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6 माह के मासूम के सामने पिता की मौत, मां के आंचल ने बेटे ऐसे बचाई जिंदगी

मां ने बच्चे को सीने से यूं चिपकाया कि मासूम को खरोंच तक नहीं आईं

Dainik Bhaskar

Feb 17, 2018, 01:47 AM IST
घायल महिला को ले जाती एंबुलेंस और इनसेट में रिलेटिव की गोद में मासूम घायल महिला को ले जाती एंबुलेंस और इनसेट में रिलेटिव की गोद में मासूम

बांदीकुई(अलवर). अलवर-सिकंदरा मेगा हाइवे पर सांई मंदिर के पास शुक्रवार दोपहर ओवरटेक के चक्कर में गलत दिशा में आए एक स्कार्पियों चालक ने दो बाइकों के टक्कर मार दी। इसमें दंपती सहित तीन जनों की मौत हो गई। घटना के बाद चालक फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया तथा पूछताछ के लिए थाने ले आई। दोपहर दो बजे मेगा हाइवे पर सांई मंदिर के पास सिकंदरा की ओर जा रही स्कार्पियों ने ओवरटेक के चक्कर में गलत दिशा में आकर मुकरपुरा की ओर जा रही दो बाइकों को टक्कर मार दी। इसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायल महिला की देर शाम जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।

मां ने बच्चे को सीने से यूं चिपकाया कि मासूम को खरोंच तक नहीं आईं

- अलवर-सिकंदरा मेगा हाइवे पर स्कार्पियो की टक्कर से घायल मां सुशीला ने अपने छह माह के बच्चे को खरोंच तक नहीं आने दी।

- वह स्कार्पियो की टक्कर से उछलकर 12 फीट नीचे खेत में जा गिरी। मां ने अपने बेटे को कलेजे से ऐसे चिपकाए रखा कि उसके खरोंच तक नहीं आई, खुद गंभीर रूप से घायल हो गई।

- बच्चा मां की बाहों व आंचल में पूरी तरह सुरक्षित रहा। पति सुरेश सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों पति-पत्नी बच्चे काे डॉक्टर को दिखाकर दवा लेकर लौट रहे थे।

- घटना स्थल पर एकत्र लोग भी यह वाकिया देखकर अचंभित थे। हॉस्पिटल में आए परिजन व रिश्तेदारों के भी रोंगेटे खड़े हो गए। सभी सुशीला के बचने की दुआएं कर रहे थे। जिंदगी से संघर्ष करते वक्त जब बच्चे की रोने की आवाज सुनकर सुशीला का दर्द और बढ़ जाता। फैमिली व रिश्तेदार बेचैन हो उठते।

राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुए थे सिलेक्ट

- ससुराल व पीहर पक्ष के लोगों के आंसू तक नहीं रुक रहे थे। इस बीच जब हॉस्पिटल स्टाफ ने सुशीला की मौत की खबर सुनाई तो परिजनों की सांसे भी थम सी गई।

- एक दूसरे को ढांढस बंधाने के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं था। सुरेश सैनी स्काउट का रोवर था तथा उसका चयन राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुआ था।

- छात्रसंघ अध्यक्ष इंद्रजीत प्रभाकर ने बताया कि करीब दो माह में उसे यह पुरस्कार मिलने वाला था। अपनी और परिवार की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए सुरेश नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

अस्पताल में लगी भीड़, रो-रो कर बुरा हाल

- घटना के बाद राजकीय अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान मृतकों के परिजन राजकीय अस्पताल पहुंच गए। यहां उनका रो-रो कर बुरा हाल था।

भात की तैयारियों में जुटा था रविशंकर

- रविशंकर की बुआ के बेटे की आने वाले कुछ दिनों में ही शादी है। इसे लेकर मृतक शादी को लेकर भात की तैयारी में जुटा हुआ था। रविशंकर का सीआरपीएफ में चयन हो चुका था।

अस्पताल में लगी भीड़, रो-रो कर हुआ बुरा हाल अस्पताल में लगी भीड़, रो-रो कर हुआ बुरा हाल
घायल महिला को ले जाती एंबुलेंस।  घायल महिला को ले जाती एंबुलेंस। 
रिलेटिव की गोद में मासूम रिलेटिव की गोद में मासूम
हादसे में क्षत्रिग्रस्त बाइक्स। हादसे में क्षत्रिग्रस्त बाइक्स।
पुलिस ने बताया कि स्कार्पियो ने ओवरटेक के चक्कर में गलत दिशा में आकर बाइकों को सामने से टक्कर मारी है। पुलिस ने बताया कि स्कार्पियो ने ओवरटेक के चक्कर में गलत दिशा में आकर बाइकों को सामने से टक्कर मारी है।
सुरेश सैनी (25) सुरेश सैनी (25)
रविशंकर गुर्जर (19) रविशंकर गुर्जर (19)
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घायल महिला को ले जाती एंबुलेंस और इनसेट में रिलेटिव की गोद में मासूमघायल महिला को ले जाती एंबुलेंस और इनसेट में रिलेटिव की गोद में मासूम
अस्पताल में लगी भीड़, रो-रो कर हुआ बुरा हालअस्पताल में लगी भीड़, रो-रो कर हुआ बुरा हाल
घायल महिला को ले जाती एंबुलेंस। घायल महिला को ले जाती एंबुलेंस। 
रिलेटिव की गोद में मासूमरिलेटिव की गोद में मासूम
हादसे में क्षत्रिग्रस्त बाइक्स।हादसे में क्षत्रिग्रस्त बाइक्स।
पुलिस ने बताया कि स्कार्पियो ने ओवरटेक के चक्कर में गलत दिशा में आकर बाइकों को सामने से टक्कर मारी है।पुलिस ने बताया कि स्कार्पियो ने ओवरटेक के चक्कर में गलत दिशा में आकर बाइकों को सामने से टक्कर मारी है।
सुरेश सैनी (25)सुरेश सैनी (25)
रविशंकर गुर्जर (19)रविशंकर गुर्जर (19)
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