Hindi News »Rajasthan »Jaipur »News» Bumper Guard And Bull Bars On Minister Car

मंत्रियों तक ने कार पर लगा रखे हैं जानलेवा गार्ड, हादसा हुआ तो एयरबैग्स नहीं खुलेंगे

किस तरह ये गार्ड्स आपकी कारों के सुरक्षा फीचर्स को नाकाम कर सकते हैं। और आपके लिए खतरा बढ़ा सकते हैं।

संदीप शर्मा | Last Modified - Jan 03, 2018, 04:44 AM IST

  • मंत्रियों तक ने कार पर लगा रखे हैं जानलेवा गार्ड, हादसा हुआ तो एयरबैग्स नहीं खुलेंगे
    +2और स्लाइड देखें
    सीएम सिक्योरिटी की कार, मंत्री कालीचरण सराफ की कार

    जयपुर. केन्द्र सरकार ने हाल ही में देशभर में वाहनों पर बंपर गार्ड/क्रैश गार्ड/बुल-बार्स लगाना पूरी तरह बैन कर दिया है। इसके बावजूद मंत्री-अफसर तक अपनी कारों पर इन गार्ड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। भास्कर ने बैन के बाद मंत्रियों और अफसरों के वाहनों की स्थिति देखी। सामने आया- सचिवालय, सरकारी दफ्तरों और मोटर गैराज में आने वाली अधिकतर अफसरों की गाड़ियों में बंपर गार्ड्स लगे हुए हैं।
    जानिए...बंपर गार्ड्स आपके लिए किस तरह खतरनाक साबित हो सकते हैं। किस तरह ये गार्ड्स आपकी कारों के सुरक्षा फीचर्स को नाकाम कर सकते हैं। और आपके लिए खतरा बढ़ा सकते हैं।

    आखिर क्यों अधिकतर मामलों में एयरबैग्स नहीं खुल पाते...

    काम कैसे करते हैं

    एयरबैग्स सेंसर्स कंट्रोलर्स से जुड़े होते हैं। 60-80 किमी/घंटे की स्पीड पर हादसा होने पर एयरबैग्स खुल जाते हैं। लेकिन यह स्पीड सेंसिटिव नहीं, इंपैक्ट सेंसिटिव होते हैं। टक्कर के बाद एयरबैग सेंसर्स 200 किमी/सैकंड की रफ्तार से खुल जाते हैं।

    खुल क्यों नहीं पाते
    सीट बैल्ट लगी होने की स्थिति में ही एयर बैग्स खुलते हैं। झटके के बाद एयरबैग सेंसर ट्रिगर होते हैं। लेकिन अगर कार में बंपर गार्ड या बुल-बार्स लगे हुए हैं...तो अधिकतर मामलों में एयरबैग सिस्टम काम ही नहीं कर पाता। क्योंकि झटका सेंसर्स तक पहुंच ही नहीं पाता।

    इंश्योरेंस का भी खतरा

    अगर बुल बार्स होने की स्थिति में एयर बैग्स खुल भी जाएं तो भी क्लेम अटक सकता है। क्योंकि यह आरटीओ अप्रूव नहीं है। अब बैन के बाद क्लेम मिलने में दिक्कतें आना तय है।

    बुल बार्स/बंपर गार्ड लगाने के चार बड़े खतरे....

    बेअसर एयरबैग.सेंसर्स पर असर पड़ता है। झटका पहले बार्स पर आता है...एेसे में अगले हिस्से में लगे सेंसर्स को गाड़ी टकराने का पता ही नहीं चलता। ऐसे में वे खुल ही नहीं पाते।

    क्रंपल जोन.बंपर, बोनट को यूं बनाया जाता है कि दुर्घटना में फोर्स इन पर आए। इसलिए हादसे के बाद गाड़ी आगे से सिकुड़ जाती है। बंपर गार्ड होने से पूरा फोर्स गाड़ी पर आ जाता है।

    - पैदल चलने वालों और टू व्हीलर्स को बंपर गार्ड से ज्यादा खतरा। कार का अगला हिस्सा साॅफ्ट होता है, लेकिन गार्ड इसे खतरनाक बना देता है।

    - दुर्घटना में बुल बार्स/गार्ड होने पर झटका वाहन के चेसिस पर ज्यादा आता है। गाड़ी को नुकसान ज्यादा होता है। सवारियों पर खतरा बढ़ जाता है।

    पूरी तरह अनसाइंटिफिक होते हैं बुल बार्स : टूटू धवन
    बुल बार्स अनसाइंटिफिक हैं। इसलिए मैन्यूफैक्चर कंपनियां इन्हें वाहनों में नहीं लगातीं। इसकी वजह से एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर काम नहीं कर पाते।

    - टूटू धवन जाने-माने ऑटो एक्सपर्ट हैं। खबर में दी जानकारियां उन्हीं से बातचीत के आधार पर।

  • मंत्रियों तक ने कार पर लगा रखे हैं जानलेवा गार्ड, हादसा हुआ तो एयरबैग्स नहीं खुलेंगे
    +2और स्लाइड देखें
    मंत्री अरुण चतुर्वेदी की कार,
  • मंत्रियों तक ने कार पर लगा रखे हैं जानलेवा गार्ड, हादसा हुआ तो एयरबैग्स नहीं खुलेंगे
    +2और स्लाइड देखें
    {अति. पुलिस आयुक्त (II) नितिन दीप की कार पर लगा बंपर गार्ड।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Bumper Guard And Bull Bars On Minister Car
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×