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जयपुर के ब्रेनडेड रूपेश का हार्ट अब दिल्ली में धड़केगा

रूपेश के ऑर्गन डोनेट के साथ ही एसएमएस अस्पताल में 26वां कैडेबर ट्रांसप्लांट किया गया।

Dainik Bhaskar

Dec 10, 2017, 05:53 AM IST
Brain-dead patient s organs to be donated

जयपुर. मरने के बाद भी ढेहर के बालाजी निवासी रूपेश (40) चार लोगों को नया जीवन दे गया। रूपेश 3 दिसंबर को बस्सी के पास कारों की भिड़ंत में सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया। यहां डॉक्टर्स लाख कोशिशों के बाद भी उसे बचा नहीं सके। अंत में उसे 7 दिसंबर को ब्रेनडेड घोषित कर दिया। इसके बाद ऑर्गन को सुरक्षित और क्रियाशील रखने की जिम्मेदारी ट्रोमा सेंटर के डॉ. जितेंद्र हिंगोनिया को दी गई।

डॉ विनय तोमर, डॉ. हिंगोनिया और मोहन फाउण्डेशन जयपुर फोरम के माध्यम से परिवार के लोगों की काउंसिलिंग की गई। परिवार वालों के ऑर्गन डोनेट करने की सहमति के बाद अस्पताल ने ऑर्गन रिसीवर की तलाश शुरू की। रूपेश के ऑर्गन डोनेट के साथ ही एसएमएस अस्पताल में 26वां कैडेबर ट्रांसप्लांट किया गया।


ये ऑर्गन किए डोनेट
काउंसिलिंग के बाद रूपेश का लीवर, किडनी और हार्ट डोनेट किया गया। किडनियों का ट्रांसप्लांट सवाई मानसिंह अस्पताल में डा. विनय तोमर के नेतृत्व में टीम ने किया। लीवर दिल्ली रोड स्थित निम्स अस्पताल में ग्रीन कॉरिडोर लगाकर भेजा गया। लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुर अटल गुप्ता की नेतृत्व में ट्रांसप्लांट किया गया। हार्ट को विशेष चार्टर प्लेन के माध्यम से दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल भेजा गया।

ट्रोमा में ऑर्गन डोनेशन इनकी रही अहम भूमिका
दुर्घटना पर मरीज ट्रोमा सेंटर में जाते हैं। यहीं से ऑर्गन डोनेट के लिए काउंसिलिंग की जाती है। डॉ. जितेंद्र हिंगोनिया मरीज के परिजनों की समझाइश की जाती है। हिंगोनिया अब तक करीब एक दर्जन से अधिक मरीजों के परिजनों की काउंसिलिंग कर चुके हैं।

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