--Advertisement--

रिश्वतखोरों ने बिगाड़ा पुलिस का गणित, साल में 74 पुलिसकर्मियों के ट्रैप से कटेे 3700 अंक

जानिए... कैसे होना था मूल्यांकन और किस तरह पुलिस ने गवाएं अपने नंबर

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 06:06 AM IST
Bribery spoiled rajasthan police mathematics

जयपुर. पुलिस की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए लागू की गई कार्य मूल्यांकन योजना में लगभग हर जिला पुलिस के लिए सबसे बड़ी दिक्कत रिश्वतखोर अफसर और कर्मचारी बन गए हैं। राज्य के 40 पुलिस जिलों में इस साल जनवरी से अब तक 74 पुलिसकर्मी रिश्वत के मामलों में ट्रैप हो चुके हैं। इस कार्रवाई के कारण स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) ने कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट में 3700 अंक काटे हैं। फिलहाल आकलन और विश्लेषण के लिए इस्तेमाल हो रही कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट पर अगले साल से कार्रवाई भी शुरू होना तय है। यानी सबसे ज्यादा भ्रष्ट पुलिसकर्मियों वाले जिलों के लिए मुश्किल बढ़ेगी।

भरतपुर रेंज में 4 एसएचओ ट्रैप, 3 तो इंस्पेक्टर
एसीबी ने इस साल 74 पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात एसीबी ने इस साल सबसे ज्यादा भरतपुर रेंज में 4 एसएचओ को ट्रैप किया है। इनमें से 3 इंस्पेक्टर हंै। इसके अलावा एक इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच चल रही है।


किसी भी अन्य रेंज में ट्रैप नहीं हुए इंस्पेक्टर
एसीबी के आंकड़ों के मुताबिक भरतपुर रेंज के अलावा किसी भी रेंज में इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मी ट्रैप नहीं हुए है। भरतपुर रेंज के धौलपुर राजाखेड़ा थाना प्रभारी को एसीबी ने फरवरी माह में 10 हजार रु. रिश्वत लेते, मई में करौली के मासलपुर थाना प्रभारी नरेश शर्मा को 30 हजार रु. की रिश्वत लेते, महिला थाना भरतपुर प्रभारी गोपेश कुमार को 25 हजार रु. और कामां भरतपुर थाना प्रभारी राकेश कुमार यादव को एसीबी ने 40 हजार रु. की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

जयपुर कमिश्नरेट के भी कटे 300 नंबर
जयपुर कमिश्नरेट में एसीबी की पिछले एक साल में छह कार्रवाई हुई है। यानी जयपुर कमिश्नरेट पुलिस के करीब 300 अंक रिपोर्ट कार्ड में से माइनस हुए है। इसके अलावा कोटा रेंज में भी ज्यादा पुलिसकर्मियों को ट्रैप किया। कुल ट्रैप पुलिसकर्मियों में 3 इंस्पेक्टर व 20 सब इंस्पेक्टर 51 हैडकांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल हैं।

कैसे मिलते हैं नंबर

- कार्य मूल्यांकन योजना में 100 अंक का मासिक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाता है।
- 19 पैरामीटर्स पर नंबर दिए जाते हैं। जांच में देरी, सस्पेंशन, ट्रैप व कानून-व्यवस्था बिगड़ने जैसे बिंदुओं पर निगेटिव मार्किंग भी होती है।
- किसी पुलिसकर्मी के भ्रष्टाचार में ट्रैप होने पर 30 अंक व सस्पेंड होने पर 20 अंक रिपोर्ट कार्ड में काटे जाते हैं।
- ट्रैप होने पर सस्पेंड होना तय होता है, ऐसे में एक भी पुलिसकर्मी का रिश्वत लेते पकड़े जाना पूरी जिला पुलिस पर भारी पड़ जाता है।

सूचना पर कार्रवाई करते हैं
भरतपुर रेंज में सबसे ज्यादा इंस्पेक्टर पकड़े गए हैं। धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में भी कार्रवाई की है। हमारे पास अगर कोई परिवादी आता है तो उसकी सूचना का सत्यापन करते है। इसके बाद आगे की कार्रवाई करते है।
- वीके सिंह, आईजी, एसीबी

ट्रैप से 50 नंबर माइनस होते हैं
अगर किसी जिले में कोई पुलिसकर्मी ट्रेप हो जाता है तो ट्रेप होने पर 30 और सस्पेंड होने पर 20 अंक रिपोर्ट कार्ड में से माइनस कर दिए जाते है। इसके लिए पैरामीटर बना रखे है।
-पंकज चौधरी, एसपी,
एससीआरबी, जयपुर

X
Bribery spoiled rajasthan police mathematics
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..