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नियुक्ति मांगने आए अभ्यर्थी टंकी पर चढ़े, धरना-नारेबाजी, 3 घंटे हंगामा

पंचायतीराज विभाग की वर्ष 2013 की भर्ती में सफल अभ्यर्थी नियुक्ति नहीं मिलने से थे नाराज

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 04:30 AM IST

जयपुर. सचिवालय की सुरक्षा में मंगलवार को सेंध लग गई। पंचायतीराज विभाग में अफसरों के रवैए से नाराज सात युवक सचिवालय में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। तीन घंटे तक टंकी पर चढ़े रहे। इस बीच उनके 46 अन्य साथी टंकी के पास ही धरना देकर बैठक गए। आखिरकार, कर्मचारी संगठन के नेताओं ने समझाइश कर उन्हें नीचे उतारा। पुलिस ने सभी 53 अभ्यर्थियों को पकड़ कर अशोक नगर थाने ले गई। इस दरम्यान पूरे सचिवालय में गहमागहमी रही। भारी पुलिस बल तैनात करने के बावजूद कर्मचारी ही नहीं बल्कि, विजिटर्स भी वहां एकत्रित रहे। बता रहे हैं कि सचिवालय में टंकी पर चढ़ने की यह तीसरी घटना है। टंकी पर चढ़ने वाले अमित कुमार दीक्षित, दीपक कुमार जैन, सत्यप्रकाश जाट, लक्ष्मण लाल मेघवाल, राकेश मीणा, तेजकरण व मिलिंद मेहता को गिरफ्तार कर लिया।


दोपहर 2.45 बजे टंकी पर चढ़े युवा नारे लगाने लगे, शाम 5.45 बजे नीचे उतारा
- नियुक्त से वंचित 53 अभ्यर्थी अलग-अलग पास बनवाकर सचिवालय में दाखिल हुए। अधिकारियों से जब संतोषजनक जबाव नहीं मिला तो सभी अभ्यर्थी केंटीन के पास पहुंचे।

- इसी दौरान सात अभ्यर्थी सुरक्षागार्ड की नजरें बचा कर टंकी पर चढ़ गए। करीब दोपहर पौने तीन बजे नारे लगाने लगे। पुलिस एवं सिविल डिफेंस के लोगों को बुला लिया गया। टंकी के चारों तरफ जाल लगाया गया। दमकल बुला ली गई।

- सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा और अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक आयु दान सिंह कविया पहले डीओपी सचिव भास्कर ए.सावंत से मिले। संवत अपने दफ्तर से बाहर आकर इनसे मिले और कहा कि टंकी पर चढ़े अभ्यर्थियों को बाहर उतारे।


क्या था मामला
पंचायतीराज विभाग में 19515 पदों पर कनिष्ठ लिपिक की भर्ती निकाली गई थी। इसके विरुद्ध 7665 पदों पर नियुक्तियां उसी समय दे दी गई थी। वर्ष 2017 में 1721 पदों पर और नियुक्तियां दे दी और अब 10 हजार 129 पदों पर नियुक्तियां दिया जाना शेष है। विभाग के सचिव नवीन महाजन ने कहा कि मामला राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है।