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पद्मावती विवाद: 'पद्मावत नाम से रिलीज होगी तो भी हिंदू-मुस्लिमों का निरादर'

सेंसर बोर्ड पांच बदलावों के साथ रिलीज करने को तैयार हुआ, घूमर डांस में बदलाव की शर्त।

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2017, 03:03 AM IST
सेंसर बोर्ड बिना कट लगाए फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने काे तैयार हो गया है। सेंसर बोर्ड बिना कट लगाए फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने काे तैयार हो गया है।

मुंबई/जयपुर/उदयपुर. सेंसर बोर्ड द्वारा पद्मावती की विशेषज्ञों से समीक्षा कराने के बावजूद एक बार फिर यह फिल्म विवादों में फंसती नजर आ रही है। दरअसल, सेंसर बोर्ड बिना कट लगाए फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने काे तैयार हो गया है, लेकिन फिल्म का नाम बदलकर पद्मावत करने सहित 5 बदलाव की शर्त रखी है। निर्माता संजय लीला भंसाली भी बदलाव को तैयार हैं।

- दूसरी ओर, रिव्यू कमेटी में शामिल मेवाड़ के पूर्व राजघराने के अरविंद सिंह ने आपत्ति जताई है।

- उन्होंने कहा- मेरे साथ सभी तीनों सदस्यों ने फिल्म को रिलीज नहीं करने की सिफारिश की। फिल्म ऐसी है कि नाम बदलने के बाद भी हिंदू-मुस्लिमों में फसाद होने की संभावना है। फिल्म में राजपूतों का ही नहीं, मुस्लिमों का भी अनादर दिखाया है।

- उधर, करणी सेना ने सिनेमाघरों में तोड़फोड़ की चेतावनी दी है। करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी और जौहर स्मृति संस्थान ने नया पैनल बनाने की मांग की है।

सेंसर बोर्ड राजी, लेकिन कमेटी नाराज

- सीबीएफसी के अध्यक्ष प्रसून जोशी के साथ 28 दिसंबर को विशेषज्ञों की समिति ने फिल्म की समीक्षा की थी।

- उदयपुर से मेवाड़ राजघराने के अरविंद सिंह, जयपुर के जवाहर कला केंद्र की लाइब्रेरी डायरेक्टर प्रो. चंद्रमणि सिंह और दिल्ली में इग्नू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रो. कपिल कुमार शामिल हुए।

ये 5 बदलाव करने को कहा

- नाम पद्मावत करना होगा। भंसाली ने समिति से कहा था कि फिल्म इतिहास नहीं, मोहम्मद जायसी के महाकाव्य पद्मावत पर आधारित है।
- पात्र की गरिमा के अनुसार घूमर डांस में सुधार करना होगा।
- डिस्क्लेमर देना होगा कि यह सती प्रथा काे महिमामंडित नहीं करती है।
- फिल्म काल्पनिक होने का डिस्क्लेमर दें।
- ऐतिहासिक स्थलों के गलत या भ्रामक संदर्भों को बदलना होगा।

26 कट की चर्चा, बोर्ड का इनकार
- फिल्म में 26 कट की चर्चा रही, बोर्ड ने नकारा। 5 बदलावों के बाद फिल्म दोबारा बोर्ड में जाएगी। 12 साल से छोटे बच्चे अकेले नहीं देख पाएंगे।

...लेकिन ये आपत्तियां

- मेवाड़ पूर्व राजघराने के विश्वराज सिंह ने कहा- नाम बदलने से क्या होगा। उनके पूर्वज व ऐतिहासिक स्थान तो वही दिखेंगे।
- राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं। गाना बैन हो।
- विरोध कर रहे संगठन तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं।
- अखंड राजपूताना सेवा संघ के अध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि नाम और दृश्यों में बदलाव से लोगों की भावनाएं नहीं बदल जाएंगी।

सिनेमा हॉल में तोड़फोड़ की चेतावनी
- श्रीराजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव ने कहा कि अंडरवर्ल्ड के दबाव में मंजूरी दी गई। सिनेमाघरों में तोड़फोड़ करेंगे।

हमने कट के लिए नहीं कहा, बोर्ड ने नाम बदला और रिलीज को राजी: अरविंद सिंह मेवाड़ हमने कट के लिए नहीं कहा, बोर्ड ने नाम बदला और रिलीज को राजी: अरविंद सिंह मेवाड़

रिव्यू कमेटी में शामिल मेवाड़ पूर्व राजघराने के अरविंद सिंह मेवाड़ ने कहा कि  फिल्म देखने के बाद सभी तीनों सदस्यों ने फिल्म को रिलीज नहीं करने की सिफारिश की। लेकिन बोर्ड ने नाम बदलकर व कुछ कट लगाकर खुद ही रिलीज करने का फैसला ले लिया। 

 

प्रो. कपिल कुमार प्रो. कपिल कुमार

इग्नू के प्रो. कपिल कुमार ने कहा कि फिल्म में कल्पना को तथ्यों के रूप में पेश कर भ्रम पैदा किया था, हमने आपत्ति की। फिल्म मूल स्वरूप में रिलीज होती तो विवाद ज्यादा बढ़ सकता था। इतिहास का इस्तेमाल पैसा कमाने में हो रहा है।
प्रो. चंद्रमणि सिंह ने कमेंट से इनकार किया।


उधर, मेवाड़ पूर्व राजघराने के विश्वराजसिंह ने सेंसर बोर्ड प्रमुख प्रसून जोशी को पत्र लिखकर कहा- यह फिल्म कतई स्वीकार नहीं है।

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सेंसर बोर्ड बिना कट लगाए फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने काे तैयार हो गया है।सेंसर बोर्ड बिना कट लगाए फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने काे तैयार हो गया है।
हमने कट के लिए नहीं कहा, बोर्ड ने नाम बदला और रिलीज को राजी: अरविंद सिंह मेवाड़हमने कट के लिए नहीं कहा, बोर्ड ने नाम बदला और रिलीज को राजी: अरविंद सिंह मेवाड़
प्रो. कपिल कुमारप्रो. कपिल कुमार
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