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दर्जन भर रिमाइंडर, फिर भी कांस्टेबलों के प्रमोशन का ड्राफ्ट अब तक नहीं बना

Bhaskar News | Last Modified - Dec 31, 2017, 03:28 AM IST

गृह मंत्री ने डेढ साल पहले दिए थे आदेश, पुलिस मुख्यालय में अब तक पालना नहीं
दर्जन भर रिमाइंडर, फिर भी कांस्टेबलों के प्रमोशन का ड्राफ्ट अब तक नहीं बना

जयपुर. पुलिस महकमे के मुखिया गृहमंत्री की ही पुलिस मुख्यालय(पीएचक्यू) नहीं सुन रहा है। मामला पुलिस कांस्टेबल से लेकर उप निरीक्षक तक के प्रमोशन का है। ये प्रमोशन अभी विभागीय परीक्षा से हाेते हैं। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने डेढ़ साल पहले पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव को निर्देश दिए थे कि ये प्रमोशन अब विभागीय परीक्षा की जगह अन्य सरकारी विभागों की तरह डीपीसी के जरिए ही होने चाहिए। उन्होंने 15 दिन में डीपीसी से प्रमोशन का ड्राफ्ट तैयार कर पेश करने को कहा था।

इसके बाद गृह मंत्री एक दर्जन बार पुलिस मुख्यालय और गृह सचिव को रिमाइंडर भी भेज चुके है। छह मीटिंग हो चुकी हैं। इसके बावजूद अभी तक ड्राफ्ट तैयार नहीं हो पाया है। इस बारे में आखिरी मीटिंग इस साल 10 अक्टूबर को बुलाई थी लेकिन जब अधिकारी ड्राफ्ट लेकर नहीं पहुंचे तो गृहमंत्री ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। बैठक के लिए तात्कालीन डीजीपी, प्रमुख गृह सचिव, एडीजी कार्मिक और हैड क्वार्टर पहुंचे थे।

गौरतलब है कि वर्तमान में पुलिस में प्रमोशन केवल विभागीय परीक्षा के आधार पर ही किया जाता है। इसके चलते कई कांस्टेबल तो अपनी चालीस साल की सेवा के बाद भी कांस्टेबल से ही रिटायर हो रहे हैं। ऐसेे में विभागीय अनुभव तो इनके पास ज्यादा है लेकिन परीक्षा पास नहीं कर पाने के कारण वो एक ही पद पर बने रहते हैं। इससे इनमें निराशा की भावना पैदा होती है।

गृहमंत्री ने दिया था 50% प्रमोशन डीपीसी से करने का आदेश

27 अप्रेल 2016 को गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने पुलिस मुख्यालय को आदेश दिया कि पुलिस में कांस्टेबल से लेकर उप निरीक्षक तक की सेवाओं में पचास प्रतिशत पद प्रमोशन वरिष्ठता से किए जाएं और बाकी पचास प्रतिशत के लिए परीक्षा के आधार पर योग्यता से चयन किया जाए। इसके लिए पन्द्रह दिन में ड्राफ्ट तैयार कर देने को कहा था। इस मीटिंग में तात्कालीन डीजीपी मनोज भट्ट, एडीजी मुख्यालय और कार्मिक हेमन्त पुरोहित और प्रमुख गृह सचिव दीपक उप्रेती भी मौजूद थे।

132 सेवाओं में डीपीसी से होता है प्रमोशन
प्रदेश की कुल 133 सेवाओं में केवल पुलिस महकमा ही एेसा है जहां पर विभागीय पदोन्नति में वरिष्ठता के बजाय परीक्षा के आधार पर प्रमोशन किया जाता है। जबकि 132 सेवाओं में डीपीसी से प्रमोशन किए जाते हैं। यही नही हमारे पड़ौसी राज्य गुजरात, मध्यप्रदेश और हरियाणा पुलिस में भी वरिष्ठता से ही प्रमोशन का प्रावधान किया हुआ है।


30 पुलिस अधीक्षक ने भी की वरिष्ठता से प्रमोशन की सिफारिश
वरिष्ठता को आधार मानकर पुलिस में पदोन्नति करने के गृहमंत्री के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों से भी एक सरकुलर जारी कर राय मांगी थी। इसमें राज्य के चालीस में से 30 पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त ने वरिष्ठता के आधार पर ही प्रमोशन करने की सिफारिश की थी।

वरिष्ठता से होंगे प्रमोशन, संशोधन करेंगे : डीजीपी
पुलिस विभाग में कांस्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर तक के पद पर वरिष्ठता से प्रमोशन करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए नियमों में संशोधन किए जाएंगे। नियमों में बदलाव के संबंध में ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इस ड्राफ्ट को सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार स्तर पर नियमों में संशोधन के बाद ही वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन के नियम बन सकेगा।
-ओपी गल्होत्रा, डीजीपी

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Web Title: drjn bhar rimaaindar, fir bhi kansteblon ke prmotion ka draaft ab tak nahi bana
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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