--Advertisement--

इस बाॅक्सर ने दिल्ली में जीती एशिया चैंपियनशिप, देश में दूसरी रैंक पर

बॉक्सर ब्रजेश मीणा का प्रोफेशनल बॉॅक्सिंग का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। वे अब तक 10 मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें से 8 जी

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 03:45 AM IST
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi

भरतपुर. राजस्थान के ब्रजेश मीणा ने दिल्ली में हुए बाक्सर प्रीमियर लीग में फिलीपींस के डेनिस पाडूआ को हरा कर वर्ल्ड बाक्सिंग कौंसिल एशिया चैंपियनशिप का खिताब जीता है। इसके साथ ही 76 किलोवर्ग में ब्रजेश की ऑल इंडिया में दूसरी और एशिया में चौथी रैंक हो गई है। वे ओलंपियन ब्रिजेंद्र कुमार के बाद दूसरे नंबर पर आते हैं। एशिया चैंपियन का खिताब ब्रजेश ने दूसरी बार जीता है।

- दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुई बाक्सिंग प्रीमियर लीग में मीणा ने फिलीपींस के डेनिस को आठवें राउंड में नाक आउट कर दिया। वैसे मुकाबला 12 राउंड का था।

- ब्रजेश ने पहले चार राउंड में डिफेंस खेले और अगले चार में लगातार स्टेट अटैक कर मुकाबला जीत लिया। मीणा अब दो माह बाद दक्षिण अफ्रीका और थाईलैंड में खेलने जाएंगे।

- बॉक्सर ब्रजेश मीणा का प्रोफेशनल बॉॅक्सिंग का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। वे अब तक 10 मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें से 8 जीते हैं। बड़ी उपलब्धि डब्ल्यूबीसी एशिया चैंपियनशिप है। ब्रजेश वर्ष 2016 में भी इस खिताब को जीत चुके हैं।

घरवालों को नहीं था मंजूर, स्कूल बंक कर सीखी बॉक्सिंग...
- बृजेश मीणा का पैतृक निवास राजस्थान के भरतपुर के कामा तहसील के इन्द्रौली गांव में है।
- काफी सालों से इनकी फैमिली आगरा कैंट में रह रही है।
- उनका बड़ा भाई शिव कुमार आज भी उदयपुर में रहता है, वहीं बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।
- 2001 से बृजेश के सिर पर बॉक्सिंग का जुनून सवार हुआ।
- उनके घरवालों को पसंद नहीं था कि बेटा ऐसा आक्रामक खेले।
- बृजेश ने कभी स्कूल बंक कर, तो कभी NSS कैम्प का बहाना कर बॉक्सिंग सीखी।
- 2006 में नेशनल कैम्प में सिलेक्ट होने के बाद फैमिली ने बॉक्सिंग की
परमिशन दी। लेकिन शर्त थी कि 2 साल में करियर बनाना होगा।


पॉलिटिक्स के चलते नहीं मिला मौका...
- 2008 में क्यूबा और 2009 में रशिया में हुई चैंपियनशिप के लिए बृजेश
इंडियन टीम में शामिल हुए। दुर्भाग्य से दोनों ही मौकों पर टीम का पार्टिसिपेशन कैंसल हो गया।
- 2009 में कजाखस्तान में हुई चैंपियनशिप में बृजेश ने बेस्ट परफॉर्मेंस दिया और सिल्वर मेडल जीता।
- 2011 के यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बृजेश एलिजिबल थे, लेकिन विजेंदर कुमार ने सोर्स लगाकर अपने चचेरे भाई बलविंदर सिंह का सिलेक्शन करवा दिया।
- इसी पॉलिटिक्स ने बृजेश के हाथों से एक मौका छीन लिया।


18 की उम्र में खो दिया पिता को
- बृजेश के पिता रेलवे में सीटीआई की पोस्ट पर कार्यरत थे।
- बृजेश के स्पोर्ट्स रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें रेलवे और सेना से नौकरी का ऑफर मिला।
- 2009 में वे रेलवे की नौकरी की तैयारी के लिए आगरा जा रहे थे।
- तभी बीच में खबर आई कि उनके पिता चरण सिंह मीणा नहीं रहे।
- इस खबर ने बृजेश को अंदर से तोड़ दिया और उन्होंने प्रैक्टिस करना छोड़ दिया।


मां ने दिया हौसला
- मुश्किल समय में मां सरोज मीणा ने बृजेश को संभाला।
- सरोज ने अपनी सारी सेविंग्स बेटे के बॉक्सर बनने के सपने को पूरा करने में लगा दी।
- मां ने हौसला बढ़ाया और फिर से बॉक्सिंग के लिए भेजा।
- बृजेश के मुताबिक, वे तब मानसिक रूप से परेशान थे। इसके बाद भी उन्होंने बिना प्रैक्टिस किए यूपी के 5 टाइम चैम्पियन महेंद्र शिरोमणि को हराया।
- आज बृजेश एशियन सिल्वर बेल्ट जीतने वाले पहले इंडियन बॉक्सर हैं।


अब अमैच्योर नहीं, करते हैं प्रोफेशनल बॉक्सिंग
- बृजेश अब तक स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल मिलाकर 190 फाइट लड़ चुके हैं।
- यूपी की खेल राजनीति से तंग आकर बृजेश ने अमैच्योर बॉक्सिंग छोड़ दी थी।
- उसके बाद उन्होंने सिर्फ प्रोफेशनल बॉक्सिंग पर फोकस रखा।

boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
X
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
boxer brajesh meena won the Asia Championships in Delhi
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..