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कलेक्टर का दावा- पूरा जिला सबसे पहले हुआ ओडीएफ हकीकत- 22 वार्डों में खुले में शौच

जयपुर के आसपास के गांव व ढाणियों में भी बड़ी तादाद में लोग खुले में ही शौच के लिए जाते हुए देखे जा सकते हैं।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 07:25 AM IST

जयपुर. जिला प्रशासन ने जयपुर जिले को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया है। प्रशासन का दावा है कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत ’खुले में शौच से मुक्त’ (ओडीएफ) होने वाला जयपुर राज्य का पहला जिला बन गया है। जयपुर जिले की सभी 10 नगर पालिकाओं के वार्ड पूर्ण ओडीएफ हो चुके हैं। हकीकत में जयपुर शहर के 91 में से करीब 22 वार्डों में अभी भी लोग खुले में ही शौच के लिए जाते हैं और जयपुर के आसपास के गांव व ढाणियों में भी बड़ी तादाद में लोग खुले में ही शौच के लिए जाते हुए देखे जा सकते हैं।

उधर, जिला कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन का दावा है कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत जयपुर जिले में नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्र के सभी वार्डों को ओडीएफ करने के लिए व्यापक स्तर पर किए गए प्रयासों एवं प्रभावी पर्यवेक्षण के कारण राज्य के 33 जिलों में जयपुर जिला सर्वप्रथम ओडीएफ घोषित हुआ है। उन्होंने बताया कि जयपुर जिले की सभी नगरपालिकाओं के 235 एवं नगर निगम के 91 वार्डों के ओडीएफ होने के साथ ही शहरी क्षेत्र के सभी 326 वार्ड भी अब पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं।


ग्रामीण क्षेत्र के वार्डों की क्या स्थिति : नगर पालिका शाहपुरा के 25, विराटनगर के 20, कोटपूतली के 30, बगरू के 25 तथा फुलेरा के सभी 20 वार्ड ओडीएफ घोषित किए गए हैं। इसी प्रकार नगर पालिका सांभर के 20, किशनगढ़ रेनवाल के 25, जोबनेर के 15, चौमू के 30 तथा चाकसू नगर पालिका के 25 वार्ड अब ओडीएफ हो गए हैं।