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अचानक पलटा मौसम, पूर्वी राजस्थान में बेमौसमी बारिश और ओले

फसलों में 60 से 90 फीसदी तक के नुकसान का अंदेशा, फसलें बदरंग किसानों का रंग उड़ाया

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 03:45 AM IST
सीकर : श्रीमाधोपुर के जोरावरनगर में ओले। सीकर : श्रीमाधोपुर के जोरावरनगर में ओले।

जयपुर. धुलंडी के दो दिन बाद रविवार को मौसम ने मानो पूर्वी राजस्थान के साथ ‘ओलामार’ होली खेली। सरसों, गेहूं, जौ की खेतों में पककर खड़ी फसलों को बदरंग कर दिया। किसानों के चेहरों का रंग उड़ा दिया। झुंझुनूं, चूरू, सीकर, अलवर व भरतपुर में 60 से 90% तक के नुकसान का अंदेशा है। पूर्वी राजस्थान के इन जिलों के अलावा नागौर में भी ओले गिरे।


बेमौसमी बारिश-ओलों का असर प्रदेश के कई इलाकों तक दिखा। जयपुर में बादल छाए और शीतलहर शुरू हो गई। कई अन्य शहरों में आंधी चली और बूंदाबांदी हुई। चूरू में दिन का पारा एकसाथ 7.9 डिग्री तक गिर गया। जयपुर में अधिकतम तापमान में 2.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यहां दिन का पारा 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

सीएम ने दिए गिरदावरी के निर्देश
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ओलावृष्टि प्रभावित जिलों में फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के अधिकारियों एवं प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स को नुकसान का आकलन कर जल्द रिपोर्ट भिजवाने को कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

अगले 48 घंटे

मौसम विभाग की मानें तो चक्रवाती हवाओं के कारण मौसम पलटा। पिछले चार-पांच दिन से बढ़ रहे तापमान से वाष्पीकरण हुआ और पश्चिमी विक्षोभ के कारण आई हवाओं से मिलकर चक्रवाती हवाओं ने रुख बदला। अगले 48 घंटे तक कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के अलावा आंधी व शीतलहर चल सकती है।

ओलों से फसलें गिर गईं।  बालियाें से दाने बिखर गए। ओलों से फसलें गिर गईं। बालियाें से दाने बिखर गए।