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पेट्रोलियम कंपनियों की तीन रेट! ग्राहकों से गैस सिलेंडर पर 3 लाख रु. की ज्यादा वसूली

पेट्रोलियम कंपनियों की अलग-अलग रेट से रोजाना नुकसान झेल रहे हैं 10 हजार उपभोक्ता

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 05:41 AM IST

जयपुर. पेट्रोलियम कंपनियां रोजाना प्रदेशभर के 10 हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं से सिलेंडर की अधिक रेट वसूल रही हैं। यह वे उपभोक्ता हैं जो सीधे गोदाम से सिलेंडर लेकर जाते हैं। इनमें से ढ़ाई हजार उपभोक्ता तो अकेले जयपुर के हैं। उपभोक्ता से इन सिलेंडरों पर पचास पैसे से लेकर दो रुपए तक अधिक वसूले जा रहे हैं, जो सीधे पेट्रोलियम कंपनियों की जेब में जाते हैं। रसोई गैस सिलेंडरों की रेट की इस गफलत के चक्कर में हर महीने उपभोक्ताओं की जेब पर करीब 3 लाख रुपए की चपत लग जाती है। नियमानुसार तीनों कंपनियों के गैस सिलेंडरों की रेट एक ही होनी चाहिए। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इसकी शिकायत पेट्रोलियम कंपनियों से की, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि बिलिंग का काम कंपनियों का है। हमारे यहां तो बिल का केवल प्रिंट निकलता है।

जानिए... कैसे हो रही है गैस सिलेंडर की रेट में गफलत

रसोई गैस सिलेंडर की जयपुर में बेसिक प्राइस 700 रुपए हैं। इस पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है। इस प्रकार यह सिलेंडर वर्तमान में जयपुर के उपभोक्ताओं को 735 रूपए (बिना सब्सिडी) का मिल रहा है।

कोई सीधे गोदाम से सिलेंडर ले तो इतने में मिलना चाहिए
अगर कोई उपभोक्ता सीधे गोदाम से सिलेंडर लेता है तो उसको बेसिक प्राइस पर 19.50 रुपए की छूट मिलती है। यानी उसको जो सिलेंडर मिलेगा, उसकी बेसिक प्राइस 680.50 रुपए होगी। इस पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। इसके बाद उपभोक्ता को जो सिलेंडर मिलेगा, उसकी रेट 714.53 रुपए होगी। लेकिन केवल इंडेन का सिलेंडर ही इस रेट पर मिल रहा है। बाकि दोनों कंपनियों की रेट अधिक है।

इंडेन की रेट सही, बाकी दो की गलत
अगर रेट पर गौर करें तो इंडेन की रेट तो सही आ रही है। बाकि दोनों कंपनियां गोदाम से सिलेंडर लेने वाले उपभोक्ताओं से अधिक वसूली कर रही हैं। एचपी के गैस सिलेंडर पर 2 रुपए और बीपीसी के गैस सिलेंडर पर 0.50 रुपए अधिक वसूल किए जा रहे हैं।

15000 ग्राहक गोदाम से लेते हैं सिलेंडर
प्रतिदिन प्रदेश में 15000 उपभोक्ता गोदाम से सिलेंडर लेते हैं। कुल सप्लाई का 40% तो इंडेन का होता है। बाकी दोनों कंपनियों का 30-30%होता है। इसके हिसाब से देखें तो बीपीसी और एचपीसी के करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को अधिक मूल्य चुकाना पड़ रहा है।

रसोई गैस सिलेंडर का बिल कंपनी के सॉफ्टवेयर से निकला है। हमारा काम केवल प्रिंट लेना है। गोदाम से सीधे सिलेंडर लेने पर तीनों कंपनियों की रेट अलग अलग आ रही है। इस बारे में पेट्रोलियम कंपनियों को अवगत कराया गया। लेकिन कुछ नहीं हुआ।

-कार्तिकेय गौड़, महासचिव, राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन


यह पेट्रोलियम कंपनियों की मनमर्जी है। अगर कोई एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स किसी से 1 रुपया भी अधिक ले ले तो उस पर जुर्माना लगा दिया जाता है। यहां कंपनियां खुद ओवर चार्जिंग कर रही है। लेकिन कोई नहीं सुन रहा।
-दीपक गहलोत, अध्यक्ष, राज. एलपीजी डिस्ट्री. फेडरेशन


गोदाम से सिलेंडर लेने पर रेट में अन्य कंपनियों के मुकाबले फर्क आ रहा है। इसकी मुझे जानकारी नहीं है। अगर कहीं ऐसा है तो इस मामले की जांच की जाएगी। ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं है।
-संजय शर्मा, सीनियर रीजनल मैनेजर, एचपीसीएल