Hindi News »Rajasthan »Jaipur »News» Bjp Statement After Loses Rajasthan Bypolls

'बीजेपी कोई छुई-मुई का पौधा नहीं जो उंगली दिखाने से मुरझा जाए'

तीनों सीटों पर हार के बाद बोले भाजपा अध्यक्ष, कारणों का विश्लेषण करेंगे और कमियां दूर करके जनता का विश्वास हासिल करेंगे

Bhaskar News | Last Modified - Feb 02, 2018, 05:21 AM IST

  • 'बीजेपी कोई छुई-मुई का पौधा नहीं जो उंगली दिखाने से मुरझा जाए'
    +1और स्लाइड देखें

    जयपुर. उपचुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि भाजपा कोई छुई-मुई का पौधा नहीं है जो एक उंगली दिखाने से मुरझा जाए। भाजपा मुख्यालय में परनामी ने प्रेस से बातचीत में कहा कि हम नतीजों का सूक्ष्म स्तर पर विश्लेषण करेंगे और कमियों को दूर करके जनता का फिर से विश्वास हासिल करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की है तो उनका कहना था कि कांग्रेस को इतना भी प्रसन्न होने की जरूरत नहीं है। यह वही कांग्रेस है जिसके पास कभी 153 सीटें थीं जो बाद में 21 पर सिमट गई। उन्होंने कहा कि चुनाव सामूहिक प्रयासों से लड़े जाते हैं। भाजपा सरकार ने प्रदेश में विकास कार्य कराने में कोई कमी नहीं रखी। हम जनादेश का सम्मान करते हैं। हार के कारणों के बारे में पूछे गए सवाल पर उनका कहना था कि जब तक विश्लेषण नहीं कर लेते तब तक यह नहीं बताया जा सकता कि हार के क्या कारण रहे।

    धर्म के बाद जाति के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश की भाजपा ने, पर जनता ने नकार दिया, प्रदेश को कांग्रेस पर भरोसा है : सचिन

    सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर माने जा रहे अलवर, अजमेर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव को कांग्रेस ने जीत लिया है। इस जीत से कांग्रेस को एक नई ऊर्जा मिली है। इस जीत के लिए कांग्रेस ने किस तरह की रणनीति बनाई थी। कौन-कौन से ऐसे कारण रहे, जिसके कारण कांग्रेस को विजय मिली। कांग्रेस की इस विजय से राज्य की राजनीति पर भविष्य में क्या असर पड़ेगा। इन्हीं बिंदुओं पर दैनिक भास्कर ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट से बातचीत की।इसके प्रमुख अंश -


    प्रश्न : उप चुनाव में कांग्रेस ने किस तरह की रणनीति अपनाई, जिससे भाजपा को कांग्रेस ने परास्त कर दिया?
    जवाब :कांग्रेस ने जनता के बीच में जाकर कार्य किया। जनता के मुद्दों को उठाने का कार्य किया। भाजपा सरकार के खान घोटाले, काले कानून जैसे जनता की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक उठाने का कार्य किया, जिससे जनता में कांग्रेस के प्रति विश्वास कायम हुआ है। साथ ही भाजपा जनता की लगातार उपेक्षा करती रही। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के शुरुआत में तीन उपचुनाव जीते और अब सरकार के आखिरी कार्यकाल में तीन उपचुनाव जीतकर नए बदलाव के संकेत दे दिए हैं। जनता में भाजपा के खिलाफ अंडर करंट था। उसी का आज नतीजा देखने को मिला।


    अजमेर से आपके और अलवर से भंवर जितेंद्र सिंह के चुनाव न लड़ने पर भाजपा नेताओं ने दोनों को रणछोड़ कहा। आप क्या कहना चाहेंगे?
    जवाब :किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा। कांग्रेस में यह केंद्रीय नेतृत्व सभी के सलाह से तय करता है। तीनों ही उपचुनाव में ऐसा ही हुआ। पार्टी ने जिसे प्रत्याशी उतारा। उसके लिए पूरी कांग्रेस एक जुट होकर चुनाव लड़ा और भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया। भाजपा नेताओं और सरकार से जनता में जबर्दस्त आक्रोश था, जिसका यह नतीजा सबके सामने है।


    चर्चा है कि राज्य कांग्रेस में कई गुट बने हुए है, एक दूसरे को हराने का प्रयास करता हैं?
    जवाब :भाजपा नेताओं की ओर से ऐसा दुष्प्रचार किया गया है। पार्टी में ऐसा कतई नहीं है। कांग्रेस के सभी नेता एकजुट होकर चुनाव प्रचार में उतरे, सबने अपनी जिम्मेदारी पूरी की और इसीलिए जीते भी। कहीं भी किसी नेता के बीच में मतभेद नजर नहीं आया।


    क्या राजपूतों की सरकार से नाराजगी का भी उपचुनाव में कांग्रेस को लाभ मिला?
    जवाब :भाजपा सरकार ने पूरे क्षत्रिय समाज को दुत्कार दिया था। उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का कार्य भाजपा सरकार ने किया। उन्हें गले लगाने का कार्य कांग्रेस ने किया। राजपूतों के अलावा भी कांग्रेस ने सभी वर्ग को साथ लिया। इसी का नतीजा है कि दो लोकसभा के तहत आने वाले 16 विधानसभा और मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में लीड ली।

  • 'बीजेपी कोई छुई-मुई का पौधा नहीं जो उंगली दिखाने से मुरझा जाए'
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×