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बच्चे संपन्न हैं तो मां-बाप के भरण-पोषण के लिए सिर्फ 10 हजार प्रतिमाह ही क्यों?

कानून में वृद्ध मां-बाप अधिकतम 10 हजार प्रतिमाह के भरण-पोषण खर्च के ही हकदार

Bhaskar News | Last Modified - Jan 24, 2018, 04:21 AM IST

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    जयपुर. कानून के तहत वृद्ध मां-बाप को भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह मिलने वाली राशि की अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये है। मगर अब हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में इस सीमा को ही चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि यदि बेटे की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी हो तो वृद्ध मां-बाप को सिर्फ 10 हजार प्रतिमाह ही क्यों मिलने चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि वृद्धजन संरक्षण व देखभाल अधिनियम के भरण-पोषण राशि की अधिकतम सीमा तय करने के प्रावधान को रद्द क्यों न कर दिया जाए।

    - न्यायाधीश अजय रस्तोगी व न्यायाधीश दीपक माहेश्वरी की खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश मंगलवार को जयपुर निवासी 90 वर्षीय पर्सन्दी देवी की याचिका पर दिया।

    - याचिकाकर्ता की वकील शालिनी श्योरान ने बताया कि पर्सन्दी देवी लीवर कैंसर व अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।

    - उनका बेटा डॉ. सुरेश कुमार हरियाणा के हिसार स्थित लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटनरी एंड एनिमल साइंस में सीनियर साइंटिस्ट पद पर कार्यरत है। उनकी पत्नी भी प्रिंसिपल हैं।

    - इसके बावजूद ये दोनों पर्सन्दी देवी को साथ नहीं रखते और ना ही उनके भरण-पोषण के लिए कोई राशि देते थे।

    - पर्सन्दी देवी जयपुर में अपनी दो बेटियों के पास रहती हैं। बेटियों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।

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Web Title: Challenge Petition Of Maximum Maintenance Amount Rs 10 Thousand
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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