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प्रोफेशनल्स के काम का सॉफ्टवेयर खरीदेंगे, 8वीं और 10वीं के स्टूडेंट्स को आएगा काम

लैपटॉप खरीदने का वर्कऑर्डर जारी कर दिया। कंपनी को 90 दिन में यह लैपटॉप सप्लाई करने हैं।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 07:25 AM IST

जयपुर. प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूल की 8वीं, 10वीं 12वीं कक्षा के टॉपर छात्र- छात्राओं का बौद्धिक क्षमता शैक्षणिक स्तर को आंकलन किए बिना समान सॉफ्टवेयर के लैपटॉप बांटेगा। निदेशालय ने कम्प्यूटर शिक्षकों लोगों की ज्यादा खर्च करने की आपत्तियों को नजरअंदाज कर 56 करोड़ के 27 हजार लैपटॉप खरीदने का वर्कऑर्डर जारी कर दिया। कंपनी को 90 दिन में यह लैपटॉप सप्लाई करने हैं।

आरोप है कि 8वीं 10वीं कक्षा के लिए विजिओ और माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सार्टिफिकेट के साथ ही फोटोशॉप प्रीमियर एलिमेंट के सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं होने के बावजूद 17 करोड़ रु. ज्यादा पेमेंट किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर बड़ी ड्राइंग, ग्राफिक्स और फोटो एडिट के लिए बड़ी कक्षाओं या प्रोफेशनल काम के हंै। यह सॉफ्टवेयर स्कूली छात्रों के कम ही काम आते हैं। विभाग ने पिछले साल यह सॉफ्टवेयर लेने से मना कर दिया था। लेकिन इस बार दुबारा जोड़ा गया है।

सॉफ्टवेयर नहीं बदलेंगे
डीओआईटीकी टेक्निकल कमेटी के सुझाव पर लैपटॉप खरीदने का वर्कऑर्डर दे दिया है। अब सॉफ्टवेयर में बदलाव नहीं किया जाएगा। - नथमलडिडेल, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय

परीक्षण कराए बिना मान ली डीओआईटी की सिफारिश माध्यमिकशिक्षा निदेशालय ने स्कूली छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक जरूरत का परीक्षण करवाए बिना ही दो सॉफ्टवेयर जोड़ दिए है। विभाग की दलील है कि डीओआईटी की टेक्निकल कमेटी ने सिफारिश की है। हालांकि लैपटॉप की कीमत निदेशालय को चुकानी है।