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आजादी के बाद जोधपुर में हुआ था पहला उपचुनाव, निर्दलीय से हारी थी कांग्रेस

लोकसभा के सिर्फ 13 उपचुनाव, 11 बार कांग्रेस जीती

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 04:38 AM IST
जयपुर. राजस्थान में एक साथ दो लोकसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं और सभी की निगाहें इन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच होने वाले मुकाबले पर लगी हैं। अगर रिकॉर्ड उठाकर देखें तो लोकसभा की सीटों पर आजादी से लेकर अब तक 13 उपचुनाव कराए गए हैं। इसमें कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है। आपातकाल से पहले तक सात बार उपचुनाव हुए। इनमें छह बार कांग्रेस ने विजय हासिल की। वहीं, एक बार निर्दलीय ने बाजी मारी। वर्ष 1980 में भाजपा का गठन हुआ और इसके बाद छह बार उपचुनाव हुए। इनमें भी कांग्रेस ही हावी रही। पांच बार कांग्रेस ने जीत हासिल की। भाजपा को सिर्फ एक बार जीत हासिल हुई। वर्ष 2000-2001 में लोकसभा की दो सीटों पर कराए गए उपचुनाव में कांग्रेस ने दौसा व टोंक से भाजपा ने जीत हासिल की। इस दौरान प्रदेश में कांग्रेस और केंद्र में भाजपा की सरकार थी।

पहली लोकसभा में तीन सीटों पर हुए उपचुनाव
- वर्ष 1952 में 3 सीटों पर उपचुनाव हुए। इसमें जोधपुर सीट पर निर्दलीय जसवंत राज मेहता ने कांग्रेस के एनएम यासीन, टोंक से कांग्रेस के एमएल वर्मा ने निर्दलीय श्रीनारायण और सवाई माधोपुर में कांग्रेस के राज बहादुर ने एसओसी के जेएस भाई को हराया था।
- वर्ष 1956 में जयपुर लोकसभा सीट पर कराए गए उपचुनाव में कांग्रेस के बंशीलाल लुहाडिय़ा ने निर्दलीय ब्रिंदा भाई को हराया था।
- वर्ष 1960 में नागौर सीट पर कांग्रेस के नरेंद्र कुमार ने आरआरपी के बी सिंह को हराया था।
- वर्ष 1964 में भीलवाड़ा में उपचुनाव हुआ, जहां से कांग्रेस के शिवचरण माथुर ने एसडब्ल्यूए के एन सिंह को हराया था।
- वर्ष 1968 में दौसा में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के नवलकिशोर शर्मा ने एसडब्ल्यूए के पी राज को हराया।
1980 के बाद शुरू हुई भाजपा-कांग्रेस की टक्कर
- वर्ष 1980 में भाजपा का गठन किया हुआ। इसके बाद हुए उपचुनावों में भाजपा एवं कांग्रेस में ही कड़ी टक्कर देखने को मिली। 1982 में बयाना उपचुनाव में कांग्रेस के एलआर केन ने निर्दलीय बी आर लाहरी को मात दी। इसी साल उदयपुर उपचुनाव में कांग्रेस के डी वर्मा ने भाजपा के एसएस भंडारी को हराया था।
- 1985 में चूरू उपचुनाव में कांग्रेस के नरेंद्र बुढ़ानिया ने लोकदल के दौलतराम सारण को हराया था।
- वर्ष 1988 में पाली से कांग्रेस के शंकरलाल ने भाजपा के गुमानमल लोढ़ा को हराया।
- वर्ष 2000 में दौसा उपचुनाव में कांग्रेस की रमा पायलट ने भाजपा के रोहिताश्व शर्मा को हराया था।
- वर्ष 2001 में टोंक उपचुनाव में भाजपा के कैलाश मेघवाल ने कांग्रेस के बनवारी लाल बैरवा को हराया था।