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कमर तक पानी में खड़े होकर पुजारी इस मंदिर की करता है पूजा, ये है इसके पीछे का कारण

चन्दवास का शिवालय : बारिश के तीन माह तो पूरा पानी में डूबा रहता है

Danik Bhaskar | Apr 04, 2018, 07:47 AM IST
नौ महीने पुजारी कमर तक पानी में खड़े होकर करता है पूजा। नौ महीने पुजारी कमर तक पानी में खड़े होकर करता है पूजा।

फलासिया(भीलवाड़ा). ये फोटो क्षेत्र के चन्दवास महादेव मन्दिर की है। 490 साल पुराना यह मंदिर सालभर ऐसे ही पानी में डूबा रहता है। ऐसे हालात मानसी वाकल बांध बनने के बाद से आए हैं। करीब 42 फीट ऊंचा यह शिवालय अभी 18 फीट तक पानी में डूबा हुआ है, लेकिन पूजा रोज होती है। पुजारी नितेश मन्दिर के पीछे से शिखर पर चढ़कर आगे आते हैं, फिर कमर तक पानी में खड़े रहकर पूजा करते हैं। ये मुश्किलें आतीं हैं...

- पानी भराने से महिलाओं की पहुंच तो मुश्किल होती है, लेकिन पुरुषों के मंदिर के सामने तक पहुंचने का ऐसा ही क्रम रहता है।

- बारिश के तीन माह के दौरान मंदिर पूरा जलमग्न हो जाता है। तब पूजा पर भी विराम रहता है।

- बाकी के 8, 9 महीने श्रद्धालु भी मंदिर के पीछे से ऊपर चढ़कर पहुंचते हैं, लेकिन तब भी पूजा पानी में खड़े होकर ही करनी पड़ती है।

मानसी वाकल बांध से बने हालात


- 490 साल पुराना यह शिवालय साल 2001 में मानसी वाकल बांध बनने पर 2006 में डूब क्षेत्र में आ गया था।

- इस मन्दिर पर 22 सीढ़िया हैं। अभी चार दिन पहले मानसी वाकल के गेट खोलने से मन्दिर की चार सीढियां दिखने लगी है।

- साल में ज्यादा समय तक पानी में डूबे रहने से गांव के लोगों ने बाहर ही एक और शिवालय बनवा दिया है, लेकिन पुराने मन्दिर के प्रति आस्था ज्यादा है।

- मन्दिर पर पूर्णिमा और शिवरात्रि पर ध्वजा चढ़ाई जाती है। मंदिर के पीछे से शिखर पर चढ़ते हैं।

पानी भरने पर लोगल बाहर से ही पूजा करते हैं। पानी भरने पर लोगल बाहर से ही पूजा करते हैं।
ये मंदिर 490 साल पुराना है। ये मंदिर 490 साल पुराना है।
ऐसे पानी भरा रहता है यहां। ऐसे पानी भरा रहता है यहां।