--Advertisement--

अंबेडकर प्रतिमा हटाने के बाद बीजेपी डैमेज कंट्रोल और कांग्रेस सेंध लगाने में जुटी

डॉ.अंबेडकर की जयंती हो या कुछ और विशेष दिन, हर मौके पर भाजपा की ओर से भी कार्यक्रम होने लगे।

Danik Bhaskar | Jan 05, 2018, 08:58 PM IST

अलवर. लोकसभा उपचुनाव में दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी के नेता दलित वोटों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए अभी से जुट गए हैं। पिछले दिनों सहजपुर गांव में डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा जहां डैमेज कंट्रोल में लगी है तो वहीं कांग्रेस इसका फायदा उठाने के प्रयास में है। जिले में बड़ा वोट बैंक होने के कारण दोनों पार्टियों की नजर दलित समाज के नेताओं पर है। अपने-अपने हिसाब से दोनों की दलों के नेता इनके संपर्क में हैं।

अलवर लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाता अनुसूचित जाति के हैं। अनुसूचित जाति का वोट बैंक लंबे समय से कांग्रेस पार्टी के साथ रहा। बहुजन समाज पार्टी के आने के बाद इस वोट बैंक में कुछ सेंधमारी हुई। पिछले कुछ सालों में भाजपा ने भी इसमें सेंधमारी की है। डॉ.अंबेडकर की जयंती हो या कुछ और विशेष दिन, हर मौके पर भाजपा की ओर से भी कार्यक्रम होने लगे। दलित वोट को अपने पक्ष में लेने के लिए भाजपा नेताओं ने दलितों के घर जाकर खाना खाने के भी कार्यक्रम चलाए।

जिले में पिछले दिनों सहजपुर गांव में डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर हुए विवाद ने भाजपा नेताओं को चिंता में डाल दिया है। सिवायचक भूमि पर लगाई गई प्रतिमा को प्रशासन ने हटवा दिया था। इससे बड़ा बवाल हुआ था। दलितों ने एकता दिखाने के लिए शहर में बड़ी रैली निकाली थी।

हजारों की संख्या में इस रैली में शामिल महिला-पुरुषों की भीड़ ने भाजपा नेताओं के होश उड़ा दिए थे। दलितों में पनपे आक्रोश का फायदा उठाने के लिए कांग्रेस नेता भी इस रैली में शामिल हो गए थे। हालांकि दलितों ने इसका राजनीतिकरण नहीं होने दिया था। रैली के बाद कलेक्ट्रेट गेट पर हुई सभा में भी कांग्रेस नेताओं को दलित समाज के लोगों ने मंच से बोलने की अनुमति नहीं दी थी।


टिकटघोषित नहीं होने से भाजपा कार्यकर्ताओं की बढ़ी चिंता : लोकसभाउपचुनाव के लिए भाजपा गुरुवार को भी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी। जिले के भाजपा नेताओं को उम्मीद थी कि गुरुवार को केंद्रीय नेतृत्व प्रत्याशी की घोषणा कर देगा, लेकिन पूरे दिन इंतजार के बाद भी प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई।


लोकसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार को दूसरे दिन भी कोई नामांकन पत्र नहीं भरा गया। उपचुनाव के लिए बुधवार को अधिसूचना जारी हो गई थी। इसके साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जिला निर्वाचन कार्यालय से 2 दिन में 19 लोग नामांकन के लिए फार्म लेकर गए है। इनमें बुधवार को 10 तथा गुरुवार को 9 लोग फार्म लेकर गए। जिला निर्वाचन अधिकारी राजन विशाल ने बताया कि नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के दूसरे दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन पेश नहीं किया। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 10 जनवरी है।