान में 180 यात्री एकसाथ सफर कर सकते हैं। तीसरे चरण में यहां पर दुनिया के सबसे बड़े हवाई जहाज एयरबस-380 को भी उतारने की योजना है। एयरबस-380 विमान वर्तमान में केवल दिल्ली और मुम्बई एयरपोर्ट से ही संचालित होता है।

    डिटेंशन रूम, 8 टिकट काउंटर भी होंगे
    झालावाड़एयरपोर्ट चूंकि इंटरनेशनल स्तर का नहीं है, ऐसे में यहां इमिग्रेशन और कस्टम विभागों के काउंटर भी नहीं बनेंगे। कंसल्टेंसी फर्म संगीता एविएशन के सीईओ अमित अग्रवाल ने बताया कि पिरामिड आकृति में बनने वाला यह पहला एयरपोर्ट होगा। गौरतलब है कि पिरामिड आकृति का एयरपोर्ट ऊर्जा संरक्षण के लिहाज से सबसे बेहतर माना जाता है। डिपार्चर और अराइवल टर्मिनल के साथ-साथ यहां कार्गो टर्मिनल भी विकसित किया जाएगा। वहीं फायर स्टेशन, एटीसी ब्लॉक, डीवीओआर सहित तमाम सुविधाएं यहां पर विकसित की जाएंगी। यदि इस रिपोर्ट पर जनवरी से कार्य शुरू हो जाता है, तो अगस्त-2018 तक यहां से विमानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है।

    कुछ ऐसा होगा झालावाड़ एयरपोर्ट

    - डिपार्चरबिल्डिंग में 8 टिकट काउंटर लगेंगे
    - 4 चैक इन काउंटर, 2 सिक्योरिटी काउंटर होंगे।
    - पैसेंजर होल्डिंग एरिया, वीआईपी लाउंज, बैक ऑफिस।
    -आर्ट गैलरी, टॉयलेट्स, चिल्ड्रन केयर रूम भी बनेंगे।
    - लिफ्ट, एसकेलेटर की सुविधा भी होगी डिपार्चर में।
    - फूड कोर्ट और कुछ दुकानें भी शुरू की जाएंगी।
    - पहली मंजिला पर बार, लिफ्ट, ऑफिस खुलेंगे।
    - अराइवल बिल्डिंग में 2 कन्वेयर बैल्ट, 8 इमिग्रेशन काउंटर।

    एयर इंडिया का विमान हुआ 6 घंटे लेट
    जयपुर एयरपोर्ट पर इन दिनों विमानों में तकनीकी खराबी आम बात हो गई है। शुक्रवार को एयर इंडिया की जयपुर से लखनऊ जाने वाली फ्लाइट में तकनीकी खराबी गई। इसके कारण यात्रियों काे 6 घंटे तक जयपुर एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। एयर इंडिया की यह फ्लाइट सुबह 5:55 बजे जयपुर से लखनऊ जाती है। शुक्रवार सुबह एयरलाइन प्रबंधन द्वारा यात्रियों को लखनऊ में मौसम खराब होना बताया गया। दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर यह फ्लाइट रवाना हो सकी। हालांकि डिपार्चर होने तक यात्रियों को मौसम खराब होने की ही जानकारी दी गई। जबकि विमान के लेट होने की असली वजह विमान में तकनीकी खराबी थी। इसी तरह जयपुर से सुबह 9:20 बजे चंडीगढ़ जाने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट में भी तकनीकी खराबी गई थी।

    विमान में सवार हो चुके थे यात्री
    दरअसल दिल्ली से आने के बाद यह फ्लाइट चंडीगढ़ रवाना होने वाली थी। यात्री विमान में सवार हो चुके थे, इसके बाद उन्हें बताया गया कि तकनीकी खराबी की वजह से विमान चंडीगढ़ नहीं जा सकेगा। यात्रियों ने दूसरे विमान का व्यवस्था करने की मांग की और हंगामा भी किया। लेकिन एयरलाइन ने फ्लाइट कैंसिल कर आगामी दिवस में यात्रा करने या रिफंड का विकल्प दिया। जिसके कारण दोनों फ्लाइट्स के लगभग 125 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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