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5-5 लाख रुपए लेकर कुक और स्वीपर पद पर सिलेक्शन, भर्तियों में गड़बड़ी

कमांडेंट और बोर्ड के अधिकारियों ने 5-5 लाख रुपए लेकर अभ्यर्थी का चयन किया है।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 05:03 AM IST

जयपुर. आर्म्ड बटालियन (आरएसी) धौलपुर में कुक व स्वीपर की हाल ही हुई सीधी भर्ती में अभ्यर्थियों से 5-5 लाख रु. रिश्वत लेकर चयन करने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस संबंध में कुछ अभ्यर्थियों ने पुलिस मुख्यालय को शिकायत की। आरोप था कि कमांडेंट व बोर्ड के अधिकारियों ने 5-5 लाख रुपए लेकर अभ्यर्थी का चयन किया है। शिकायत के बाद एडीजी आरएसी ने मामले की जांच के लिए आरएसी सातवीं बटालियन भरतपुर के कमांडेंट कल्याण मल मीणा को निर्देश दिए थे।

- उन्होंने अपनी जांच में फर्जीवाड़ा कर अभ्यर्थियों का चयन करना माना और पिछले सप्ताह जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप दी।

- प्रारंभिक तौर पर फर्जीवाड़ा सामने आने पर एडीजी के नरसिम्हा राव ने मामले की जांच एसीबी से कराने का निर्णय लिया है।

- दरअसल, धौलपुर आरएसी छठी बटालियन के कमांडेंट ने नवंबर में माह 11 स्वीपर व 3 कुक के पदों के लिए आवेदन मांगे थे।


- छठी बटालियन कमांडेंट का चार्ज अभी डिप्टी कमांडेंट हिम्मत सिंह के पास है। दिसंबर माह में दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के बाद इंटरव्यू लेकर अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया।

- अधिकारियों ने ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया, जिनकी योग्यता नहीं है और न ही अनुभव है। जबकि योग्य अभ्यर्थियों काे नजरअंदाज कर दिया गया।

- पुलिस मुख्यालय ने प्रारंभिक जांच में आरएसी छठी बटालियन के कमांडेंट व चयन बोर्ड में शामिल अफसरों की भूमिका को संदिग्ध माना है।


आरएसी कर्मियों के बेटे और रिश्तेदारों का चयन
- पंकज सिंह बघेला का चयन स्वीपर के पद पर किया है। पंकज फोर्स क्लर्क बहादुर सिंह का बेटा है।
- अलाउद्दीन का चयन कुक के पद पर किया गया। वह कांस्टेबल फखरुद्दीन का बेटा है।
- महेन्द्र सिंह का चयन कुक पद के लिए किया गया। वह कांस्टेबल मुनेन्द्र का भाई है।
- गजेन्द्र सिंह का चयन स्वीपर के पद पर किया। गजेंद्र का भाई मुकेश कांस्टेबल है।
- रहीश खां का चयन स्वीपर के पद पर किया है। रहीश हैडकांंस्टेबल निजाम का भांजा है।

जांच में ये साबित
- जांच में सामने आया कि कुक के तीनों पदों के लिए अंकित शर्मा, अलाउद्दीन व महेन्द्र ने आवेदन किया। तीनों ने जगन व आशीर्वाद होटल के दस्तावेज लगाए। जांच अधिकारी ने दोनों होटल प्रबंधनों से बात की तो सामने आया कि तीनों यहां काम करते थे, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं है।
- स्वीपर व कुक के पदों पर आरएसी कर्मियों के ही बेटों व रिश्तेदारों का चयन किया गया है।
- सामान्य के पदों पर आेबीसी अभ्यर्थियों का चयन।
- 12 साल से आरएसी में स्वीपर विजय का चयन नहीं। जिनके पास अनुभव नहीं, उनका चयन।


जांच जारी
एक शिकायत मिली थी। इसकी विभागीय जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- के नरसिम्हा राव, एडीजी आरएसी, पुलिस मुख्यालय